हंस पर निबंध Essays on Swan in Hindi

इस लेख में हमने हंस पर निबंध Essays on Swan in Hindi लिखा है। इसमे आप हंस के विषय में जानकारी, हंस और बतख में अंतर, रोचक तथ्य, राज हंस, और हंस पर कविता पढ़ सकते हैं।

हंस पर निबंध Essays on Swan in Hindi

हंस पक्षियों में सबसे बड़े आकार का पक्षी होता है, परन्तु यह ज्यादा देर तक और अधिक ऊंचाई पर नही उड़ पाता है। इसका  निवास स्थान तालाब, नदिया, नहरें आदि होता है। जल में निवास करने के कारण इसे जलचर पक्षी कहा जाता है।

प्रकृति में शर्मीले स्वभाव के कारण यह इंसानों के पास आने पर उनसे दूर भाग जाता है। यह अधिकतर ग्रुप में ही निवास करते है, यह बहुत ही खूबसूरत पक्षी होता है, यह एक सर्वाहरी पक्षी है यानि यह मांसाहारी और शाकाहारी दोनों प्रकार का भोजन करता है।

हंस का भोजन What Do Swan Eat?

इसका भोजन मुख्यः छोटी मछलियां, कीड़े-मकोड़े, फलों के बीज, ईल घास, हरे शैवाल इत्यादि है।

हंस की विशेषताएं Characteristics of Swan

यह अधिकतर सफेद रंग का होता है परन्तु अन्य देशों में इसका रंग काला भी होता है काले रंग का हंस ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का मूल निवासी है। इसकी चोच का रंग नारंगी होती है परन्तु अन्य प्रांतों में इसकी चोच का रंग लाल, पीला और काला भी हो सकता है, इसकी गर्दन सुराही की तरह पतली और लंबी होती है।

शरीर के मुकाबले इसकी आंखें और मुंह बहुत छोटा होता है और आंखों का रंग काला होता है। इसका बजन अधिकतम 12 किलो तक हो सकता है तथा इसका जीवनकाल अधिकतम 10 वर्षों का होता है।

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इसके पैर छोटे और झिल्लीदार होते है जिससे यह पानी में अच्छी तरह से तैर पाता है। हंसो के बारे में प्रचलित है कि यह मानसरोवर में रहते हैं और मोती चुगते हैं। हंस को सभी पक्षियों में सबसे पवित्र पक्षी माना जाता है।

हंस के बारे में कुछ मुख्य जानकारी Information About Swan in Hindi

हंस पक्षी सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसकी हत्या करना हिन्दू धर्म में बहुत बड़ा पाप है। इसकी सुंदरता की ओर सभी आकर्षित होते है।

यह कभी भी किसी को नुकसान नहीं पहुँचाते है परतुं सेल्फ डिफेन्स में यह उसका पीछा करते है और काटते हैं यदि कोई इनको परेशान करता है। यह बहुत ही सूझबूझ और समझदारी से अपने जीवन साथी का चुनाव करते है और अपना सम्पूर्ण जीवन आंनद से बिताते है।

हंस बहुत ही विवेकशील और चतुर स्वभाव का पंछी होता है। हंस हमेशा जोड़े में दिखाई देता है। ये मानसरोवर की झीलों में पाए जाते हैं। हंस शरद ऋतु में नदियों, तालाबों और झीलों के किनारे पर दिखाई देते हैं। भारत में हंस की प्रजाति विलुप्त के कगार पर है।

पुराने समय के कुछ कवियों और विद्वानों द्वारा यह माना जाता है कि हंस नीर क्षीर पंछी होता है यानि हंस को अगर दूध में पानी मिलाकर पिलाया जाए तो हंस दूध को पी लेता है और पानी को छोड़ देता है।

इस प्रकार उसमे दुध और पानी को अलग करने की अदभुत क्षमता होती है। कुछ लोगों का मानना है कि हंस पंछी मोती चुगता है। ये सब काल्पनिक कहानियाँ है।

हंस और बतख में अंतर Swan Vs Duck in Hindi

वैसे तो हंस और बत्तख दोनों ही एक ही फैमिली के जलीय पक्षी होते है परन्तु अपने भिन्न गुणों के कारण यह एक दूसरे के अलग होते है। दोनों में निम्न अंतर देखे जा सकते है –

  • हंस की गर्दन बत्तख की तुलना में अधिक होती है।
  • वह प्रजनन के लिए जीवन में केवल एक ही साथी बनाते है जबकि बत्तख केवल एक सीजन के लिए।
  • हंस का आकार बत्तख के आकार से बड़ा होता है।
  • पक्षी हंस पानी में ज्यादा अन्दर जाकर शिकार नहीं कर सकते हैं, परन्तु कुछ बत्तख पानी के अंदर जाकर शिकार आसानी से कर सकती है।
  • हंस का एक ही सिग्नस जीनस होता है जबकि बत्तख के कई जीनस जैसे एक्स, एना आदि होते हैं।
  • इनके पंखों की लम्बाई काफी (करीब 3 मीटर) होती है जबकि बत्तख की काफी कम होती है।
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हंस पर रोचक तथ्य Facts About Swan in Hindi

नीचे पढ़ें हंस पर कुछ रोचक तथ्य –

  • हंस को हिंदू धर्म में से मां सरस्वती का वाहन माना गया है।
  • यह साल में सरोवर के पास झाड़ियों या घास में एक बार में 5 से 7 अंडे देता है।
  • अंडे देने के बाद मादा हंस उन पर तब तक बैठी रहती है जब तक उनसे बच्चे नहीं निकल आते है।
  • हंस के मुंह में दांत नहीं होते हैं इसलिए इस के काटने पर अधिक दर्द महसूस नहीं होता है परन्तु त्वचा में जलन जरूर महसूस होती है।
  • यह बहुत खूबसूरत पक्षी होता है एवं इसके पंख मखमल के कपड़े के सामान कोमल होते है।
  • हंस एक ऐसा पक्षी है जो कि पानी पर तैरते समय भी सो सकता है।
  • हंस के बच्चे तक़रीबन 35 से 40 दिन के भीतर अंडों से बाहर निकलते है।
  • इसके बच्चे को सिग्नेट (cygnets) कहा जाता है।
  • हंस के बच्चे का जन्म होने की 6 महीने तक वह अपनी मां के साथ ही रहता है।
  • हंस को अंग्रेजी भाषा में Swan और वैज्ञानिक भाषा में Cygnini कहा जाता है।

राजहंस क्या होता है? What is Rajhans (Ghoose) in Hindi?

राजहंस सुंदर गुलाबी या लाल पंखों वाला एक बड़ा पक्षी है, जो अपने लंबे पैरों और थोड़ी घुमावदार लंबी चोंच के लिए भी जाना जाता है। हंसो में सबसे बड़ा राजहंस गुलाबी राजहंस होता है जिसकी ऊंचाई करीब 1.2 – 1.5 मीटर तक होती है।

इसका वजन अधिकतम 3.5 किलोग्राम होता है एवं सबसे छोटा राजहंस केवल 0.8 मीटर का होता है और इसका वजन करीब 2.5 किलोग्राम होता है। राजहंस जिसे अंग्रेजी में फ्लेमिंगो कहा जाता है इसका विशिष्ट गुलाबी रंग इनके द्वारा खाए जाने वाले भोजन पर निर्भर करता है।

इनका भोजन शैवाल और चिंराट आदि होता है, इनमे रंजक पाया जाता है जो एक रंगद्रव्य हैं जो अपना नारंगी रंग देते हैं। भोजन करते समय यह अपने सर को पानी के भीतर करते हैं और अपनी चोंच के साथ पानी को खींचते हैं उनमे से पौष्टिक खाद्य पदार्थों को लेते है और छोटे बालों की तरह फिल्टर भोजन को बाहर निकालने और पानी छोड़ने में मदद करते हैं।

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इसकी लंबी लम्बी टांगें भोजन की तलाश में अपेक्षाकृत बड़ी गहराई पर भी उन्हें नीचे तक चलने में मदद करती हैं, जिससे उन्हें अन्य पक्षियों के लिए कुछ फायदे मिलते हैं। इनकी चीख बहुत तेज़ होती है। उड़ाने के दौरान, ये अपनी लंबी गर्दन और पैरों को एक सीधी रेखा में फैलाते हैं।

मादा और नर मिलकर एक घोंसला बनाते हैं जिसमे मादा सीजन के दौरान केवल एक ही अंडा देती है, जो दोनों नर और मादा राजहंस द्वारा संरक्षित किया जाता है। इनके उम्र करीब 20-30 वर्ष ही होती है।

हंस पर कविता Poem on Swan in Hindi

सोनल हंस की उड़ान

फूलों की घाटी में, यक्षों के गान हैं।
दिन सोनल हंस की उड़ान हैं।

सुबह नाव से उठते, मछुओं का गीत है।
शिकनभरे चेहरे का, फागुनी अतीत है।

बच्चों की आँखों की, भोली मुसकान है।
दिन सोनल हंस की उड़ान हैं।

दोपहरी अमराई में लेटी, छाँव है।
भुने हुए होलों की, खुशबू के ठाँव है।

चूड़ी के खनकभरे, पास के मकान हैं।
दिन सोनल हंस की उड़ान हैं।

शाम थकी-हुई चिड़िया का, नीड़ है।
सड़कों पर लौट रहे, पाँवों की भीड़ है।

हरी घास पर सोयी, ओस के निशान
डिब सोनल हंस की उड़ान हैं।

कवि – कुमार रवींद्र

निष्कर्ष Conclusion

ऊपर हमने जाना हंस पक्षी के बारे में हम उम्मीद करते है आपको लेख पसंद आया होगा। फिर भी आपको हंस पर निबंध Essays on Swan in Hindi कैसा लगा कमेंट करके जरुर बताये, अच्छा लगे तो आगे शेयर जरुर करें।

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