रिफर्बिश्ड फोन्स क्या होते हैं? फायदे नुक्सान What are Refurbished Phones in Hindi

आईए आपको बताते हैं रिफर्बिश्ड फोन्स क्या होते हैं? के फायदे और नुकसान हिंदी में What are Refurbished Phones in Hindi और इसके pros और cons के बारे मे पूरी जानकारी।

रिफर्बिश्ड फोन्स क्या होते हैं? What are Refurbished phones?

आम तौर पर रिफर्बिश्ड फोन्स मोबाइल के उन हैंडसेट्स को कहा जाता है जो किसी व्यक्ति के खरीदने के बाद उनमे आई किसी प्रॉब्लेम या फॉल्ट की वजह से वापस भेज दिये जाते हैं, जिसके बाद इसे रिपेयर करके फिर से सेल पर लगा दिया जाता है। 

ऐसा भी जरूरी नहीं कि वे फोन किसी फॉल्ट की वजह से वापस किए जाते हैं बल्कि कभी कभी कस्टमर फोन लेने के बाद अपना मन बदल लेता है और वो उसे खरीदने के 30 दिनों के अंदर ही वापस कर देता है, शॉप कीपर अक्सर ऐसे फोन्स को भी रिफर्बिश्ड फोन्स कहते हैं।

ये रिफर्बिश्ड फोन्स दुबारा सेल पर लगाए जाने से पहले अच्छे से चेक किए जाते हैं कि क्या इसके सारे पार्ट्स ठीक से फंक्शन कर रहे हैं या नहीं। इतना ही नहीं डाटा प्रोटेक्शन ऐक्ट के तहत सेलर उस फोन मे पहले से मौजूद किसी भी डाटा को पूरी तरह से रिमूव कर देगा। 

रिफर्बिश्ड फोन्स के फायदे और नुकसान Refurbished Phones : Pros and Cons

अलग अलग कारणों से रिफर्बिश्ड फोन्स किसी नए हैंडसेट का बेहतर आल्टरनेटिव साबित हो सकते हैं। क्योंकि रिफर्बिश्ड फोन्स एक बार इस्तेमाल किए जा चुके होते हैं, इसलिए इसकी कोई गारंटी भी नहीं होती कि फ्यूचर मे दोबारा इनमे कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। इसीलिए किसी रिफर्बिश्ड फोन को खरीदने से पहले आपको उसके फायदे और नुकसान के बारे मे पता होना चाहिए। 

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फायदे Advantages

  • किसी रिफर्बिश्ड फोन को खरीदने का सबसे बड़ा कारण उनका कम प्राइस है। किसी नए ब्रांडेड फोन को खरीदने की जगह लोग उसके रिफर्बिश्ड वर्जन को खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि ये उनके काफी रुपये बचा लेता है। रिफर्बिश्ड फोन्स बड़े डिस्काउंट के साथ बेचे जाते हैं क्योंकि वो एक बार उपयोग किए जा चुके होते हैं और उन्हें दोबारा ‘नया’ बताकर नहीं बेचा जा सकता है। ये रिफर्बिश्ड फोन वो लोग ज्यादातर खरीदते हैं जिनका फोन चोरी हो गया हो या खो गया हो और नया फोन लेने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं होते। 
  • रिफर्बिश्ड फोन्स खरीदने का दूसरा बड़ा फायदा ये है कि ये फोन लेकर आप एक तरह से एनवायरनमेंट का नुकसान होने से बचाते हैं। रिफर्बिश्ड फोन्स रीसाइकल्ड प्रोडक्ट होते हैं, जो कि एनवायरनमेंट को डैमेज से बचाते हैं। 
  • रिफर्बिश्ड फोन्स लेने का एक और फायदा उसकी वारंटी होती है। जब आप किसी नामी कम्पनी से रिफर्बिश्ड फोन्स लेते हैं, तो वो आपको कम से कम 90 दिनों की वारंटी देते हैं, और अगर उन 90 दिनों तक आपके फोन मे कोई मैल-फंक्शन या ख़राबी आती है तो वो सेलर आपके फोन को मुफ्त मे रिपेयर करवा कर देते हैं। 
  • एक बार इस फोन को कम्पनी द्वारा टेस्ट करने के बाद ये हैंडसेट्स यूजर और स्किल्ड तकनीशियन से टेस्ट करवाये जाते हैं। इसलिए ये आम तौर पर बाकी फोन से ज्यादा सिक्युर होते हैं क्योंकि इतने सारे लोग इसे टेस्ट करते हैं। 

नुकसान Disadvantages

भले ही कम प्राइस, एनवायरनमेंट फ्रेंडली और वारंटी रिफर्बिश्ड फोन्स को खरीदने के अच्छे कारण हैं, लेकिन उसके बावजूद रिफर्बिश्ड फोन्स को खरीदने के कई नुकसान भी हो सकते हैं। 

  • क्योंकि ये रिफर्बिश्ड फोन्स पहले भी किसी और व्यक्ति के द्वारा ईस्तेमाल किए जा चुके हैं और किसी फैल फंक्शन की वजह से वापस किए गए हैं, इसलिए जाहिर है कि भविष्य मे भी इसमे कभी भी कोई डिफेक्ट आ सकते हैं। ये डिफेक्ट हार्डवेयर के साथ साथ फोन के सॉफ्टवेयर मे भी हो सकते हैं। फोन मे इंटरनल डिफेक्ट जैसे कि फोन कैमरे या स्पीकर की क्वालिटी मे ख़राबी या फिर एक्सटर्नल डिफेक्ट जैसे कि स्क्रैचेज़, या क्रैक भी हो सकते हैं। 
  • और जहां तक रिफर्बिश्ड फोन्स मे दी जाने वाले वाली वारंटी की बात है, तो ये भी हमेशा एक साल कम की ही होती है, जो कि नए फोन की वारंटी से कम ही होती है।  किसी भी नए हैंडसेट मे दी जाने वाली वारंटी 1 से डेढ़ और दो साल तक की होती है। 
  • इस तरह के फोन लेते समय आप ये नहीं जानते कि इसके अन्दर के पार्ट्स में क्या और कितना सही है। यानी कि दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। अब जांच तो आप नए फोन के पार्ट्स भी नहीं सकते लेकिन वहां बात अलग होती है क्योंकि आपको वारंटी ज्यादा यानी कि 1 साल की मिलती है। इस तरह के फोन के साथ यही परेशानी होती है कि यह पता कर पाना की चीजें किस हद तक सही है और किस हद तक खराब, मुश्किल होता है। 
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ध्यान में रखने वाली अन्य बातें Other Things to Consider

इस बात को कोई गारंटी नहीं है कि जो रिफर्बिश्ड फोन आपने लिया है, उसमे कोई डिफेक्ट होगा या वो अच्छे से काम करेगा। एक रिपोर्ट की माने तो, रिफर्बिश्ड फोन्स मे नए फोन डिफेक्ट पाए जाने की संभावना काफी कम होती है, क्यूंकि उन्हें दोबारा बेचने से पहले उसे ओरिजिनल प्रोडक्ट जैसा दिखाने के लिए उनकी ठीक से इंस्पेक्शन, सर्विसिंग, टेस्टिंग और रिपैकेजिन्ग की जाती है।

लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि हर एक रिफर्बिश्ड फोन्स के साथ ऐसा इंस्पेक्शन किया जाता है। ये आपकी किस्मत पर डिपेंड करता है। लेकिन दोस्तों कुछ ऐसी बातें भी हैं जिन्हे इस तरह के फोन को खरीदने से पहले ध्यान में रखना जरूरी है। वे बातें निम्नलिखित हैं :- 

  • इस तरह के फोन में डिफेक्ट तो होगा ही ये बात तो जग जाहिर है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बेचने वाली कंपनियां उन कमियों को सही तरह से बताती नहीं है। जैसे अगर किसी ऐसे पार्ट में कमी है जिसे पकड़ा ना जा सके तो वो उसे छुपाने की कोशिश भी करती हैं, इसलिए अगर आप इस तरह का कोई भी फोन खरीदते हैं तो जरूर यह जांच ले कि उसमें क्या क्या दिक्कतें रहीं हैं। 
  • इस तरह के फोन के दाम में भी बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता है, लेकिन अगर आपको यह लगे कि यह फोन आपको अत्यधिक कम दाम पर मिल रहा है तो जांच जरुर करें। 

ऊपर मेंशन की गई बातें काफी सामान्य थीं लेकिन लगभग हर कोई इन बातों को नज़र अंदाज करता है, जबकि उन्हे ऐसा नहीं करना चाहिए। कई बार खरीददारी के समय हम बड़ी बड़ी जांच तो कर लेते हैं लेकिन अक्सर छोटी छोटी बातों में फंस जाते हैं, जिसके कारण दिक्कत का सामना कर पड़ता है। 

ओवर ऑल अगर आप अपने पुराने फोन को रिप्लेस करने के लिए डिस्काउंट पर और कम प्राइस मे फोन लेने की सोच रहे हैं तो रिफर्बिश्ड फोन आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है। 

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