खुशी पर निबंध Essay on Happiness in Hindi for Children’s and Students

खुशी पर निबंध Essay on Happiness in Hindi for Children’s and Students

जीवन में खुशी हमेशा सकारात्मकता की भावना जागृत करता है। जब कोई किसी चीज़ के बारे में आनंद महसूस करता है, तो उसे व्यक्ति की “खुशी” कहा जाता है। खुश रहने से लोग शांति महसूस करते है और मनुष्य को मुस्कुराने में मदद मिलती है। इस आर्टिकल में हमने बच्चों और विद्यार्थियों के लिए जीवन के ख़ुशी पर निबंध प्रस्तुत किया।

खुशी पर निबंध Essay on Happiness in Hindi for Children’s and Students

ख़ुशी और उदासी Happiness and Sadness

खुशी आमतौर पर उदासी के विपरीत होती है। कई दार्शनिकों ने कहा है कि दुनिया में खुशी और उदासी आती जाती रहती हैं, लेकिन ऐसा कोई भी नहीं है जो हमेशा खुश या हमेशा उदास होता है। खुशी कभी-कभी लोगों को हंसते समय रोने का कारण भी बनती है क्योंकि भावना किसी के नियंत्रण में नहीं होती है।

खुशी एक बहुत मुश्किल श्रेणी है, जो हर कोई खुद के लिए चुनता है। हम इन भावनाओं का वर्णन नहीं कर सकते हैं। मेरी राय में हम इसे लोगों की आंखों में देख सकते हैं। खुशी हमारी आत्मा के अंदर से चमकती है। एक व्यक्ति के लिए खुश रहना स्वास्थ्य बर्धक है। यह आत्मा में प्यार को बढ़ावा देता है।

कुछ लोग सोचते हैं कि खुशी उनके जीवन का केवल एक छोटा सा समय है। एक नियम के रूप में, हम लंबे समय तक अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काम करते हैं और यदि हम सफल हो जाते हैं, तो हमें खुशी महसूस होती है और नहीं हुए तो उदासी। कभी-कभी हम अविश्वसनीय दृश्यों और सुंदर इमारतों को देखते हुए भी खुशी महसूस करते हैं।

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परिवार से ख़ुशी का रिश्ता Happy relationship with family

मैंने पाया है कि मेरे ख़ुशी के पल” को पूरा करने में मेरा परिवार, मेरी खुशी का एक बड़ा तत्व है। कुछ ख़ुशियों के उदाहरणों में रविवार को मेरे परिवार के साथ दोपहर का खाना शामिल है तो कभी सबके साथ घूमना और इस तरह हम सिर्फ एक-दूसरे के साथ का आनंद लेते हैं।

दोस्तों के साथ मिलकर घंटों बातें करना साथ-साथ पढना ये सभी खुशियाँ है। ख़ुशी को शब्दों में आकां नहीं जा सकता है चाहे छोटी हो या बड़ी हो। किसी को ख़ुशी पैसे में मिलती है तो किसी को प्यार में, तो कोई इसे महसूस करता है।

छोटे और बड़े हम मनुष्य दोनों ही ख़ुशी का अनुभव कर सकते है। हम कह सकते है ख़ुशी सबके अंदर होती है और लोग इसे बाहर खोजते है। इसलिए यह जानना बहुत ज़रूरी होता है कि जीवन में हम खुशियाँ कैसे ढूंढ सकते हैं। इस तरह हर व्यक्ति खुश हो सकता है, क्योंकि हर किसी के पास उनके रिश्तेदार, और दोस्त होते है। यही ख़ुशी है।

ख़ुशी हर पल में है Happiness is Everywhere and Every time

मेरे लिए, खुशी मेरी जिंदगी है। मैं हर एक पल का आनंद लेता हूं। बेशक, मैं अपने परिवार और अपने कार्य से बेहद खुश हूँ। मुझे लगता है कि हर कोई अपनी जिंदगी में खुशी ला सकता है। जो भविष्य में उनकी खुशियों का कारण बन सकता हैं। दुर्भाग्यवश, बहुत से लोग सोचते हैं कि वे खुश नहीं हैं, क्योंकि उनके पास बहुत सारी समस्याएं हैं।

हम कोई भी अच्छी घटनायें और चीजे लंबे समय तक याद नहीं रहते है। हमें बुरा वक्त हमेशा याद रहता हैं और यह लोगों के लिए बहुत आम बात है। मेरा मानना ​​है कि दुनिया के सभी लोग खुश हो सकते हैं अगर वो अपने हर पल को ख़ुशी से भर ले। उन्हें अपने अन्दर की ख़ुशी को खोजना होगा इसीलिए हर किसी को अपने जीवन में सभी अच्छे कार्यों को याद रखना चाहिए, जो हमारे जीवन के हर पल में खुशी ला सकते है।

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सकारात्मकता और खुशी Positivity and Happiness

छोटे बच्चे, अपनी छोटी बार्बी गुड़िया के साथ खेलते है। उनको साधारणतः उनकी छोटी सी दुनिया में किसी बात की कोई चिंता नहीं होती जिसमें वह रहते है। हमारे बचपन के वर्षों के दौरान जीवन आसान था, तब हम सभी बड़े होने के लिए उत्सुक थे। यह तब तक ही होता है जब तक छोटे होते है और जब हम किशोरावस्था में उभरने लगते हैं या किशोर अवस्था में पहुँच जाते है तो पुराने दिनों की बातें याद आती है जिसमें हम निश्चिंत थे।

दूसरे शब्दों में हम यह स्वीकार करना शुरू देते हैं, कि जीवन, कल्पना करने से कहीं अधिक कठिन है। इसीलिए खुश रहने का सबसे अच्छा तरिका है कि हमें अपने सारे अच्छे कामों को करते हुए अपनी सोच को सकारात्मक रखनी है और हमें आज देखना है कल की चिंता नहीं करना है और पुराने बीते वक्त को अलबिदा कहना है यही जीवन जीने और खुश रहने का सही तरीका है।

प्राकृतिक सुन्दरता में भी ख़ुशी है Happiness in Nature

निकलते हुये सूरज को देखना,  फूलों को देखना, सुन्दर पहाड़, झरने आदि किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट ला सकते है। ये सभी उदाहरण हैं जिससे कोई व्यक्ति खुशियों को महसूस कर सकता है। अनगिनत उत्तेजनायें है जिसके माध्यम से खुशी हासिल की जा जाती है, भले ही वे भौतिक हो या भावनात्मक हों। किसी भी खुशी की कोई सामान्य परिभाषा नहीं होती है। प्रत्येक व्यक्ति की अपनी धारणा होती है कि उसके लिये खुशी क्या है? और ख़ुशी कोई ढूंडने की वास्तु नहीं यह एहसास करने से जीवन में आता है।

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