दिवाली त्यौहार पर निबंध Essay on Diwali Festival in Hindi

इस लेख में हमने (दीपवाली) दिवाली त्यौहार पर निबंध Essay on Diwali Festival in Hindi हिन्दी में लिखा है जिसमे हमने दीपावली का इतिहास, महत्व, उत्सव, पूजा के विषय में बताया है। यह दीपावली निबंध 1500 शब्दों में स्कूल और कॉलेज के बच्चों के लिए लिखा गया है।

आईये शुरू करते हैं – दिवाली पर निबंध Essay on Diwali Festival in Hindi…

प्रस्तावना Introduction (दिवाली त्यौहार पर निबंध Essay on Diwali Festival in Hindi)

दीपावली हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। हर देशवासी को इस त्यौहार का इंतजार रहता है। यह रोशनी और प्रकाश का त्यौहार है। इस दिन बच्चों को खाने के लिए तरह तरह की मिठाइयां मिलती हैं और पटाखे चलाने को मिलते हैं।

दीपावली के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। यह त्यौहार अंधकार पर प्रकाश की विजय को दिखाता है। इस दिन घरों में दिए जलाए जाते हैं। विभिन्न प्रकार की लाइटें, रंग बिरंगी रोशनी लगाई जाती हैं। लोग नए वस्त्र पहनते हैं। शाम को मिठाइयां बांटी जाती हैं, लोग दावतों में जाते हैं।

2020 दीपावली कब है? When is Diwali in Hindi?

यह त्यौहार 14 नवम्बर 2020, के दिन मनाया जायेगा।

दीपावली का इतिहास History of Diwali in Hindi

दीपावली भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस त्यौहार को सिख, बौद्ध और जैन धर्म के लोग मनाते हैं। सिख समुदाय इसे बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाता है। दीपावली के दिन ही भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे। श्रीराम का स्वागत सत्कार करने के लिए अयोध्या के निवासियों ने घी के दीपक जलाए थे।

उस दिन कार्तिक महीने की अमावस्या थी। घने अंधकार में प्रकाश करने के लिए अयोध्या वासियों ने दिए जलाए थे। तब से यह दिन हर साल सभी भारतीय प्रकाश पर्व (दीपावली) के रूप में मनाते हैं। यह त्यौहार दिखाता है कि बुराई पर सदैव अच्छाई की जीत होती है, सत्य की जीत सदैव होती है। यह त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है।

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इस दिन भगवान श्री राम सीता माता के साथ 14 वर्षों का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे। उसी खुशी में यह त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन पांडव 12 वर्षों का वनवास काटकर घर लौटे थे। हिन्दी कैलेंडर के अनुसार नव वर्ष दीपावली के दिन शुरू होता है। यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की विजय को दिखाता है।

‘दीपावली’ शब्द की उपत्ति Origin of Deepawali Word

दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के 2 शब्दों ‘दीप’ और ‘आवली’ से हुई है। दीप का अर्थ है दीपक है जबकि आवली का मतलब लाइन है। इस तरह दीपावली का अर्थ है दीपकों की लाइन।

दिवाली का उत्सव कैसे मनाया जाता है? How Diwali is Celebrated?

दीवाली त्यौहार का इंतजार सभी बच्चों और बड़ों को होता है। लोग अपने घरों की सफाई करते हैं। हर तरह का कूड़ा उठाकर बाहर फेंकते हैं। उसके बाद दीवारों, घरों को रंग आ जाता है। दुकानदार अपनी दुकान की सफाई करते हैं और नई पेंटिंग करते हैं।

दीपावली आते ही सभी बाजार चमक उठते हैं। सामानों से भर जाते है। बच्चे और पुरुष पटाखे लगाकर अपनी खुशियां मनाते हैं

सभी लोग गणेश, लक्ष्मी और अन्य देवताओं की पूजा पूरे विधि-विधान से करते हैं। देवी लक्ष्मी को घर आने के लिए निवेदन करते है जिससे घर में खुशहाली आती है।

दिवाली का महत्व Importance of Diwali in Hindi

इस दिन हजारों लोग सोने के गहने, बर्तन, कपड़े और दूसरी चीजें खरीदते हैं। दुकानदारों और व्यापारियों के लिए यह त्यौहार प्रमुख है क्योंकि इस दिन बिक्री सबसे अधिक होती है। उनको जादा से जादा लाभ कमाने का मौका मिलता है।

सभी दुकानदारों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार होता है। पटाखे और आतिशबाजी सामग्री के व्यापारी इस दिन माल बेचकर बहट लाभ कमाते हैं। पटाखे से वायु और ध्वनि प्रदूषण भी होता है।

दीपावली से 2 दिन पहले धनतेरस का त्यौहार होता है। इस दिन बाजारों में बहुत रौनक होती है। धनतेरस के दिन बर्तन, सोने के गहने, टीवी, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन जैसे सामान लेना शुभ समझा जाता है।

शाम को पूजा करने के लिए लोग खील बताशे और गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां लाते हैं। दीपावली के दिन लोग ऐसा मानते हैं कि गणेश लक्ष्मी की पूजा करने से वह घर में आएंगी। हम सभी को लक्ष्मी (पैसों) की बहुत जरूरत होती है।

इसलिए यह त्यौहार और भी महत्वपूर्ण बन जाता है। गणेश लक्ष्मी की पूजा करने से धन और सुख में वृद्धि होती है। संपन्नता घर में आती है। इस दिन धन के देवता “कुबेर” की भी पूजा की जाती है।

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भाई दूज और दीपावली Bhaiya Dooj and Deepawali

भाई दूज के दिन भाई बहन का गठबंधन कर यमुना नदी में स्नान कराते हैं। बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है और कामना करती है कि वह सदैव दुखों और कष्टों से दूर रहे। भाई अपनी बहन को पैसा या अन्य कोई उपहार देता है।

विदेशों में भी दिवाली का त्यौहार Celebration of Diwali in other countries

यह त्यौहार भारत, नेपाल, श्रीलंका, मलेशिया, मॉरीशस, सिंगापुर, पाकिस्तान-ऑस्ट्रेलिया जी मनाया जाता है। नेपाल में यह विशेष धूमधाम से मनाई जाती है। इस दिन नेपाली संवत में नया साल शुरू होता है।

  • नेपाल- में दीवाली का त्योहार पांच दिनों तक चलता है। पहले दिन कौवे की पूजा की जाती है। उसे प्रसाद दिया जाता है। दूसरे दिन कुत्ते को उसकी ईमानदारी के लिए प्रसाद दिया जाता है। तीसरे दिन गाय को प्रसाद दिया जाता है। चौथे दिन बैल को प्रसाद दिया जाता है।
  • मलेशिया- में दीपावली के दिन दूसरे धर्मों के लोगों को घर पर दावत दी जाती है।
  • श्रीलंका- में दीपावली का त्यौहार तमिल संप्रदाय के लोग मनाते हैं। इस दिन नृत्य, दावते और आतिशबाजी की जाती है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका- में दीपावली का त्यौहार व्हाइट हाउस में मनाया जाता है। पहली बार सन 2003 में व्हाइट हाउस में दीपावली का त्यौहार मनाया गया था। पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश द्वारा इसकी घोषणा की गई थी। सन 2009 में राष्ट्रपति बराक ओबामा भी दिवाली के उत्सव में सम्मिलित हुए थे।
  • ब्रिटेन- में बड़ी मात्रा में भारतीय रहते हैं। प्रिंस चार्ल्स बहुत बार दीपावली के उत्सव में शामिल हो चुके हैं। ब्रिटेन के स्वामीनारायण मंदिर में दीपावली का त्यौहार मुख्य रूप से मनाया जाता है।
  • मॉरीशस- में बड़ी मात्रा में हिंदू रहते हैं। दीपावली के दिन वहां पर सरकारी अवकाश होता है।

दिवाली पर प्रार्थना Prayer on Diwali

क्षेत्र अनुसार दीवाली त्यौहार पर प्रार्थनाएं अगला-अलग होती हैं। उदाहरण के लिए बृहदा रंयक उपनिषद  की ये प्रार्थना जिसमें प्रकाश उत्सव चित्रित है-

‘असतो मा सद्गमय।
तमसो मा ज्योतिर्गमय।
मृत्योर्मा अमृतं गमय।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥’

अनुवाद:

असत्य से सत्य की ओर।
अंधकार से प्रकाश की ओर।
मृत्यु से अमरता की ओर।(हमें ले जाओ)
ॐ शांति शांति शांति।।

पर्यावरण पर दिवाली का दुष्प्रभाव Effects of Diwali on Environment

दीपावली में चलाये जाने वाले पटाखे और आतिशबाजी की सामग्री से बहुत प्रकार की हानियां होती हैं। इन पटाखों के अंदर ज्वलनशील पदार्थ बारूद होता है। पटाखों से अनेक प्रकार की दुर्घटनाएं होती हैं।

मैग्नीशियम, लेड, जिंक. कैडियम जैसे जहरीले पदार्थ होते हैं। बहुत बार फैक्ट्री में पटाखे बनाते समय ही ज्वलनशील पदार्थ में विस्फोट हो जाता है। हर साल बहुत से मजदूरों की जान चली जाती है। इन पटाखों को चलाने से बहुत सी हानियां हैं।

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बहुत से बच्चे और बड़े भी पटाखों को चलाने में घायल हो जाते हैं। पड़ोस में आग भी लग जाती है। यह पटाखे बहुत सारा धुंआ और गैसें छोड़ते हैं जिससे वायु प्रदूषण होता है। इसलिए अब सरकार पटाखों और आतिशबाजी की सामग्री पर रोक लगा रही है।

सिर्फ 3 दिन पटाखों की बिक्री की जाती है। इस प्रकार के वायु प्रदूषण से बहुत सी बीमारियां होती हैं। अस्थमा और दिल के मरीजों को सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है। इसके साथ ही छोटे बच्चों को भी सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है। इसलिए हम सभी को प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने चाहिए।

प्रदुषण रहित दीपावली कैसे मनाएं? How to Celebrate a Safe and Pollution Free Diwali?

हो सके तो दीवाली त्यौहार पर पटाखे न चलायें। यदि बहुत आवश्यक हो तो इको फ्रेंडली पटाखे चलाएं। तेज आवाज वाले पटाखे बिल्कुल ना चलाएं क्योंकि इससे दुर्घटना होने की संभावना बहुत अधिक होती है। इसके अलावा उच्च क्षमता वाले पटाखे से दूर रहें।

इससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। पटाखे हमेशा अधिकृत लाइसेंस वाली दुकान से ही खरीदना चाहिये। सस्ते और चाइनीस पटाखों से दूर रहें क्योंकि उनको चलाते समय दुर्घटना होने की संभावना बहुत अधिक होती है। रॉकेट का इस्तेमाल खुली जगह में करना चाहिए। पटाखों को पास नहीं चलाना चाहिए। उनको दूर से चलाना चाहिए। अस्थमा और दमा के मरीजो को पटाखों से दूर रहना चाहिए।

आतिशबाजी के समय बहुत सारा धुंआ और गैस वायुमंडल में जाता है जिससे वायु प्रदूषण होता है। इसलिए बहुत से लोग दीपावली के दिन पटाखे ना जलाने की सलाह देते हैं। पटाखे चलाने में बहुत सारा धन व्यर्थ ही खर्च हो जाता है। यह धन यदि हम किसी गरीब व्यक्ति को दे दें तो पैसों का सार्थक इस्तेमाल होगा।

सभी लोगों को दीपावाली का त्यौहार धूमधाम से मनाना चाहिए। इस दिन आतिशबाजी करने से बहुत सारा वायु प्रदूषण होता है और यह पटाखे बहुत ही खतरनाक भी होते हैं। हर साल बहुत से लोग आतिशबाजी करते हुए घायल हो जाते हैं। एक स्वच्छ, सुन्दरं, और सुरक्षित दिवाली मनाना हमारी परंपरा हमें सिखाती है।

निष्कर्ष Conclusion

आशा करते हैं आपकी दिवाली पर यह निबंध (Essay on Diwali Festival in Hindi) अच्छा लगा होगा। हम सभी को प्रतिवर्ष दिवाली का उत्सव पर्यावरण की प्राकृतिक सुंदरता को बचाने, स्वछता बनाये रखने और आनंद लेने के लिए मनान चाहिए। साथ ही बच्चों को दिवाली के सही महत्व को बताना चाहिए जिससे की आने वाली पीठी भी इससे सीखें और यह परंपरा चलती रहे। आप सभी को दीवापली की हार्दिक शुभकामनायें!

5 thoughts on “दिवाली त्यौहार पर निबंध Essay on Diwali Festival in Hindi”

  1. बिजय कुमार जी , दिवाली पर आर्टिकल लिखने के लिए धन्यवाद और इसे इंटरनेट पर पब्लिश करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। वैसे तो इंटरनेट पर दिवाली पर बहुत सी जानकारी /आर्टिकल हैं लेकिन आपकी दी हुई दिवाली पर जानकारी बहुत ही क्रिएटिव है। मुझे बहुत अच्छा लगा पड़ कर। शुक्रिया।

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