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2017 भोगी त्यौहार आंध्र प्रदेश Essay on Bhogi Festival in Hindi

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2017 भोगी त्यौहार आंध्र प्रदेश Essay on Bhogi Festival in Hindi

भोगी त्यौहार पर निबंध – आंध्र प्रदेश Essay on Bhogi Festival in Hindi

भोगी त्यौहार या भोगी (Bogi), यह दिन पोंगल त्यौहार का प्रथम दिन होता है और यह दिन इंद्र देव (Lord Indra) के सम्मान और पूजा के लिए होता है। इंद्र देव को बादलों और वर्षा का देवता माना जाता है। इस दिन इंद्र देव की पूजा फसल की प्रचुरता या अधिक फसल पाने के लिए किया जाता है।

लोगों का मानना होता है की इस दिन इंद्र देव की पूजा कर के उन्हें प्रसन्न करने से वो फसल के अनुसार समय पर बारिश कराएँ और सबको कृषि के क्षेत्र में हाभ हो। इस कारण इस दिन को इन्द्रन (Indran) भी कहा जाता है। यह त्यौहार मकर संक्रांति के साथ ही मनाया जाता है।

भोगी त्यौहार पर निबंध – आंध्र प्रदेश Bhogi Festival in Hindi

विषय सूचि

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2017 भोगी त्यौहार या भोगी (Bogi) कब है? Bhogi Festival Celebration

January 13, 2017

भोगी या Bhogi त्यौहार के दिन सभी लोग अपने घरों की अच्छे से साफ़ सफाई करते हैं और घर को सुन्दर से सजाते हैं। इस दिन से पोंगल त्यौहार का शुरुवात होता है और सभी परिवार के लोग भोगी के दिन मिल कर घर की साफ़ सफाई में जुट जाते हैं।

कोलम

सभी गरीब से लेकर आमिर व्यक्ति अपने घरों के फर्श को अच्छे से धोते हैं और घरों की पुताई भी करते हैं। घर की सफाई के साथ-साथ घरों के फर्श में लोग “कोलम” बना कर सजाते हैं जो नए चावल के पेस्ट से बनाया जाया है।

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उन कोलम के बीचों बिच गाय के गोबर का गोला बना कर उनमें कद्दू के फूलों को सजाते हैं। इस दिन को मनाने के लिए लोग / किसान अपने नए चावल, हल्दी और गन्ने को खेतों से घर लेकर आते हैं।

सूर्य पूजा

फसल की कटाई से पहले एक अलग और महत्वपूर्ण पूजा की जाती है। इसमें किसान सूर्य भगवान् की पूजा करते हैं और चंदन के साथ अपने हल और हंसिया का अभिषेक करते हैं।

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होलिका

शाम के समय सभी लोग पंजाब के लोहड़ी त्यौहार के जैसे – होलिका जलाते हैं और उसमें लकड़ी से कुछ बने चीजें और गाय के गोबर से बने उफ्लों को भी जलाते हैं। आंध्र प्रदेश में इस दिन लडकियां अपने पुराने कपड़ों को होलिका में जला देती हैं और नए कपड़ों को नहाने और तेल लगाने के बाद पहनते हैं।

पोंगल पनाइ

पोंगल पनाइ नाम का एक रिती या धर्म क्रिया भी मनाया जाता है जिसमें मिटटी के मटकों को रंग किया जाता है और सुन्दर कलाकृति की जाती है।

Featured Image Source – (Flickr) Satish Krishnamurthy

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