भारत में फसलों के प्रकार Types of Crops in India Hindi

भारत में फसलों के प्रकार Types of Crops in India Hindi

भारत एक विशाल देश है। यह 30 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यहां पर 70% जनसंख्या गांवों में निवास करती है। भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी में कृषि का योगदान 16 % है। देश की कुल 52% जनसंख्या कृषि कार्यों में लगी हुई है।

1960 के पहले यहां पर पारंपरिक रूप से कृषि होती थी, परंतु 1960 के बाद यहां पर उच्च ऊपज बीजों का प्रयोग शुरू हो गया और भारत में हरित क्रांति आ गई। कीटनाशकों और रसायनों का प्रयोग बहुत अधिक बढ़ गया है।

भारत की कृषि मानसून पर आधारित होती है। अच्छा मानसून आने पर फसल अच्छी होती है परंतु जिस वर्ष सूखा पड़ जाता है उस वर्ष किसानों की फसल नष्ट हो जाती है। भारत में  तीन प्रकार की फसले पाई जाती हैं खरीफ (Kharif), रबी(Rabi) और जायद (Jayad) फसलें

भारत में फसलों के प्रकार Types of Crops in India Hindi

खरीफ Kharif

खरीफ फसलें जून-जुलाई के महीने में उगायी जाती हैं। मई से जुलाई के बीच पौधा लगाया जाता है। सितंबर से अक्टूबर के बीच फसल की कटाई की जाती है। इनको “वर्षा ऋतु की फसलें” भी कहा जाता है।

जिस समय फसलें बोई जाती है उस समय आद्रता अधिक होती है परंतु जब फसल के काटे जाने के समय मौसम शुष्क होता है। इस प्रकार की फसलों को अधिक तापमान और अधिक पानी की आवश्यकता पड़ती है। ज्वार, बाजरा, सोयाबीन, लोबिया, कपास, मूंगफली, धान, मक्का, गन्ना, तंबाकू, जूट प्रमुख खरीफ फसलें हैं।

चावल उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है। विश्व का 20% चावल का उत्पादन भारत में होता है। यह देश में 4.2 करोड़ हैक्टेयर भूमि मे उगाया जाता है

रबी Rabi

शीत ऋतु की फसलों को रबी कहां जाता है। इनकी बुवाई का समय अक्टूबर से दिसंबर के बीच होता है। फरवरी से अप्रैल माह के बीच इन फसलों को काट लिया जाता है। इन फसलों को ठंडी जलवायु की आवश्यकता पड़ती है।

रबी की फसलों को कम तापमान और कम पानी की आवश्यकता पड़ती है। इनके पौधों में बीज जल्दी अंकुरित हो जाता है। मसूर, सरसो, चना, मटर, सरसों, राई, आलू, गेंहू, प्रमुख रबी फसलें हैं।  

जायद Jayad

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जायद फसलों को फरवरी से मार्च के बीच लगाया जाता है। इनकी कटाई अप्रैल से मई के बीच की जाती हैखरबूजा, तरबूज, लौकी, ककड़ी, पत्तेदार सब्जियाँ, तोरई, मूँग, खीरा, मीर्च, टमाटर, सूरजमूखी, तिलहन धान ज्वार, कपास प्रमुख जायद फसलें हैं। जायद फसले व्यापारिक फसलें होती हैं जिससे किसान धन पाने के लिए लगाते हैं। इन फसलों को किसान संपूर्ण रूप से बेच देते हैं।

जायद फसलों को कृत्रिम रूप से सिंचाई करके उगाया जाता है। इन फसलों को अधिक तापमान और ज्यादा सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है। इनमें सूखा सहन करने की क्षमता होती है। जायद फसलें दो प्रकार की होती हैं – जायद रबी और जायद खरीफ। जायद खरी अगस्त से सितंबर माह के बीच लगाई जाती है। इसकी कटाई दिसंबर और जनवरी में की जाती है।  

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