कोयला के प्रकार और उपयोग Types of Coal and Its Uses in Hindi

आज के इस आर्टिकल में हम आपको – कोयला के प्रकार और उपयोग Types of Coal and Its Uses in Hindi के विषय में बताएँगे।

कोयला के प्रकार और उपयोग Types of Coal and Its Uses in Hindi

कोयला क्या है? What is coal?

कोयला एक काला अथवा भूरे रंग का ज्वलनशील पदार्थ है, जो कि तलछटी अथवा अवसादी चट्टानों से पाया जाता है। कोयला मुख्य रूप से कार्बन, हाइड्रोजन, सल्फर, ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन आदि तत्वों से मिलकर बना है।

कोयला के बारे में जानकारी Coal Details in Hindi

यह ठोस अवस्था में पाया जाता है। कोयला काले रंग का खनिज पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल घरों में खाना बनाने के लिए ईंधन के रूप में किया जाता है। कोयले का निर्माण तब होता है जब लकड़ी तथा पौधों का अपक्षय होकर यह पीट में परिवर्तित हो जाता है, उसके बाद यह पीट लाखों वर्षों के अत्यधिक तापमान तथा दबाव के कारण कोयले में परिवर्तित हो जाता है। इस पीट के कोयले में परिवर्तन की प्रक्रिया को कार्बनीकरण कहा जाता है।

एक जीवाश्म ईंधन के रूप में कोयला विश्व की एक चौथाई प्राथमिक आवश्यकताओं को पूरा करता है, तथा विद्युत उत्पादन में विश्व में 40% विद्युत-उत्पादन के लिए अति महत्वपूर्ण है। ईंधन तथा ऊर्जा के लिए प्रयोग के साथ साथ कोयले का प्रयोग पेंट, पोलिश, टाइपराइटर, टायर, ट्यूब तथा जूते इत्यादि बनाने में किया जाता है। इसके अलावा कई लौह तथा अयस्क कारखानों में कोयले का उपयोग अत्यधिक मात्रा में किया जाता है। 

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कोयला निकालने तथा उपयोग करने की प्रक्रिया के कारण कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होती हैं। कोयला पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। यह जलवायु परिवर्तन के लिए एक प्रमुख उत्तरदायी कारण है क्योंकि यह कार्बन डाइऑक्साइड के उत्पादन का सबसे बड़ा मानवजनित स्त्रोत है। वैश्विक ऊर्जा परिवर्तनकाल के तहत अनेक राष्ट्रों में कोयले के उपयोग पर कमी अथवा पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। 

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विश्व में कोयले का सबसे बड़ा उपभोक्ता तथा आयातक देश चीन है। वही दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया दुनिया का सबसे बड़ा कोयला निर्यातक देश है। कोयले का प्रयोग अनेक घरेलु कार्यों, रासायनिक क्रियाओं तथा उद्योगधंधों में किया जाता है। 

कोयला के प्रकार Types of Coal in Hindi

कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयले को निम्न चार भागों में वर्गीकृत किया गया है:-

1) एंथ्रेसाइट Anthracite

यह सबसे उच्च गुणवत्ता वाला कोयला माना जाता है क्योंकि इसमें कार्बन की मात्रा 94 से 98 प्रतिशत तक पाई जाती है। यह कोयला मजबूत, चमकदार काला होता है। इसका प्रयोग घरों तथा व्यवसायों में स्पेस-हीटिंग के लिए किया जाता है। 

2) बिटुमिनस Bituminous

यह कोयला भी अच्छी गुणवत्ता वाला माल्ना जाता है। इसमें कार्बन की मात्रा 78 से 86 प्रतिशत तक पाई जाती है। यह एक ठोस अवसादी चट्टान है, जो काली या गहरी भूरी रंग की होती है। इस प्रकार के कोयले का उपयोग भाप तथा विद्युत संचालित ऊर्जा के इंजनों में होता है। इस कोयले से कोक का निर्माण भी किया जाता है।

3) लिग्नाइट Lignite

यह कोयला भूरे रंग का होता है तथा यह स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक हानिकारक सिद्ध होता है। इसमें कार्बन की मात्रा 28 से 30 प्रतिशत तक होती है। इसका उपयोग विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।

4) पीट Peat

यह कोयले के निर्माण से पहले की अवस्था होती है। इसमें कार्बन की मात्रा 27 प्रतिशत से भी कम होती है। तथा यह कोयला स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यधिक हानिकारक होता है।

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कोयले से होती है अम्ल वर्षा Coal is factor behind acid rain

कोयला-खनन तथा कोयले से ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया पर्यावरण को प्रत्यक्ष रूप से हानि पहुंचाते हैं। अम्लीय-वर्षा होने के पीछे कोयला एक प्रमुख कारक है। कोयले के प्रयोग का सबसे हानिकारक परिणाम ग्लोबल वार्मिंग के रूप में सामने आया है।

वर्तमान में, समस्त विश्व को कोयले के प्रयोग को कम करने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने की ज़रूरत है, जिसके कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव को रोका जा सके।

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