महंगाई की समस्या पर निबंध Essay on Price Rise or Inflation in Hindi

महंगाई की समस्या पर निबंध Essay on Price Rise or Inflation in Hindi

आज के समय में महंगाई एक बड़ी समस्या है। इसे “मुद्रास्फीति” Inflation भी कहते हैं। हर कोई महंगाई से परेशान है। आम आदमी की आमदनी कम है पर खर्चा जादा। दो वक़्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है।

पति- पत्नी, घर के सभी व्यस्क सदस्यों को काम करना पड़ रहा है तब जाकर धक्का देकर घर का खर्च चल रहा है। देश में सभी अनाज, सब्जियाँ, फलों, दूध का उत्पादन हो रहा है फिर भी मूल्य बहुत अधिक है।

दूध 50 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गया है और दालें 200 रुपये/ किलो हो गयी है। कई बार देश में जानबूझकर वस्तु की कमी बनाई जाती है जिससे उनका मूल्य बढ़ जाये और व्यापारी मुनाफा कमा सकें।

महंगाई की समस्या पर निबंध Essay on Price Rise or Inflation in Hindi

थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) के अनुसार देश में पिछले साल जून 2017 में महंगाई दर मात्र 0.90% थी जो जून 2018 में बढ़कर 5.77% हो गयी। महंगाई का अर्थ आम आदमी द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले चीजो जैसे- सब्जियाँ, फल, मीट, चीनी, अंडे, मांस, दालें, अनाज, दूध जैसे तमाम वस्तुओं से है।

1947 में देश में 10 ग्राम सोना 88 रुपये में मिलता था, जबकि अब 2018 में 10 ग्राम सोना खरीदने के लिए 32000 रुपये खर्च करने होंगे। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 1948 से 2013 तक देश में महंगाई (मुद्रास्फीति) हर साल 6.55% की दर से बढ़ती रही है।

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यह देश के लिए एक गंभीर समस्या है। आम आदमी इससे सबसे जादा त्रस्त है। महंगाई बढ़ने पर वस्तु की उतनी मात्रा खरीदने के लिए जादा मूल्य चुकाना होता है, इससे व्यक्ति की जेब में बड़ा छेद होता है। उसकी बचत खत्म हो जाती है।

आजकल हमारे देश की सरकार भी महंगाई कम करने का प्रयास कर रही है। हमारे देश में महंगाई को कंज्यूमर वैल्यू इंडिकेटर (Consumer Value Indicator) और स्टॉक वैल्यू इंडिकेटर (Stock Value Indicator) के द्वारा आकलन किया जाता है। आम जनता के लिए महंगाई को कंज्यूमर वैल्यू इंडिकेटर से ही आँका जाता है।

वस्तुयें जो महंगी होने से आम आदमी प्रभावित होता है GOODS USED BY COMMOM MAN

ये वस्तुएं महंगी होने से आम आदमी प्रभावित होता है-

  •        सब्जियाँ, फल, दूध, अनाज, दालें,
  •        मांस उत्पाद
  •        पेट्रोल, डीजल
  •        खाद्द्य तेल जैसे सरसों का तेल, रिफाइन, डालडा
  •        कपड़ा
  •        बिजली
  •        टीवी, फ्रिज, रेफ्रीजरेटर, वाशिंग मशीन
  •        साबुन, शैम्पू, डिटर्जेंट, टॉयलेट क्लीनर
  •        सोना, चाँदी
  •        स्टेशनरी उत्पाद (किताब, कॉपी)

महंगाई से देश की मुद्रा का मूल्य कम होता है  INFLATION WEAKENS COUNTRY CURRENCY

महंगाई बढ़ने से देश की मुद्रा कमजोर हो जाती है। रूपये का मूल्य डॉलर, पौंड, यूरो जैसी विदेशी मुद्रा की तुलना में कम हो जाता है। हमे तेल, पेट्रोल, क्रूड ऑयल खरीदने के लिए अधिक रुपया चुकाना पड़ता है। आयातित वस्तु के लिए अधिक रुपया देना पड़ता है। जबकि निर्यात पर हमे कम विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। इस वक्त जुलाई 2018 में 1 डॉलर 69 रुपये के बराबर है।

रुपया कमजोर होने से देश कमजोर होता है। भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा असर होता है। विदेशों से हथियार, मशीनरी, केमिकल्स, कॉफ़ी, पेट्रोल जैसी वस्तुओं को खरीदने के लिए देश को अधिक मुद्रा देनी होती है। मुद्रास्फीति देश की अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक घटना है।

भारत में महंगाई के कारण  CAUSES OF INFLATION IN INDIA

देश में महंगाई बढ़ने का निम्न कारण है-

  • देश की खेती हर साल घाटे में जा रही है। समय पर मानसून नही आता, बारिश नही होती है और जादातर किसानो की फसलें बर्बाद हो जाती है। देश की आबादी अधिक है और फसलों का उत्पादन कम। अधिक मांग और कम आपूर्ति के नियम अनुसार महंगाई बढ़ जाती है। हर साल सैकड़ों किसान आत्महत्या कर लेते हैं। बाढ़ और सूखा कृषि के लिए दुश्मन बन गये हैं।
  • देश की आबादी 2018 के अनुसार 132 करोड़ पहुँच गयी है। विश्व में भारत जनसंख्या के मामले में दूसरे नम्बर पर है। 1 नम्बर पर चीन है जिसकी आबादी 137 करोड़ है। हर साल देश में एक नया आस्ट्रेलिया भी बन रहा है पर संसाधन उतनी तेजी से नही बढ़ रहे हैं।
  • देश में व्यापारी बेईमान और भ्रष्ट है। वो जमाखोरी करते है और उसी वस्तु को तब बेचते है जब मूल्य अधिक होता है। वस्तुओं की कालाबाजारी की जा रही है। अमीर व्यापारी मंडियों में माल आते ही उसे खरीद कर जमा कर लेते है। जब वस्तु का दाम बढ़ जाता है तो वो अपना माल निकालकर बेचकर मुनाफा कमाते हैं।
  • वस्तुओं पर लगने वाले अप्रत्यक्ष कर के कारण भी वस्तुओ का मूल्य बढ़ जाता है।
  • उप्तादन- आपूर्ति में उतार चढ़ाव।
  • मांग- आपूर्ति में उतार चढ़ाव।
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महंगाई से प्रभावित कौन होता है  WHO IS MUCH AFFECTED BY INFLATION

  •        देश का मध्यवर्ग
  •        देश का गरीब वर्ग
  •        गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने वाले लोग

सर्वाधिक महंगाई वाले देश WORLDS HIGHEST INFLATION COUNTRIES

सीरिया, मिस्र, इरान, म्यामार, श्रीलंका, अफगानिस्तान, मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, नेपाल, वियतनाम, कोलंबिया, मंगोलिया, मॉरिशस, रूस, पाकिस्तान और भारत जैसे देश में आजकल बहुत महंगाई है। इन देशो में महंगाई दर 4 से 25% तक है।

महंगाई को रोकने के उपाय  MEASURES TO CHECK INFLATION

सरकार को निम्न कदम उठाने चाहिये-

  • इसे रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिये। जमाखोर, कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिये। ऐसे व्यापारियों के गोदामों पर छापे मारने चाहिये।
  • खाने पीने की चीजे जैसे सब्जियाँ, फल, अनाज के निर्यात को हतोत्साहित करना चाहिये। कम से कम निर्यात मूल्य निर्धारित करना चाहिये जिससे देश के अंदर वस्तु की कमी होने पर कोई व्यापारी उसे विदेशी में निर्यात न करे।

आम आदमी महंगाई से कैसे बचे HOW COMMON MAN CAN FACE INFLATION

ये उपाय करके आप भी महंगाई से बच सकतें हैं

  •        वस्तुएं सस्ती होने पर भविष्य के लिए खरीद लें।
  •       सेल सीजन में खरीददारी करें।
  •        बड़ी दुकानों (Hypermarkets) जैसे बिग बजार, वालमार्ट में आपको सस्ता सामान मिल जाएगा
  •       होलसेल मार्केट से सामान खरीदे।
  •        अपने 8 10 दोस्तों के साथ मिलकर मिनी कॉपरेटिव बनाकर सामान ख़रीदे। अधिक सामान खरीदने पर जादा सस्ती मिलती है। बाद में वस्तु को आप दोस्तों में बाँट लें। हर बार एक दोस्त होलसेल मार्किट या मंडी जा सकता है।
  •        लंच लेकर ऑफिस जाये
  •        सेविंग एकाउंट में पैसा बेकार पड़े न रहने दें। फिक्स्ड डिपोसिट और दूसरे कम समय के लिए निवेश करें
  •       टैक्स लाभ लें।
  •        खाना बर्बाद न करें। देश में एक मिडिल क्लास परिवार महीने में 500 से 2000 रुपये का खाना बर्बाद कर देता है। बड़े अमीर घरों में लाखों  रुपये का खाना हर महीने बर्बाद कर दिया जाता है।
  •        बिजली का खर्च कम करने के लिए सोलर एनर्जी (सौर ऊर्जा) का इस्तेमाल करे। इस्तेमाल न होने पर बिजली पंखों, टीवी जैसी इलेक्ट्रानिक वस्तुओं को बंद रखे
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निष्कर्ष Conclusion

महंगाई को लेकर एक जुमला है की यह हमेशा थी और हमेशा रहेगी। यह संसार का नियम है। आज से 30 40 साल जो चीज 1 रुपये की थी वो आज कई गुना महंगी हो गयी है।

महंगाई बढ़ने से आम आदमी सबसे जादा प्रभावित होता है इसलिए सरकार को इसे रोकने का हर संभव प्रयास करना चाहिये। पेट्रोल, डीजल जैसे उत्पाद पर महंगाई को कम करना संभव नही है क्यूंकि ये विदेश से आयात किये जाते है।

पेट्रोल की कीमत बढ़ जाने से ट्रांसपोर्ट खर्च (माल ढुलाई खर्च) बढ़ जाता है और सभी वस्तुवें महंगी हो जाती है। इस पर एक बहुत प्रसिद्ध गाना भी बना है “सखी सैयां खूब कमात है। महंगाई डायन खाय जात है”

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