गुरु नानक देव जी के अनमोल कथन Guru Nanak Dev Ji Quotes in Hindi

आज हमने गुरु नानक देव जी के सबसे बेहतरीन 51 अनमोल कथन के विषय में बताया है Best Guru Nanak Dev Ji Quotes in Hindi. वे सिख धर्म के प्रथम गुरु थे और उन्होंने सिख धर्म की स्थापना की थी।

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गुरु नानक देव जी के 50+ अनमोल कथन Guru Nanak Dev Ji Quotes in Hindi

1) “If there is one God, then there is only His way to attain Him, not another. One must follow that way and reject the other. Worship not him who is born only to die, but Him who is eternal and is contained in the whole universe.” 
#” अगर ईश्वर एक है तो उसे प्राप्त करने का रास्ता भी एक ही है, कोई दूसरा रास्ता नहीं है। व्यक्ति को सिर्फ उसी एक रास्ते पर चलना चाहिए और बाकी रास्तों को नकार देना चाहिए। उसकी पूजा मत करो, जिसका जन्म ही मृत्यु के लिए हुआ हो, बल्कि पूजा उसकी करो जो शाश्वत है और जिसमें ये सारा ब्रह्मांड समाया हुआ है। “

2)” Speak only that which will bring you honor.“
#” व्यक्ति को सिर्फ वहीं बातें बोलनी चाहिए जिससे उसे सम्मान प्राप्त हो सके।”

3) “He who has no faith in himself can never have faith in God.” 
#” वह व्यक्ति जिसे खुद पर विश्वास नहीं है, उसे कभी भी ईश्वर पर विश्वास नहीं हो सकता है।” 

4) “Burn worldly love, rub the ashes and make ink of it, make the heart the pen, the intellect the writer, write that which has no end or limit.” 
#” इस सांसारिक प्रेम को जला दो, और इसकी बची हुई राख को रगड़ कर उसकी स्याही बना दो, उससे किसी कलम का हृदय बनाओ, उससे एक ज्ञानी लेखक का निर्माण कर दो और वो लिखो जिसकी ना तो कोई सीमा हो और जिसका ना ही कोई अंत हो। “

5)” Even Kings and emperors with heaps of wealth and vast dominion cannot compare with an ant filled with the love of God.“
#” राजा और सम्राट भी धन के ढेर और बड़े बड़े राज्य के स्वामी होने के बाद भी उस एक चींटी की बराबरी नहीं कर पाएंगे, जो कि ईश्वर के प्रेम से भरी हुई होती है।” 

6)” Dwell in peace in the home of your own being, and the Messenger of Death will not be able to touch you.“
#” अपने स्वयं के घर मे शांति से ध्यान मग्न रहो और मृत्यु के दूत कभी तुम्हें छू भी नहीं पाएंगे।” 

7) “Let no man in the world live in delusion. Without a Guru none can cross over to the other shore.” 
#” इस संसार मे किसी भी व्यक्ति को भ्रम में नहीं रहना चाहिए। एक गुरु के बिना कोई भी व्यक्ति सागर पार करके  दूसरे छोर तक नहीं पहुंच सकता है।” 

8) “There is but One God. His name is Truth; He is the Creator. He fears none; he is without hate. He never dies; He is beyond the cycle of births and death. He is self-illuminated. He is realized by the kindness of the True Guru. He was True in the beginning; He was True when the ages commenced and has ever been True. He is also True now.“
#” सिर्फ एक ही ईश्वर है। उसका नाम सत्य है ; वह ही निर्माण कर्ता है। वह किसी से नहीं डरता है ; ना ही वह किसी से भी नफरत करता है। वह कभी मर नहीं सकता है; वह इस जन्म तथा मृत्यु के चक्र से पूर्णतः परे है। वह स्व – प्रकाशित है। वह एक सच्चे गुरु की कृपा से ही महसूस किया जा सकता है। वह आरंभ के समय मे सत्य था; वह तब भी सत्य था जब समय बीता और तब से लेकर आज तक, वह आज के समय मे भी सत्य ही है। वह अभी भी सत्य है। “

9)” The world is a drama, staged in a dream.“
#” य़ह संसार एक नाटक है, जो हमारे सपनों मे रचाया गया है।” 

10)” If the people use the wealth bestowed on them by God for themselves alone or for treasuring it, it is like a corpse. But if they decide to share it with others, it becomes sacred food.” 
#” अगर लोग ईश्वर द्वारा प्रदान किए जाने वाले धन को सिर्फ अपने उपयोग के लिए प्रयोग करते हैं या फिर उसे खजाने की तरह संचित करके रखते हैं, तो यह किसी के मृत शरीर जैसा ही होगा। लेकिन अगर वहीं लोग इसे दूसरे व्यक्तियों के साथ बांटने का सोचते हैं, तो यह एक पवित्र दान के जैसे बन जाता है। “

11)” Only fools argue whether to eat meat or not. They don’t understand truth, nor do they meditate on it. Who can define what is meat and what is plant? Who knows where the sin lies, being a vegetarian or a non-vegetarian?“
#” मांस खाना चाहिए या फिर नहीं खाना चाहिए इस पर सिर्फ मूर्ख व्यक्ति ही बहस करते हैं। वे सभी सत्य को नहीं समझते हैं, ना ही वे इस बात पर कोई ध्यान लगाते हैं। इसका निर्णय कौन कर सकता है कि मांस क्या है और शाक – सब्जी क्या है? किसे पता है किस बात को करने से पाप लगता है, एक शाकाहारी बनने मे या फिर एक मांसाहारी बनने मे? “

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12)” From his (God) brilliancy everything is illuminated. “
#” उसकी ( ईश्वर की) बुद्धिमत्ता से सब कुछ प्रकाशित हो जाता है।” 

13) “Your Mercy is my social status.” 
#” तुम्हारी कृपा ही मेरा सामजिक स्तर है।” 

14) “Death would not be called bad, O people, if one knew how to truly die.” 
#” कोई भी मृत्यु को बुरा नहीं कहेगा। हे लोगों, अगर आपको पता हो कि वास्तव मे मरना किसे कहते हैं।” 

15) “Asceticism doesn’t lie in mere words; He is an ascetic who treats everyone alike. Asceticism doesn’t lie in visiting burial places; it lies not in wandering about nor in bathing at places of pilgrimage. Asceticism is to remain pure amidst impurities.” 
#” वैराग्य सिर्फ शब्दों मे ही नहीं होता है; वह व्यक्ति वैरागी है जो सबके साथ एक समान दृष्टि का व्यवहार करता है। वैराग्य कब्रिस्तान या श्मशान घाटों मे घूमने मे नहीं है ; वैराग्य ऐसे ही भटकने मे नहीं है और ना ही यह पवित्र तीर्थ स्थलों पर जाकर नहाने मे है। वास्तविक वैराग्य का अर्थ गंदगी तथा बुरे विचारों के बीच रहते हुए भी सत्यता से पूर्ण और पवित्र बने रहने मे है। “

16)” Owing to ignorance of the rope the rope appears to be a snake; owing to ignorance of the Self the transient state arises of the individualized, limited, phenomenal aspect of the Self.“
#” एक रस्सी को रस्सी ना समझकर हम उसे एक साँप मान बैठते हैं ; जब हम स्वयं को ठीक से समझने की कोशिश नहीं करते, तब हम स्वयं के एक व्यक्तिगत, सीमित और असाधारण रूप की एक क्षणिक छवि देख पाते हैं।” 

17) “The production of children, the nurture of those born, and the daily life of men, of these matters woman is visibly the cause.” 
#” बच्चों का जन्म, उन जन्मे बच्चों का पालन पोषण और पुरुष का दैनिक जीवन, इन सब बातों का प्रमुख कारण प्रत्यक्ष रूप से स्त्रियां हैं। “

18)” Sing the songs of joy to the Lord, serve the Name of the Lord, and become the servant of His servants.“
#” ईश्वर के सामने खुशी के गीत गाओ, ईश्वर के नाम पर सजदा करो, और ईश्वर के दासों के दास बन जाओ।” 

19) “There are worlds and more worlds below them, and there are a hundred thousand skies over them. No one has been able to find the limits and boundaries of God. If there be any account of God, then alone the mortal can write the same; but God’s account does not finish, and the mortal himself dies while still writing.”
#” वहां पर दुनिया है और उसके नीचे भी कई सारी दुनिया हैं, और फिर उनके ऊपर हजार से भी ज्यादा आसमान हैं। कभी भी कोई भी व्यक्ति ईश्वर की सीमाएं और हदें नहीं खोज पाया है। अगर ईश्वर पर कोई लेख लिखा भी हो, तो ऐसा करने वाला कोई जीवित मनुष्य ही होगा ;लेकिन ईश्वर के लेख का कभी कोई अंत नहीं होगा , और उस जीवित व्यक्ति का जीवन उसे लिखते हुए ही समाप्त हो जाएगा।”

20) “Alone let him constantly meditate in solitude on that which is salutary for his soul, for he who meditates in solitude attains supreme bliss.” 
#” उसे अकेले ही एकांत मे लगातार ध्यान लगाने दो जो कि उसकी आत्मा के लिए बहुत अधिक लाभदायक है, क्योंकि वह व्यक्ति जो एकांत मे ध्यान लगाता है उसे परम कृपा की प्राप्ति होती है। “

21)” One cannot comprehend Him through reason, even if one reasoned for ages.“
#” व्यक्ति कभी उसके होने के कारण को समझ नहीं पाएगा, भले ही वह सदियों तक उसे समझने की कोशिश मे लगा रहे।” 

22) “Even kings and emperors, with mountains of property and oceans of wealth – these are not even equal to an ant, who does not forget God.“
#” कोई भी राजा या विजेता, भले ही उसके पास अथाह धन और सम्पत्ति के पहाड़ हो, वे उस एक चींटी से भी तुलना के कभी योग्य नहीं होंगे, जिसका ध्यान हमेशा ईश्वर मे लगा रहता है और वह उन्हें कभी नहीं भूलती है।” 

23) “I am neither male nor female, nor am I sexless. I am the Peaceful One, whose form is self-effulgent, powerful radiance.” 
#” मैं ना तो पुरुष हूं, मैं ना ही स्त्री हूँ, और ना ही मैं लिंग विहीन हूं। मैं शांति से भरा हुआ हूँ, जिसका स्वरूप स्वयं ही दीप्तिमान है और जिसकी एक बहुत ही प्रकाशित करने वाली चमक है। “

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24)” Me, the bard out of work, the Lord has applied to His service. In the very beginning, He gave me the order to sing His praises night and day. The Master summoned the minstrel to His True Court. He clothed me with the robe of His true honour and eulogy. Since then, the True Name had become my ambrosial food.“
#” मैं उस कवि का काम करता हूं, जिसे ईश्वर ने अपनी सेवा के लिए रखा हुआ है। बिल्कुल आरंभ मे, उसने मुझे अपनी प्रशंसा मे दिन और रात मे गाने का आदेश दिया। उसने मुझे अपनी वास्तविक अदालत मे स्थान दिया। उसने मुझे सच्चे सम्मान के वस्त्र और प्रशस्ति प्रदान की। तब से ही उसका सच्चा नाम मेरे लिए अमरत्व का भोजन बन गया है। “

25)” By singing the Guru’s hymns, I, the minstrel spread the Lord’s glory. Nanak, by praising the True Name, I have obtained the perfect Lord.“
#” गुरु के भजनों को गा गाकर, मैं, एक कवि ईश्वर की महानता के गुण गाता हूं। नानक, सच्चे नाम की आराधना करते हुए मैंने समस्त ईश्वर को पा लिया है।” 

26) “I am neither a child, a young man, nor an ancient; nor am I of any caste.” 
#” मैं ना तो कोई बच्चा हूं, ना हो कोई नौजवान और ना ही मैं बहुत प्राचीन हूं, मेरी कोई जाति भी नहीं है।” 

27) “Let God’s grace be the mosque, and devotion the prayer mat. Let the Quran be the good conduct.” 
#” भगवान की कृपा को आप मस्जिद मान लें और उनके प्रति श्रद्धा को पूजा वाली चटाई मान लें। कुरान को ही अच्छा आचरण करने दीजिए।” 

28) ” That one plant should be sown and another be produced cannot happen; whatever seed is sown, a plant of that kind even comes forth.“
# ऐसा मुमकिन नहीं है कि आप एक पौधा बोते हैं और उसमे से कोई दूसरा पौधा निकल आए। जिस तरह का आपने बीज़ बोया है आपको पौधा भी उसी तरह का ही मिलेगा। “

29)” There is but one God. True is His Name, creative His personality and immortal His form. He is without fear sans enmity, unborn and self-illumined. By the Guru’s grace He is obtained.“
#” वहां सिर्फ एक ही ईश्वर है। उसका नाम सत्य है, उसका व्यक्तित्व रचनात्मक तथा उसका रूप अमर है। वह किसी से भी नहीं डरता है, वह अजन्मा और आत्म प्रकाशित है। सिर्फ गुरु की कृपा से ही उसे प्राप्त किया जा सकता है।” 

30) “Whatever kind of seed is sown in a field, prepared in due season, a plant of that same kind, marked with the peculiar qualities of the seed, springs up in it.” 
#” एक खेत मे जिस भी प्रकार का बीज़ रोपित किया जाता है और पोषित किया जाता है, ठीक उसी प्रकार का हमे पौधा भी प्राप्त होता है, जिसमें बीज़ मे मौजूद गुण उस पौधे मे भी देखे जा सकते हैं। “

31)” Asceticism doesn’t lie in ascetic robes or in walking staff nor in the ashes. Asceticism doesn’t lie in the earring nor in the shaven head nor blowing a conch. Asceticism lies in remaining pure amidst impurities.“
#” वैराग्य सिर्फ वैरागी के कपड़े पहनने या फिर लाठी लेकर चलने या मृत्यु प्राप्त करने से ही नहीं होता है। वैराग्य किसी कान के कुंडल, या मुंडे हुए सर मे या फिर शंख बजाने मे ही नहीं है। वैराग्य तो बुराइयों के बीच मे रहकर भी खुद की पवित्रता को बचाए रखने मे है।” 

32)” Whatever be the qualities of the man with whom a woman is united according to the law, such qualities even she assumes, like a river, united with the ocean.“
#” भले ही पुरुष की कोई भी विशेषताएं हो, कानून के अनुसार जब कोई स्त्री उसके साथ जुड़ जाती है। तब वही विशेषताएं उस स्त्री मे भी आ जाती हैं, ठीक वैसे ही जब कोई नदी समुद्र मे मिलकर उसके सभी गुण धारण कर लेती है।” 

33) “Offspring, the due performance on religious rites, faithful service, highest conjugal happiness and heavenly bliss for the ancestors and oneself, depend on one’s wife alone.” 
# वंशज, धार्मिक संस्कार की क्रियाएँ, सच्चे मन से की गई सेवा, सबसे ऊंची वैवाहिक खुशियां और पूर्वजों के द्वारा भेजे जाने वाले आशीर्वाद और कोई व्यक्ति खुद, यह सब सिर्फ और सिर्फ उसकी पत्नी पर निर्भर होता है।” 

34) “Through shallow intellect, the mind becomes shallow, and one eats the fly, along with the sweets.” 
#” उथले ज्ञान की वज़ह से मस्तिष्क भी उथला बन जाता है, और फिर व्यक्ति मिठाई के साथ साथ मक्खी भी निगल जाता है।” 

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35) “What should the yogi have to fear? Trees, plants, and all that is inside and outside, is He Himself.” 
#” योगी को किससे डरना चाहिए? वृक्षों, पौधों और वो सब कुछ जो अंदर और बाहर है, क्या वह खुद ही है जिससे उसे डरना चाहिए ।” 

36) “I am not the born; how can there be either birth or death for me?” 
#” जब मेरा कभी जन्म ही नहीं हुआ ; फिर मेरे लिए जन्म क्या है और मृत्यु क्या है?” 

37) “He who regards all men as equals is religious.” 
#” वह व्यक्ति जो सभी व्यक्तियों को एक समान दृष्टि से देखता है, वह व्यक्ति ही धार्मिक है।” 

38) “Thou has a thousand eyes and yet not one eye; Thou host a thousand forms and yet not one form.” 
#” उसके पास हजार आंखें हैं, लेकिन उसकी एक भी आंख नहीं है ; उसके पास हजारों रूप हैं, परंतु फिर भी उसका अपना कोई रूप नहीं है।” 

39) “I bow at His Feet constantly, and pray to Him, the Guru, the True Guru, has shown me the Way.” 
#” मैं निरंतर उसके चरणों पर झुकता हूं, और उससे, मेरे गुरु, मेरे सच्चे गुरु से प्रार्थना करता हूं, और वे मुझे रास्ता दिखाते हैं।” 

40)” If the people use the wealth bestowed on them by God for themselves alone or for treasuring it, it is like a corpse. But if they decide to share it with others, it becomes sacred food.“
#” अगर लोग भगवान के द्वारा दी हुई सम्पत्ति का इस्तेमाल सिर्फ अपने लिए करे या उसे सहेज के रखे तो वह एक लाश के समान ही होगी। लेकिन वे इसका उपयोग लोग के बीच साझा करके करे, तो यह खाना भगवान का प्रसाद बन जाएगा।” 

41) “Emotional attachment to maya is very painful. It is a bad bargain.” 
#” माया के प्रति भावनात्मक जुड़ाव बहुत दुखदायी होता है। यह एक घाटे का सौदा साबित होता है।” 

42) “Tell your troubles to the One, who is the source of all comforts.” 
#” अपनी सारी समस्याएं उसे बताओ, जो कि हर तरह के आराम का स्त्रोत है।” 

43) “Pray not because you need something, but because you have a lot to be thankful for.” 
#” प्रार्थना करो, इसलिए नहीं कि तुम्हें किसी चीज़ की जरूरत है, बल्कि इसलिए कि तुम्हारे पास बहुत कुछ है जिसका शुक्रिया तुम्हें प्रार्थना के जरिये अदा करना चाहिए।” 

44)” For each and every person, our Lord and Master provides sustenance. Why are you so afraid, O mind? The flamingos fly hundreds of miles, leaving their young ones behind. Who feeds them, and who teaches them to feed themselves? Have you ever thought of this in your mind?“
#”हर एक व्यक्ति के लिए, हमारे मालिक ने जीविका प्रदान की है। तुम इतना डरते क्यों हो, मेरे मस्तिष्क? फ्लेमिंगो पक्षी अपने छोटे बच्चों को पीछे छोड़कर हजारों मील तक उड़ जाते हैं। तब कौन उन्हें खाना खिलाता है और कौन उन्हें खुद से खाना खाना सिखाता है? क्या तुमने अपने मन मे कभी यह बात सोची है? 

45) “Speak only that which will bring you honor.” 
#” सिर्फ उतना ही बोलो जिससे तुम्हें सम्मान प्राप्त हो सके।” 

46) “Those who have loved are those who have found god.” 
#” जिन्हें प्रेम करना आता है, असल मायने में सिर्फ वे ही ईश्वर को प्राप्त कर पाएँ हैं।” 

47)” In this world 
Pain steps forward.“
#” इस संसार मे जब आप खुशियो के लिए तरसते हो, तब दुख और दर्द सबसे पहले आगे आते हैं।”

48)” Realization of Truth is higher than all else. Higher still is truthful living.“
#” सत्य का आभास होना ही बाकी सब बातों से उच्च होता है। यह उच्चता ही सत्यता से पूर्ण जीवन है।” 

49) “Wherever the Protector of all keeps me, there is heaven.” 
#” जहां समस्त दुनिया का रक्षक मुझे रखेगा, मेरे लिए तो वही स्वर्ग है।” 

50) “Through the perfect karma of good deeds, one meets the Perfect Guru, whose speech is perfect.” 
# ” अच्छे कार्यों का कर्म करते हुए, व्यक्ति सबसे श्रेष्ठ गुरु से मिलता है, जिसके कथन भी सच्चाई से भरे होते हैं।” 

51) “Those who act in ego do not go beyond karma. It is only by Guru’s Grace that one is rid of ego .” 
#” जो व्यक्ति घमंड से भरे हुए कार्य करते हैं, वो कर्म के आगे नहीं जा पाते हैं। सिर्फ और सिर्फ गुरु की कृपा से ही व्यक्ति को अपने घमंड से छुटकारा मिल सकता है।

Featured Image – Wikimedia

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