सौर ऊर्जा के फायदे नुकसान Advantages Disadvantages of Solar Energy in Hindi

सौर ऊर्जा के फायदे नुकसान Advantages Disadvantages of Solar Energy in Hindi

सौर ऊर्जा किसे कहते हैं?  क्या है यह? और क्या इसके इस्तेमाल है ??! दरअसल सौर ऊर्जा सूर्य की किरणों द्वारा प्राप्त की जाती है। हम जानते हैं कि सूर्य ऊर्जा का एक शक्तिशाली स्त्रोत है और सौर ऊर्जा स्थापित कर, इसका सदुपयोग किया जा सकता है।

सौर ऊर्जा के फायदे नुकसान Advantages Disadvantages of Solar Energy in Hindi

सौर ऊर्जा किसे कहते हैं?

सौर ऊर्जा यानी सूर्य से प्राप्त ऊर्जा को हम बिजली में बदलकर अपने घरों एवं व्यापार में इस्तेमाल करते हैं। नवीनीकरण के आज के इस युग में सौर ऊर्जा एक मुख्य विषय बन गया है। क्या आपको यह रोचक तथ्य पता है कि 1 घंटे की सौर ऊर्जा से हम 1 वर्ष तक की आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश हम इस उर्जा का केवल 0.001% भाग ही उपयोग कर पा रहे हैं।

सौर प्रौद्योगिकी में लगातार सुधार हो रहा है, इस कारण सूर्य की ऊर्जा की प्रचुरता का उपयोग करने की हमारी क्षमता बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (2017) की एक रिपोर्ट के अनुसार सौर ऊर्जा का उपयोग तेजी से बढ़ा है एवं सौर ऊर्जा की वृद्धि बाकी सभी इंधनों से अधिक पाई गई है। वह दिन दूर नहीं जब हम सभी एकजुट होकर सौर ऊर्जा से उत्पन्न बिजली एवं अन्य लाभ उठा पाएंगे।

इसे भी पढ़ें -  संयुक्त परिवार के फायदे और नुकसान Advantages Disadvantages of Joint family in Hindi

सोलर पैनल के काम करने का तरीका

सौर कोशिकाएं सिलिकॉन से बनी होती है और कोशिकाएं मिलकर सोलर एनर्जी (सौर उर्जा) बनाती हैं। जब फोटोन्स एक सौर सेल से टकराते हैं तो वे इलेक्ट्रॉनों को अपने परमाणुओं से ढीला करते हैं। जब कंडक्टर कोशिका के सकारात्मक एवं नकारात्मक पक्ष जुड़े होते हैं तो एक विद्युत सर्किट बनता है और जब ऐसे सर्किट के माध्यम से इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह होता है तो बिजली उत्पन्न होती है।

आइए देखते हैं सौर ऊर्जा के अपने आप में क्या फायदे एवं क्या नुकसान हो सकते हैं।

सौर उर्जा के लाभ Advantages of Solar Energy in Hindi

सौर ऊर्जा प्रदूषण मुक्त है

बिजली या अन्य ऊर्जा के स्त्रोत को उत्पन्न करने के दौरान कुछ ना कुछ प्रदूषण होता ही है और यह प्रदूषण से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। वहीं दूसरी ओर सौर ऊर्जा की उत्पत्ति में ऐसी कोई मुश्किल सामने नहीं आती है।

अन्य ऊर्जा के स्त्रोत पर आश्रित ना होना

सौर ऊर्जा के अस्तित्व में आने के बाद एवं इसके बढ़ते हुए उपयोग से अन्य ऊर्जा स्त्रोतों पर दबाव कम हुआ है जो कि पारितंत्र एवं पर्यावरण दोनों के लिए एक अच्छा चिंह है।

ना के बराबर रखरखाव

सौर ऊर्जा प्रणालियों को बहुत ज्यादा रखरखाव की आवश्यकता नहीं होती है। बस प्रतिवर्ष दो बार साफ सफाई की जरूरत होती है, परंतु इस बात का ध्यान रखा जाए की सफाई हमेशा विशेषज्ञों से ही कराएं जो इस काम को बखूबी जानते हो। इनवर्टर भी प्रणाली का एक हिस्सा होते हैं, जिन्हें पांच 10 साल में बदलना होता है अर्थात प्रारंभिक लागत के अलावा रखरखाव व मरम्मत कार्य पर बहुत कम खर्च होता है।

अन्य की तुलना में सुरक्षित

पारंपरिक बिजली के स्त्रोतों के मुकाबले में सौर ऊर्जा कहीं ज्यादा सुरक्षित है, चाहे वह उपयोग की बात हो या रखरखाव एवं मरम्मत की।

नवीकरणीय ऊर्जा

सौर ऊर्जा असल में नवीकरणीय ऊर्जा का स्त्रोत है। इसे दुनिया के हर एक कोने में उपयोग किया जा सकता है, अर्थात यह हमेशा उपलब्ध है। ऊर्जा के अन्य स्त्रोतों के विपरीत, सौर ऊर्जा कभी ना खत्म होने वाली ऊर्जा का स्त्रोत है।

इसे भी पढ़ें -  भारत में जल संसाधन Water resources in India Hindi

बिजली के बिल में कटौती

चूंकि आप सौर ऊर्जा द्वारा उत्पन्न बिजली से अपनी सभी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेंगे, इस कारण आप को बिजली के बिल की भारी कीमत से राहत मिलेगी। आप अपने बिल पर कितनी बचत कर पाते हैं यह आपकी जरूरतों पर निर्भर करता है।

अधिकतम उपयोग

विभिन्न उद्देश्यों के लिए सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जाता है। सौर ऊर्जा द्वारा बिजली या गर्मी (सौर थर्मल) कुछ भी उत्पन्न कर सकते हैं। बिना बिजली के क्षेत्रों में बिजली पहुंचा सकते हैं, फैक्ट्रियों में इस्तेमाल कर सकते हैं, स्वच्छ पानी की आपूर्ति कर सकते हैं, घरों के घरेलू काम में इस्तेमाल कर सकते हैं, अंतरिक्ष के उपग्रहों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्रौद्योगिकी विकास

सौर ऊर्जा के सफलतापूर्वक बढ़ते हुए उपयोग से औद्योगिक विकास में वृद्धि आई है एवं भविष्य में भी तेजी से आगे बढ़ने की आशंका है।

सौर ऊर्जा द्वारा हानि

लागत का भारी खर्च

सौर प्रणाली को खरीदने का प्रारंभिक खर्च काफी अधिक हो सकता है, इसमें सौर पैनल, इनवर्टर, बैटरी, वायरिंग और स्थापना का खर्च शामिल होता है। सरकार प्रयास कर रही है कि दाम कम हो अथवा सौर ऊर्जा भविष्य में भी विकासशील रहे।

ज्यादा जमीन की मांग

जितनी अधिक बिजली की आपूर्ति करना चाहते हैं, उतने ही अधिक सौर पैनलों की आवश्यकता होगी और सौर पैनलों को स्थापित करने के लिए काफी जगह की आवश्यकता होती है। अर्थात इसके लिए ज्यादा क्षेत्रफल चाहिए होगा, हालांकि छतों पर सौर पैनल को लगा सकते हैं, पर जगह पर्याप्त नहीं रहती है। इस परेशानी के भी विकल्प ढूंढे जा रहे हैं।

मौसम आश्रित

चूंकि बादल और बरसात के दिनों में सौर ऊर्जा एकत्र कर पाना संभव नहीं है, इस कारण से सौर पैनल खराब मौसम में बेकार साबित होते हैं। बहुत ठंड के मौसम में भी, जब सूरज नहीं निकलता है, तब भी यह काम करने में सक्षम नहीं होते हैं, रात में भी ऊर्जा उपलब्ध नहीं हो पाती है।

इसे भी पढ़ें -  26 जनवरी गणतंत्र दिवस भाषण Speech on Republic Day in Hindi for Teachers & Students

सौर ऊर्जा भंडारण महंगा है

सौर ऊर्जा का तुरंत उपयोग किया जा सकता है या फिर इसे एक बैटरी में संग्रहित किया जा सकता है। संग्रहित की गई उर्जा को रात में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो एकत्रित करने का या भंडारण का तरीका महंगा है, क्योंकि आप ऊर्जा बैटरी में तभी एकत्रित कर पाएंगे जब आपकी सौर प्रणाली ग्रिड नामक उपकरण से जुड़ी हुई हो।

निष्कर्ष Conclusion

सौर ऊर्जा बाकी ऊर्जा स्त्रोतों का एक बेहतरीन एवं उम्दा विकल्प है, परंतु सरकार को इस दिशा में और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है ताकि सौर ऊर्जा के लाभ अधिक से अधिक आम लोगों तक आसानी से पहुंच सकें एवं हमारा पर्यावरण भी स्वस्थ रहें।

2 thoughts on “सौर ऊर्जा के फायदे नुकसान Advantages Disadvantages of Solar Energy in Hindi”

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.