जीएसटी बिल क्या है? इसके नियम । टैक्स स्लैब GST Bill Details in Hindi PDF

जीएसटी बिल क्या है? इसके नियम । टैक्स स्लैब GST Bill Details in Hindi PDF । GST kya hai । Iske Fayde Nuksan

जीएसटी बिल क्या है? इसके नियम । टैक्स स्लैब GST Bill Details in Hindi PDF

राज्यसभा ने अंततः एक संवैधानिक संशोधन विधेयक पारित किया है,जो गुड्स और सर्विस टैक्स के रोल-आउट को सक्रिय बनाता है। आजादी के बाद माल और सेवा कर (जीएसटी) भारत में सबसे बड़ा कर सुधार का एक रूप माना जा रहा है।

सरकार ने 1 अप्रैल 2017 को इसके कार्यान्वयन की समय सीमा तय की है। इस लेख के द्वारा हम आपको जीएसटी और इसका प्रभाव आसान तरीके से बताएंगे।

जीएसटी बिल क्या है? इसके नियम । टैक्स स्लैब GST Bill Details in Hindi PDF । GST kya hai । Iske Fayde Nuksan

What is GST in Hindi? गुड्स और सर्विस टैक्स (जीएसटी) क्या है?

जीएसटी एक ऐसा कर है जो भारत में लगाए गए सभी मौजूदा अप्रत्यक्ष करों को बदल कर लगाया जाएगा। इन करों में बिक्री कर (VAT), एक्साइज ड्यूटी (CENVAT) सर्विस टैक्स, ऑक्ट्राय टैक्स, मनोरंजन कर, लक्ज़री टैक्स आदि शामिल हैं।

जीएसटी में दोहरी संरचना को प्रस्तावित किया गया है। इसमें दो घटक होंगे – सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी

सेंट्रल जीएसटी केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर और अतिरिक्त सीमा करों का स्थान ले लेगा और यह केंद्र द्वारा लगाया जाएगा।

राज्य जीएसटी, केंद्रीय राज्य कर, VAT, मनोरंजन कर, लक्जरी टैक्स, लॉटरी कर, बिजली शुल्क आदि का स्थान लेगा और यह राज्य द्वारा लगाया जाएगा।

जीएसटी बिक्री / खरीद के प्रत्येक चरण की श्रृंखला पर लगाया जाएगा।

उदाहरण के लिए: जैसे कि जीएसटी दर 10% है एक चिप्स बनाने वाले के कच्चे माल की कीमत 10 रु. है।

वह 10 रू. में आलू आदि के चिप्स बनाता है और इसे 20 रुपये में बेचता है। चिप्स निर्माता द्वारा जोड़ा गया मूल्य 10 रु. इस प्रकार, उसके द्वारा देय जीएसटी पुनः10% 1 रु. है। उसने यह अंतिम उपभोक्ताओं को 25 रु. में बेचा तो उसके द्वारा देय जीएसटी 5 रुपये का 10 % , 0.5 रु. हुआ ।

राज्य जीएसटी गंतव्य सिद्धांत का पालन करता है जो कि उस राज्य में लागू होगा जहां उत्पाद बेचा जाता है।

जीएसटी सभी अप्रत्यक्ष करों की जगह लेगा और सभी वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाएगा। अपवाद इस प्रकार हैं: पेट्रोलियम उत्पाद, मनोरंजन और पंचायत कर / नगर पालिका / जिला परिषद, अल्कोहल, स्टांप ड्यूटी, कस्टम ड्यूटी, खपत पर टैक्स और बिजली बिक्री इत्यादि।

जीएसटी के लाभ क्या हैं? GST Bill Benefits in Hindi?

जीएसटी को दुनिया भर के लगभग 140 देशों ने अपनाया है। इसके लाभ हैं:

सरलीकृत कर व्यवस्थाः वर्तमान में केंद्रीय और राज्य सरकार द्वारा लगाए गए कई अप्रत्यक्ष कर हैं और वे अलग-अलग राज्यों में भिन्न हैं। जीएसटी एकल और एकसमान टैक्स को शासन में लाकर भारत के कर ढांचे को सरल और तर्कसंगत बना देगा।

राजस्व में वृद्धि Increase in Revenue

एक साधारण कर व्यवस्था अनुपालन की लागत को कम करेगी और इसलिए करदाताओं की संख्या में वृद्धि होगी। यह कर राजस्व में वृद्धि करने में मदद करेगा इसके अलावा, कर आधार व्यापक होगा क्योंकि सभी वस्तुओं और सेवाओं को कुछ छूट के साथ लगाया जाएगा।

कर निर्धारण के व्यापक प्रभाव को कम करेगा Reduce the effect of Taxation

जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, जीएसटी में वैल्यू-वर्धित में लगाए गए कर एक समान हैं। जैसा कि पहले बताया जा चुका है। खरीदी और विक्री के प्रत्येक चरण में आपूर्तिकर्ता द्वारा चुकाए गए करों के खिलाफ बिक्री / खरीद के प्रत्येक चरण में कर वसूल किया जाएगा।

उदाहरण के लिए: मान लीजिए जीएसटी 10% है हमारे पहले उदाहरण के साथ जारी रखते हुए, अगर आप चिप्स का पैकेट बनाते हैं और इसे 20 रुपये के लिए बेचते हैं तो आपका जीएसटी 3 रुपये (30 रुपये का 10%) होना चाहिए।

लेकिन, यह कर केवल अतिरिक्त-मूल्य पर लगाया जाता है, और आपको पिछले स्तर में आपूर्तिकर्ता द्वारा पहले ही चुकाए गए जीएसटी के मूल्य पर टैक्स क्रेडिट का दावा करने की अनुमति दी जाएगी।

मान लें कि आपने चिप्स बनाने के लिए 10 रुपये का कच्चा माल खरीदा और आपूर्तिकर्ता ने पहले से ही उसका भुगतान किया है। जो कि जीएसटी के रूप में 1 रुपये होगा (10 रुपये का 10%)। इसलिए, चिप्स निर्माता टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकता है। वह 1 रुपये को छोड़कर जीएसटी के रूप में शेष 2 रुपये का भुगतान कर सकता है। इसप्रकार कोई व्यापक प्रभाव नहीं पड़ेगा और ‘कर पर कर’ का कोई बोझ भी नहीं पड़ता।

व्यवसाय करने में सुगमता Ease Business Procedures

वर्तमान में, कर प्रक्रियाओं में मतभेदों के कारण, राज्य की सीमाओं में व्यवसाय करना बहुत मुश्किल है। जीएसटी एक एकीकृत अर्थव्यवस्था की ओर ले जाएगा और व्यवसायों को आसानी से अपने संचालन का विस्तार करने की अनुमति देगा। यह भारत में विनिर्माण भी करेगा, विदेशी निवेश को आकर्षित करेगा और नौकरी सृजन के लिए नेतृत्व करेगा। फ्लिपकार्ट के संस्थापक, सचिन बंसल ने जीएसटी को भारत के लिए रिवर्स ब्रेक्सिट पल के रूप में वर्णित किया है।

जीडीपी में बढ़ोत्तरी Increase GDP

अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि जीएसटी का रोल-आउट 0.5% -2% तक जीडीपी को बढ़ावा देगा। क्योंकि यह राजस्व कर पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा और एकीकृत कर व्यवस्था पर आर्थिक प्रभाव डालेगा।

सर्वोत्तम आपूर्ति श्रृंखला के फैसले: वर्तमान में, सभी आपूर्ति श्रृंखला के निर्णयों में अप्रत्यक्ष करों के बोझ को कम करने के दृष्टिकोण से मार्गदर्शन किया जा रहा है। जीएसटी ब्याज दर के अंतर को दूर कर देगा।
भारत का रिवर्स ब्रेक्सिट: जीएसटी औपचारिक नौकरियों से लाखों का निर्माण करेगी

राज्य जीएसटी लागू क्यों नहीं करना चाहती ? Why Indian States do not want to Apply GST?

वित्तीय स्वायत्तता और राजस्व के नुकसान के भय के कारण राज्य जीएसटी लागू नहीं करना चाहती। इन्ही चिंताओं को दूर करने के लिए, केंद्र ने किसी भी हानि के लिए पहले 5 वर्षों के लिए राज्यों की क्षतिपूर्ति करने के लिए सहमती दे दी है।

जीएसटी को लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधन क्यों आवश्यक है? Why is a constitutional amendment necessary to implement GST?

सभी तरह के करों को लागू करने के लिए केंद्र और राज्यों को सक्षम करना आवश्यक है। जीएसटी सभी अप्रत्यक्ष करों को पूरा करेगा।
लेकिन, संविधान के अनुसार, केंद्रीय उत्पाद (उत्पाद शुल्क) और प्राथमिक आयात (सीमा शुल्क) के अलावा सामानों पर करों पर लगाया नहीं जा सकता था। राज्यों को सेवाओं पर कर लगाने का अधिकार नहीं है। इस समस्या को हल करने के लिए संविधान में संशोधन आवश्यक है।

(State Bank of India) SBI के नए Rules 1 June 2017 से क्या-क्या हैं? [Very Important]

(State Bank of India) SBI के नए Rules 1 June 2017 से क्या-क्या हैं? [Very Important] SBI New Rules 2017

(State Bank of India) SBI के नए Rules 1 June 2017 से क्या-क्या हैं? [Very Important] SBI New Rules 2017

इस साल 2017 में SBI में अपने कई नियमों में फेर बदल किये हैं। अभी एक महीने पहले भी 1, मई 2017 को भारतीय स्टेट बैंक ने अपने कुछ नए नियम लागु किये थे जिनके बारे में हमने आपको बताया था। परन्तु इस महीने 1 जून से SBI ने दोबारा अपने कुछ नए नियमों जैसे Transaction, Services और Charges में फेर बदल का एलान किया हैं जो हर एक SBI के उपभोगता को जानना बहुत जरूरी है। अगर आपको इन नए Updates के बारे में नहीं पता है तो इस पोस्ट को अच्छे से पढ़ें नहीं तो आपको भारी loss भी हो सकता है।

(State Bank of India) SBI के नए Rules 1 June 2017 से क्या-क्या हैं? [Very Important] – SBI New Rules 2017

भारतीय स्टेट बैंक के नए जून 1, 2017 एटीएम से पैसे निकलने के कुछ नियम SBI New ATM Withdraw Rules

-अगर आप Metro City में रहते हैं और आपका खता State bank of India में है तो एक महीने में आप SBI के ATM से 5 Transaction बिना किसी चार्ज (Free) में कर सकते हैं और 3 Transaction बिना किसी Charge के अन्य किसी भी Bank के ATM से कर सकते हैं।

अगर SBI के ATM से आप 5 बार से अधिक पैसे निकालते हैं तो आपको 10 रुपए/transaction Charge होगा और अगर आप अन्य बैंकों के ATM में 3 बार से अधिक बार पैसे निकालते हैं तो आपको हर 20 रुपए/transaction Charge होगा।

-अगर आप किसी छोटे शहर में रहते हैं या गाँव में रहते हैं तो आप SBI के ATM से 5 Transaction बिना कोई Extra Charge दिए पैसे निकाल सकते हैं और अन्य बैंकों के ATM से भी 5 बार बिना कोई चार्ज पैसे निकाल सकते हैं। अगर वहां पर भी आप Transaction Limit से ज्यादा Transaction करते हैं to SBI के ATM में  10 रुपए/transaction औरय बैंकों के ATM से 20 रुपए/transaction Charge होगा।

भारतीय स्टेट बैंक बडी एप्प नए नियम State Bank Buddy App (SBI E-wallet) New Rules 1June 2017

अगर आप State Bank Buddy App (SBI E-wallet) की मदद से ATM से पैसे निकालते हैं तो आपको हर Transaction में आपको 25 रुपए Charge होगा।

अगर व्यापार के माध्यम से Wallet में Cash deposit 10000 या उससे कम करते हैं तो transaction value का 0.25% (2-8 रुपए) + सर्विस टैक्स लगेगा

अगर SBI Wallet के balance को Cash Withdraw करते हैं तो आपको 2.50% (6 रुपए कम से कम) + सर्विस टैक्स लगेगा

भारतीय स्टेट बैंक IMPS Fund Transfer New Rul es  -1 June 2017

IMPS Fund Transfer वह सेवा है जिसकी मदद से आप Internet Banking के माध्यम से किसी भी दुसरे व्यक्ति के Account में किसी भी दिन, किसी भी समय तुरंत पैसे भेज सकते हैं। अब इस Service में कुछ बाये Charges लगने वाले हैं जिसके विषय में हमने निचे दिया है।

IMPS Fund Transfer Service Charge की जानकारी  नए Rate
1 लाख रुपए भेजने तक5 रुपए + सर्विस टैक्स
1 लाख से 2 लाख रुपए तक15 रुपए + सर्विस टैक्स
2 लाख से 3 लाख रुपए तक25 रुपए + सर्विस टैक्स

पुराने नोटों के Exchange के विषय में SBI के 1 जून 2017 से नए नियम

पहले सभी लोग जले फटे पुराने लोग SBI में जा कर बदला करते थे। इसके लिए पहले कोई भी ऐसे बड़े नए Rules नहीं थे। पर अब SBI के नए नियम से अनुसार अब पुराने फटे बिना काम के जले हुए नोटों को बदलने पर कुछ नए charges लगेंगे जिनके विषय में हमने निचे table में बताया है।

20 नोट या उनका कुल मूल्य अगर 5000 रुपए या उससे कम हो तोकोई भी charge नहीं लगेगा
20 नोट से अधिकप्रति नोट के लिए 2 रुपए पुरी + सर्विस टैक्स
5000 रुपए से अधिक मूल्य के नोटप्रति नोट के लिए 2 रुपए + प्रति 1000 रुपए के लिए 5 रुपए के अनुसार + सर्विस टैक्स (जैसे ज्यादा हो वैसे चुना जायेगा)
उधाहरण के लिए –  
30 नोट 500 रुपए के हों तो

 

2 रुपए हर नोट के लिए

5 रुपए प्रति 1000 रुपए

15000

 

60 रुपए + सर्विस टैक्स

75 रुपए + सर्विस टैक्स

ऐसे में 75 रुपए charge किया जायेगा

SBI के Basic Savings Bank Deposit(BSBD) के कुछ नए नियम 1 जून 2017 से

Cheque Book Issue करवाने पर10 Leaf वाले Check book के लिए 30 रुपए + सर्विस टैक्स

 

25 Leaf वाले Check book के लिए 75 रुपए + सर्विस टैक्स

50 Leaf वाले Check book के लिए 150 रुपए + सर्विस टैक्स

ATM Cardकेवल SBI का Rupay Card ही मुफ्त में दिया जायेगा
WithdrawsATM Withdraw को मिला कर 4 बार पैसे Withdraw Free में कर सकते हैं उसके बाद –Branch में Per Transaction पर 50 रुपए लगेंगे और ATMS के Charges तो हम आपको ऊपर बात ही चुके हैं।

(State Bank of India) SBI के नए Rules 1 April 2017 से क्या-क्या हैं? [Very Important]

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(State Bank of India) SBI के नए 1 April 2017 से क्या-क्या हैं? [Very Important] SBI New Rules 2017 भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) SBI …

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