म्यूचुअल फंड और इसके फायदे What is Mutual Funds and its Benefits in Hindi

इस लेख में हम आपको म्यूचुअल फंड और इसके फायदे What is Mutual Funds and its Benefits in Hindi के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

म्यूचुअल फंड और इसके फायदे What is Mutual Funds and its Benefits in Hindi

म्यूचुअल फंड क्या है? What is Mutual Fund?

म्यूचुअल फंड को पारस्परिक निधि भी कहते हैं। यह एक प्रकार का समूह निवेश होता है जिसमे बहुत सारे निवेशक मिलकर फंड में पैसा लगाते हैं। इस फंड की देख रेख फंड प्रबंधक / मैनेजर करता है और हानि लाभ का हिसाब लगाता है। जमा की गई धनराशि को दूसरे प्रोजेक्ट, इक्विटी, मुद्रा बाजार, बांड व अन्य सिक्योरिटीज में निवेश कर दिया जाता है।

म्युचुअल फंड में हर निवेशक इकाइयों का मालिक होता है जो फंड के मल्कियत के हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। हानि या लाभ होने पर सभी निवेशकों को बराबर बांटा जाता है। लाभ होने पर उनके पैसे बढ़ते हैं जबकि हानि होने पर उनके पैसे कम हो जाते हैं।

म्यूचुअल फंड का हिसाब किताब म्युचुअल फंड कंपनी रखती है। वह निवेशकों से पैसा एकत्रित करती है और उसे बाजार में निवेश करती है। सारा कार्य फंड मैनेजर ही करता है। निवेशक को कोई चिंता करने की जरूरत नहीं होती है।

म्यूचुअल फंड में छोटे निवेशक 100 रूपये प्रति माह तक निवेश कर सकते हैं। यह पैसा उनके बैंक खाते से अपने आप कट जाता है। इस योजना को लेने के लिए उन्हें SIP (Systematic Investment Plan) सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान लेना होता है।

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म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें? How to Invest in Mutual Funds

आईये जानते हैं म्यूच्यूअल फण्ड में निवश करने के कुछ बेहतरीन टिप्स –

  1. किसी भी म्यूचुअल फंड में लंबे समय के लिए नियमित पैसा लगायें तभी आप म्यूचुअल फंड में पैसा कमा पाएंगे। कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के बारे में न सोचे।
  2. सारा पैसा एक ही फंड में ना लगाएं। अलग-अलग म्यूचुअल फंड्स में निवेश करें। डायवर्सिफाइड फंड में पैसा लगाएं।
  3. किसी भी फंड में एकमुश्त रकम ना लगाएं। थोड़ी थोड़ी रकम सभी फंड्स में निवेश करें।
  4. किसी भी फंड मैं पैसा लगाते समय पिछले 5 साल का रिकॉर्ड चेक करें। उसके बाद निवेश करें।
  5. फंड में लंबे समय तक एक निश्चित राशि लगाते रहे। इसलिए आप वही पैसा म्यूचुअल फंड्स में लगाएं जो आपके पास अतिरिक्त हो, जो आप आसानी से लगा सके। अपनी काम के आवश्यक पैसे को म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट ना करें।
  6. दोस्तों को देख कर किसी म्यूचुअल फंड में निवेश ना करें। आप खुद यह जांच करें कि उस फंड ने (जिसमे आप पैसा लगाने की योजना बना रहे है) पिछले 5 सालों में कैसा परफॉर्मेंस दिया है।
  7. म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते समय पहले यह निर्धारित करें कि कितने साल के लिए आपको निवेश करना है। यदि आप 1 से 2 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं तो उसके लिए अलग म्यूचुअल फंड होते हैं। यदि आप 5, 7, 10 सालों के लिए निवेश करना चाहते हैं तो उसके लिए दूसरे म्यूचुअल फंड्स होते हैं।
  8. किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय उससे जुड़े खर्चों के बारे में पता करें। एंट्री एग्जिट लोड, एसेट मैनेजमेंट चार्ज, एक्सपेंस रेशियो जैसे खर्चों को अच्छी तरह पता लगा ले। इन खर्चों की वजह से आपका मुनाफा कम हो सकता है। इसलिए पहले से ही इसके बारे में पता कर ले।
  9. किसी म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय फंड हाउस और मैनेजर का रिकॉर्ड चेक करें। यह देखें कि फंड हाउस कितने समय से काम कर रहा है। उसकी स्कीमों का परफॉर्मेंस कैसा है। बाजार में उस फंड की शाख कैसी है। उसे फंड मैनेज करने का कितना अनुभव प्राप्त है।
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म्यूचुअल फंड के फायदे  Mutual Funds Benefits

सुरक्षा

बहुत से लोगों का मानना है कि म्युचुअल फंड बैंक प्रोडक्ट्स और योजनाओं की तुलना में कम सुरक्षित होते हैं। पर यह सच नहीं है। म्यूचुअल फंड की निगरानी सरकारी संस्थाएं SEBI (Securities and Exchange Board of India ) करती है। वह म्युचुअल फंड कंपनियों की विश्वसनीयता की जांच करती है। इसलिए म्युचुअल फंड सुरक्षित होते हैं

टैक्स की बचत

म्यूचुअल फंड्स में निवेश कर टैक्स की बचत की जा सकती है। हर साल तक 1.5 लाख रुपए तक म्यूचुअल फंड्स में निवेश करके टैक्स की बचत कर सकते हैं।

फंड मैनेजर की जिम्मेदारी

म्यूचुअल फंड्स लेने के बाद आप निश्चिंत हो सकते हैं क्योंकि फंड को मैनेज करने की जिम्मेदारी फंड मैनेजर करता है। वह आपको बताता है कि किस फंड में निवेश करना चाहिए और कहां से पैसा निकाल लेना चाहिए। फंड मैनेजर का दायित्व होता है कि आपको अधिक से अधिक मुनाफा कमा कर दे।

कम निवेश की सुविधा

यदि आप बहुत अधिक निवेश नहीं करना चाहते तो आप कम निवेश भी कर सकते हैं। म्युचुअल फंड में 100 रूपये प्रतिमाह के हिसाब से भी निवेश किया जा सकता है। इसलिए यह छोटे निवेशकों के लिए सही होता है।

म्यूचुअल फंड से नुकसान Disadvantages of Mutual Funds

लॉक इन पीरियड

बहुत से म्यूचुअल फंड में 5 से 8 वर्ष का लॉक इन पीरियड होता है जिसमें आप योजना से बाहर नहीं निकल सकते हैं। यदि आप लॉक इन पीरियड से पहले ही अपना फंड निकालना चाहते हैं तो यह काफी खर्चीला होता है। समय से पहले पैसा निकालने पर आपको ब्याज भी नहीं मिलता है।

अतिरिक्त शुल्क

म्युचुअल फंड मैनेजर और बाजार विशेषज्ञ का वेतन का खर्च निवेशकों द्वारा दिए गए धन से निकाला जाता है इसलिए सभी निवेशकों को कुछ पैसा अतिरिक्त देना होता है।

मुनाफा बंट जाना

बहुत से लोग 7 से 8 म्युचुअल फंड में पैसा लगाते हैं। इस तरह उनका मुनाफा भी बंट जाता है। ये फंड बाजार पर आधारित होते हैं। इसमें लाभ हो सकता है और हानि भी।

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विभिन्न म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने से यह फायदा रहता है कि जोखिम की संभावना कम हो जाती है। क्योंकि आपका पैसा बहुत से फंड्स में लगा होता है। कुछ फल अच्छा परफॉर्म करते हैं तो कुछ घाटे में चले जाते हैं।

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