राष्ट्रिय ध्वज तिरंगा के तथ्य Indian National Flag TIRANGA Facts in Hindi

राष्ट्रिय ध्वज तिरंगा के तथ्य Indian National Flag TIRANGA Facts in Hindi

क्या आप भारत का झंडा तिरंगा के 3 रंगों के  महत्व को जानना चाहते हैं?
क्या आप तिरंगा से जुड़े ज़बरदस्त तथ्यों के विषय में जानते हैं?

राष्ट्रिय ध्वज तिरंगा के तथ्य Indian National Flag TIRANGA Facts in Hindi

हमारे देश का राष्ट्रिय ध्वज हमारे देश भारत की शान है। हमें अपने राष्ट्रिय ध्वज तिरंगे का हमेशा सम्मान करना चाहिए और कभी भी इसे झुकने नहीं देना चाहिए। क्या आपको पता है दोस्तों 22 जुलाई, 1947 को तिरंगा को हमारे राष्ट्रिय ध्वज के रूप में अपनाया गया था।

राष्ट्रिय ध्वज तिरंगे को कभी भी जमीन पर नहीं रखा जाता है और कभी भी गलती से भी उल्टा नहीं फहराया जाता है। हमारे तिरेंगे को भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति फहराते हैं और भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री फहराते हैं।

चलिए हमारे राष्ट्रिय ध्वज तिरंगे के विषय में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों और इतिहास को जाने History Facts of Indian National Flag in Hindi

1. भारत का राष्ट्रिय ध्वज तिरंगा को 29 मई, 1953 को एवरेस्ट की चोटी पर, यूनियन जैक (यूनाइटेड किंगडम) और नेपाल के राष्ट्रिय ध्वज के साथ फहराया गया था। इसको सफलता को पाने वाले व्यक्ति थे तेन्जिंग नॉरगे

2. भिकाजी रूस्तम कामा ने सर्वप्रथम भारतीय झंडे तिरेंगे को विदेशी भूमि(जर्मनी के संसद) में फहराया।

3. भारतीय स्वतंत्रता की अवधि के दौरान, भारतीय ध्वज के कई अन्य डिजाइनों का भी उपयोग किया गया।

4. तिरंगे के मध्य में गहरे नीले रंग का एक चक्र होता है जिसे अशोक चक्र कहा जाता है। इसमें 24 समान भाग में विभाजित तीलियां / रेखाएं होती हैं। अशोक चक्र धार्मिकता का प्रतीक है।

5. भारत का राष्ट्रिय ध्वज 3 रंगों का होता है। इन तीनो रंग का बहुत हु महत्वपूर्ण महत्व है। सबसे ऊपर केसरी रंग होता है जो साहस और बलिदान का प्रतिक है; मध्य में सफ़ेद रंग होता है जो सच्चाई, शांति और पवित्रता का प्रतिक है; सबसे नीचे हरा रंग होता है जो समृद्धि का प्रतिक है।

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6. पहले भारतीय ध्वज में धार्मिक प्रतीकों के साथ आठ कमल बने हुए थे, जिसके मध्य में वन्दे मातरम भी लिखा हुआ था। कोलकाता में पारसी बागान स्क्वायर(ग्रीश पार्क) में 7 अगस्त, 1906 को इसे फहराया गया था। इस ध्वज को भारत के अनौपचारिक झंडे, कलकत्ता ध्वज के नाम से भी जाना जाता है। इस ध्वज में लाल, पीला और हरा रंग के पट्टियाँ थी।

7. उसके बाद 1907 में दूसरे भारतीय ध्वज में आंशिक संशोधनों किया गया था। यह जर्मनी में भिकाजी कामा द्वारा फहराया गया था।

8. बाल गंगाधर तिलक 1917 में एक दुसरे प्रकार के ध्वज को फहराया था। उस ध्वज में सबसे ऊपर बैन तरफ इंगलैंड का राष्ट्रीय ध्वज था और ऊपर के दायें कोने में अर्ध चन्द्रमा और सात तारों का चित्र था।

9. सन 1921 में एक नए झंडे का उपायोज हुआ जिसमें रंगों को धर्मों के अनुसार भाग किया गया। इस ध्वज के मध्य में अशोक चक्र था।

10. धर्मों के बिच किसी भी प्रकार का आध्यात्मिक घुसपैठ न हो यह सोच कर, एक नया भारतीय झंडा सन 1931 में बनाया गया जिसमें केसरी, सफ़ेद और हरा रंग का उपयोग किया गया जिसके बिच में चरखा का छोत्र बना हुआ था।

11. भारतीय राष्ट्रीय ध्वज पिंगली वेंकय्या द्वारा डिज़ाइन या गया था जो आंध्र प्रदेश के एक स्वतंत्रता सेनानी थे। इसी डिज़ाइन को 22 जुलाई, 1947 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत के राष्ट्रिय ध्वज के रूप में अपनाया। उसी ध्वज के डिज़ाइन को आज तक उपयोग आज तक किया जा रहा है।

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