2019 शिक्षक दिवस के लिए भाषण व निबंध Teachers Day Speech Essay in Hindi

2019 शिक्षक दिवस के लिए भाषण व निबंध Teachers Day Speech Essay in Hindi

आप लोग इससे अपने परीक्षा और उत्सव समारोह दोनों के लिए मदद ले सकते हैं। हमारे जीवन में शिक्षक दिवस का महत्व बहुत ज्यादा है।

शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनायें …

शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) अलग-अलग देशों में अलग-अलग दिन मनाया जाता है। हमारे देश भारत में Shikshak Diwas प्रतिवर्ष 5 सितम्बर को मनाया जाता है। इस पोस्ट के माध्यम से हम उन स्कूल या विद्यालय के छात्रों की मदद करना चाहते हैं जो अपने शिक्षकों को अगले शिक्षक दिवस में अच्छे से बधाई और सम्मान देना चाहते हैं। इस पोस्ट में हमने आपके लिए Teachers Day Speech in Hindi और साथ ही Teachers Day Essay in Hindi तैयार किया है जो आपको ज़रूर पसंद आयेगा।

ज़रूरी नहीं है की यह निबंध और भाषण आपको शिक्षक दिवस में काम आएगा बल्कि यह एक ऐसा विषय है जो हम सब को ज्ञात होना चाहिए। साथ ही आप अपने परीक्षा के लिए भी इस पोस्ट के Essay और Speech से मदद ले सकते हैं और अपने Mobile या Computer में PDF file Download करके भी रख सकते हैं।

शिक्षक दिवस के लिए भाषण व निबंध Teachers Day Speech Essay in Hindi

शिक्षक दिवस 2019 कब है? When Teachers Day 2019 Celebrated?

Teachers’ Day 2019 in India : Tuesday, 5 September

शिक्षक दिवस पर निबंध Teachers Day Essay in Hindi

यह कहा जाता है कि दुनिया में एक शिक्षक या अध्यापक बनने से बड़ा और कोई कार्य नहीं। यह विश्व का सबसे महान पेशा या व्यवसाय है। प्रतिवर्ष 5 सितम्बर को पुरे भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है और शिक्षकों को सम्मान दिया जाता है।

यह हर साल पूर्व राष्ट्रपति श्री डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिवस के दिन मनाया जाता और उन्हें याद किया जाता है। उनके इस जयंती के दिन समाज और देश के विकास में शिक्षकों के योगदान और अध्यापक पेशे के बड़प्पन पर प्रकाश डाला जाता है।

शिक्षक दिवस शिक्षकों और छात्रों के रिश्तों को और भी अच्छा बनाने का एक महान अवसर होता है जो बहुत ही ख़ुशी के साथ मनाया जाता है। आज कल इसको बहुत ही उत्साह और ख़ुशी के साथ स्कूलों, कॉलेजों,  यूनिवर्सिटी और अन्य शिक्षा संस्थानों में धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन विद्यार्थी अपने शिक्षकों की लम्बी उम्र की कामना करते हैं।

आज के इस आधुनिक युग में शिक्षक दिवस का स्टाइल और स्तर बहुत ही बदल चूका है। विद्यार्थी अपने शिक्षकों को बधाई देने के लिए तरह-तरह की योजना बनाते हैं। कुछ छात्र अपने पसंदीदा शिक्षकों को तौफा, ग्रीटिंग कार्ड, पेन, डायरी, इत्यादि दे कर बधाई देते हैं तो कुछ छात्र ऑडियो मेसेज, ईमेल, विडियो मेसेज, लिखे हुए पत्र, ऑनलाइन चेट या सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई देते हैं।

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हमें अपने जीवन में शिक्षकों के मूल्यों को समझना और महसूस करना चाहिए और दिल से सम्मान के साथ शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष मानना चाहिए। शिक्षक हमारे माता-पिता से भी बढ़ कर हैं जो हमें हमेशा सफलता की राह दिखाते हैं।

वे तभी खुश होंगे और स्वयं को सफल मानेंगे जब उनके छात्र आगे बढ़ेंगे और सफलता प्राप्त करके उनका नाम पुरे विश्व भर में फैला देंगे। हमें अपने शिक्षकों से मिले सभी अच्छे सुविचारों का पालन करना चाहिए यही उनके लिए सबसे सम्मान की बात है।

शिक्षक दिवस पर भाषण 1 Teachers Day Speech in Hindi

सम्मानित शिक्षकों और मेरे प्रिय साथियों को सुप्रभात। आप सभी तो जानते ही हैं आज हम सब यहाँ क्यों इकट्ठा हुए हैं और सम्मलेन कर रहे हैं। आज हम सब शिक्षक दिवस मनाने और हमारे देश का भविष्य बनाने के लिए कठिन प्रयास करने वाले हमारे सभी शिक्षकों को दिल से सम्मान देने के लिए यहाँ हैं। मैं अपने सभी शिक्षकों को आदर के साथ प्रणाम करता हूँ।

आज 5 सितम्बर है और आज के दिन हम शिक्षक दिवस बहुत ही ख़ुशी और उत्साह के साथ धूम-धाम से मनाते हैं। सबसे पहले में अपने कक्षा के शिक्षकों का आभार व्यक्त करना चाहता हूँ की उन्होंने मुझे इतना बड़ा मौका दिया कि आज में इस महान अवसर पर अपने कुछ शब्द आप सभी के समक्ष रख सकूं।

शिक्षक दिवस का महत्व Importance of Teacher’s day Hindi

दोस्तों, आज शिक्षक दिवस है और इसीलिए आज मैं आप सभी को शिक्षक दिवस के महत्व के बारे में कुछ बताना चाहता हूँ।

5 सितम्बर को हर साल पूरे भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वास्तव में 5 सितम्बर को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जयंती के रूप में मनाया जाता है। वे एक महान विद्वान और शिक्षक थे। बाद में वे भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और उसके बाद राष्ट्रपति बने।

पुरे देश भर में इस दिन शिक्षकों को सम्मान दिया जाता है और उनके महान कार्यों को प्रकाश किया जाता है। यह सच है कि शिक्षक इस समाज के लिए रीड की हड्डी हैं। उनका विद्यार्थियों के चरित्र को अच्छा बनाने में बहुत हाँथ है जिससे की वे एक अच्छे भारत के नागरिक बन सकें।

शिक्षक अपने छात्रों को ध्यानपूर्वक और ईमानदारी से अपने बच्चो के जैसे शिक्षा प्रदान करते हैं। यह एक दम सही कहा गया है कि शिक्षक का स्थान माता-पिता से भी बढ़ कर होता है। माता-पिता बच्चों को जन्म देते हैं और शिक्षक उन्हें सही ढांचे में डाल कर उनका भविष्य उज्जवल बनाते हैं।

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हमें कभी भी अपने शिक्षकों को नहीं भूलना चाहिए। हमें उन्हें हमेशा सम्मान उर प्रेम देना चाहिए। हमारे माता-पिता हमें प्यार और हमारा अच्छे से देखभाल करते हैं और शिक्षक हमें सफलता के रास्ते पर भेजने की हर के कोशिश करते हैं।

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वे हमें हमारे जीवन में शिक्षा के महत्व और ज़रुरत को समझाते हैं। वे हर एक विद्यार्थी के लिए प्रेरणादायक स्त्रोत होते हैं और उनके अनमोल विचार हम सभी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। चलो दोस्तों, साथ मिलकर आज हम अपने सभी माननीय शिक्षक गणों को उनके इस महान कार्य के लिए आभार व्यक्त करें और उनसे आशीर्वाद ले कि उनके निर्देश और सलाह हमें सफलता की अनंत ऊंचाई प्राप्त हो सके।

धन्यवाद !

Shikshak Diwas Par Bhashan 2

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय समस्त सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे मित्रों मैं आप सभी का इस शुभ अवसर जिसे हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं, मैं तहे दिल से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं ।

जैसा कि आपको पता है यह समारोह भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, द्वितीय राष्ट्रपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद जिन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन दिवस पर मनाते हैं  डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुतनी गांव में हुआ था। और आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि अपने पढ़ाई के दौरान ही इन्होंने बाइबल के महत्वपूर्ण भाग को याद कर लिया था जिसके लिए इन्हें विशिष्ट योग्यता के सम्मान से सम्मानित किया गया था ।

मैं सभी को हमारे डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए यह बताने में भी हर्ष का अनुभव कर रहा हूं की डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने अपने जीवन के अमूल्य 40 वर्ष एक शिक्षक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वाहन कर देश एवं समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया , और वे पूरे विश्व को एक विद्यालय मानते थे और उनका मानना यह भी था कि मनुष्य के मस्तिष्क का सदुपयोग शिक्षा के द्वारा ही किया जा सकता है  उनके इसी शिक्षा के प्रेम और लगन के कारण ही का जन्मदिन प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है ।

उनका मानना यह था कि हमारे माता पिता हमें जन्म देते हैं एवं जीवन यापन की सुख सुविधा उपलब्ध कराते हैं परंतु शिक्षक हमारे उस अभिभावक की तरह है जो अपने ज्ञान रूपी दीपक की तरह है जो हमारे अंधकारमय जीवन को प्रकाशित कर एक उज्जवल भविष्य प्रदान करता है जिससे कि हम आगे चलकर अपने समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वाहन पूरी ईमानदारी के साथ कर सके और साथ ही साथ एक सुदृढ़ एवं सशक्त समाज का निर्माण भी कर सकें।

जिस तरह से जीने के लिए हमारे शरीर को भोजन की आवश्यकता होती है और हम से विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व को प्राप्त कर जीवित रहते हैं उसी प्रकार जीवन में आगे बढ़ने और आने वाली कठिनाइयों का सामना करने के लिए एक शिक्षक का होना अति आवश्यक है जिससे कि हम उसके द्वारा सद्गुणों को सीख सके। जिस प्रकार एक शिल्पकार बेकार पत्थरों को अपनी निष्ठा और मेहनत से उसे अपनी छीनी और हटौड़ी की चोट से एक सुंदर मूर्ति का रूप देता है उसी प्रकार शिक्षक भी हमारे अंदर के बुराइयों को अलग कर हमें एक बेहतर इंसान बनाता है।

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एक शिक्षक समाज की समस्याओं के समाधान के सागर के समान है जिससे अपने जीवन के समस्त समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं और हमें अपनी समस्त समस्याओं को अपने शिक्षक से साझा अवश्य करना चाहिए जिससे कि वह हमें उचित राय दे सके और हमें उस समस्या से निजात मिल सके  या हम यूं कहें कि शिक्षक समाज के रीढ़ की हड्डी के समान है जो समस्त समाज के आधार का कार्य करता है  और जिसके बिना एक बेहतर समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है और शिक्षक हमें जब कभी डांटे तो हमें नाराज नहीं होना चाहिए क्योंकि उनकी यह डांट हमारे भविष्य को संवारने के लिए होती है जबकि अंदर से वह हमसे उतना ही प्यार करते हैं जितना कि हमारे माता पिता। उनका हमारे प्रति ये सख्त रवय्या हमारे अंदर की बुराइयों को समाप्त करने के लिए होता है।

आज हम सभी शिक्षक के इस अमूल्य योगदान के लिए अपने धन्यवाद एवं हमारे हृदय मैं उनके लिए जो अगाध प्रेम एवं सम्मान है उसे व्यक्त कर उन से यह निवेदन करते हैं कि वह इसी तरह अपना प्यार और आशीर्वाद देते रहें और हमारे जीवन के अंधकार को समाप्त कर एक बेहतर नागरिक बनने मैं हमारी सहायता करें और आज इस अवसर पर सब मिलकर एक दृढ़ निश्चय करें की जीवन की बड़ी से बड़ी उपलब्धियों को प्राप्त कर अपने शिक्षक एवं माता पिता का नाम विख्यात करेंगे ।

हमारे समाज को अच्छा बनाने और सुधारने में शिक्षक की बहुत  बड़ी भूमिका होती हैइस शुभ अवसर पर हम अपने शिक्षकों को उनके सम्मान और आदर के लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम करते है। इनके जन्म दिवस को ही हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं इस दिन हम अपने शिक्षक की सराहना करते हैं और उनका मनोबल बढ़ाते हैं। अंत में यह भाषण को खत्म करते हुए मैं सुजाता मिश्रा जी की कुछ पंक्तियां  पढ़ना चाहूंगा।

गुरु आपकी ये अमृत वाणी
हमेशा मुझको याद रहे
जो अच्छा है जो बुरा है
उसकी हम पहचान करे
मार्ग मिले चाहे जैसा भी
उसका हम सम्मान करे
दीप जले या अँगारे हो
पाठ तुम्हारा याद रहे
अच्छाई और बुराई का
जब भी हम चुनाव करे
गुरु आपकी ये अमृत वाणी
हमेशा मुझको याद रहे 
( सुजाता मिश्रा 

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