अलसी बीज के फायदे और नुक्सान Flaxseed Benefits and Side Effects in Hindi

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अलसी बीज के फायदे और नुक्सान Flaxseed Benefits and Side Effects in Hindi

आज के इस आधुनिकता के समय में मनुष्य इतना व्यस्त है कि उसे अपने सेहत के बारे में भी सोचने का समय नही है। इस कारण उन्हें कई बीमारियाँ और उनकी सेहत भी ख़राब हो जाती है। लेकिन यदि आप अपने आहार में ऐसी चीज शामिल कर ले, जिससे आपको हर तरह के पोषक तत्व मिल सके।

दोस्तों अलसी (flax seed) उनमें से एक है जिसको आप पाने आहार में शामिल करके अपने सेहत को अच्छी बना सकते है। हम आज के इस लेख में आपको अलसी के बीज के फायदे और नुकसान के बारे में बताने वाले है। जिनको जानने के बाद इसे अपने आहार में ज़रूर शामिल करेंगे।

क्या है अलसी का बीज? (What is flax seed in hindi?)

अलसी के बारे में कुछ भी बताने से पहले आपको ये बता दे कि अलसी क्या है। वैसे तो अलसी को हिंदी में तीसी के नाम से जानते जाता है। इसे english में लोग फ्लेक्ससीड (flaxseed) भी कहते है।

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अलसी के बीज सुनहरे और भूरे रंग के छोटे-छोटे होते है। ये सेहत तथा सेहत सुरक्षा के दृष्टि से बहुत ही फ़ायदेमंद उत्पाद है। इसका वैज्ञानिक नाम : लाइनम युसिटेटिससिमम (Linum usitatissimum) है।

अलसी बीज में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Flax Seeds Nutritional Value in Hindi)

हम सभी जानते है कि हर पौधे में पोषक तत्व पाए जाते है, लेकिन अलसी में कुछ ऐसे पोषक तत्व भी पाए जाये है, जो हमारे लिये अत्यंत ही आवश्यक और हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही गुणकारी भी है। अलसी में पाए जाने वाले कुछ पोषक तत्व इस प्रकार है:

कैल्शियम 22%, आयरन 72%, मैग्नीशियम 98%, जिंक 39%, सोडियम        2%, पोटैशियम 17%, विटामिन A   0%, विटामिन C 1%, विटामिन E  133%, विटामिन K 3.5%, पायरीडॉक्सीन (विटामिन-बी6) 36%  आदि। (source)

इसमें प्रति 100 ग्राम सीड में 534 कैलोरी ऊर्जा पाई जाती है, अर्थात इसके प्रति 10 ग्राम में बीज में लगभग 55 कैलोरी एनर्जी पाई जाती है। इसमें 42% वसा,  29% कार्ब और 18% प्रोटीन होता है।

अलसी के बीज के एक बड़े चम्मच में (10 ग्राम) निम्नलिखित पोषक तत्व मिलता है:

  1. कैलोरी: 55
  2. पानी: 7%
  3. प्रोटीन: 1.9 ग्राम
  4. कार्ब्स: 3 ग्राम
  5. चीनी: 0.2 ग्राम
  6. फाइबर: 2.8 ग्राम
  7. वसा: 4.3 ग्राम

अलसी के औषधिक गुण (Medicinal Properties of Flax Seeds in Hindi)

अलसी के बारे में बहुत से लोगो को पता है लेकिन बहुत से ऐसे लोग भी है जिनको इसके बारे में नही पता है। हम सभी को पता होना चाहिए कि अलसी औषधिक गुणों का खजाना है। ये हमारे शरीर को कई बिमारियों से लड़ने में मदद करता है। ये उन लोगो केलिए वरदान है जो शाकाहारी है, क्योंकि मछली में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड अलसी में मौजूद होता है।

साथ ही इसमें लिगनेंस एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर व अल्फा लिनोलिक एसिड भी मौजूद होता है। जो हमारे शरीर में होने वाली अनेको बीमारियों जैसे – हृदय रोग, पेट रोग, डायबिटीज़ जैसे रोगों से लड़ने में मदद करता है। अलसी खाने के बहुत से फायदे है जिसके बारे में हमने नीचे बताया है।

अलसी के फायदे (Benefits of Flax Seeds in Hindi)

अलसी हमारे लिए बहुत ही गुणकारी है। हम आपको बताने वाले है कि ये हमारे लिए कितना उपयोगी है:

1. दमा या अस्थमा के लिए

अस्थमा या दमा की समस्या आप में से बहुत से लोगो को होगी, ये समस्या एलर्जी से होती है। इसलिए जो लोग अस्थमा से परेशान है उन्हें बदलते मौसम, प्रदूषण से बचकर रहना चाहिए। इस बीमारी में आप अलसी के बीज का इस्तेमाल कर सकते है। अलसी अस्थमा के रोगियों के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद है।

इसका इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले एक कांच के गिलास में अलसी के पाउडर को शाम तक भिगो दे और शाम को इसको छान कर सेवन करने से अस्थमा के लिए फ़ायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड दमा के रोगियों को राहत देता है। (source)

2. बुखार के लिए

हम सभी को मौसम के बदलते ही सर्दी-जुखाम, बुखार जैसी समस्याएं आने लगती है। यदि आप चाहते है कि मौसम के बदलने से आप बीमार न हो, तो उसके लिए आपको अलसी का उपयोग करना चाहिए। क्योंकि इसमें उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते है। जो हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करते है और हमें सर्दी-जुखाम, बुखार जैसी समस्याओं से बचाता है।

3. पेट संबंधी समस्या के लिए

हम में से अधिकतर लोग पेट संबंधी परेशानियों से परेशान रहते है, इसका कई कारण है जैसे – सही वक्त पर खाना न खाना, बाहर का तला-भुना खाना, ज्यादा मसाले वाली चीजे खाना। कई बार गलत खान-पान से पेट में सूजन या अल्सर भी हो जाता है।

इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आपको अपने आहार में अलसी को शामिल करना होगा। आप चाहे तो अलसी के तेल का उपयोग भी कर सकते है। अलसी के तेल के उपयोग से पेट की सभी परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है।

4. ब्लड शूगर के लिए

हमारे शरीर में ब्लड शूगर का संतुलित होना अति आवश्यक है, क्योंकि इसके संतुलित न होने पर व्यक्ति मधुमेह या डायबिटीज़ का मरीज़ हो सकता है। यदि आप चाहते है कि आप का ब्लड शूगर संतुलित रहे, तो इसके लिए आपको अपने आहार में अलसी शामिल करना चाहिए। ये ब्लड शूगर को संतुलित रखने के साथ डायबिटीज़ को भी नियंत्रित करता है। (source)

5. कैंसर से बचाव

हम सभी जानते है कि कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका सही समय पर इलाज न होने पर व्यक्ति को बचाया नही जा सकता। लेकिन आप चाहते तो अलसी के बीज को अपने भोजन में शामिल करके अपने आपको कैंसर जैसी बीमारी होने से बचा सकते है।

क्योंकि इसमें पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण ये कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है। इसके अतिरिक्त इसमें पाया जाने वाला लिगनेन कैंसर ट्यूमर को बढ़ने से रोकता है। एक शोध से पता चलता है कि अलसी का बीज प्रोस्टेट कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और पेट के कैंसर से लड़ने में मदद करता है।

6. किडनी के समस्या में राहत

आज के इस आधुनिकता के समय में लोगो को कई तरह की बीमारियाँ होती है, किडनी की समस्या भी उनमे से एक है। ये समस्या कम पानी पीने से, गलत खानपान से,  डायबिटीज़ या यूटीआई (UTI) जैसी समस्याएं कई बार किडनी की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

ऐसे में आपको किडनी की समस्या से बचने के लिए आपको अपने आहार में अलसी को शामिल करने की जरूरत है, क्योंकि इसमें पाए जाने वाले अल्फा लिनोलेनिक एसिड (Alpha Linolenic Acid – ALA) किडनी की परेशानी को बहुत हद तक कम करता है। (source)

7. हृदय संबंधी रोग के लिए

हम सभी जानते है कि हमारे शरीर का मुख्य भाग हृदय है और यदि हमें अपने शरीर को स्वास्थ्य रखना है, तो हृदय को स्वास्थ्य रखना होगा। तनाव, गलत खानपान और कई अन्य कारणों से हार्ट अटैक और दिल की बीमारी होने का खतरा होता है।

ऐसे में आपको अपने आहार में अलसी को शामिल करना चाहिए, क्योंकि इसमें पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड और अल्फा लिनोलेनिक एसिड (Alpha Linolenic Acid – ALA)  कुछ हद तक दिल की बीमारियों को कम करता है। (source)

8. बालो को झड़ने से रोके

बालों का झड़ना आजकल आम बात हो गई है। बालों का झड़ना आमतौर पर मौसम की वजह से, पोषक तत्वों की कमी से या किसी चीज के साइड इफेक्ट से होता है। यदि आप अपने बालों का झड़ना रोकना चाहते है, तो आपको अलसी का उपयोग करना चाहिए। क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन, ओमेगा – 3 फैटी एसिड, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व होते है, जो बालों को जड़ से मजबूत करता है और बालों का झड़ना रोकता है।

इसके आपको अलसी का जेल बनाना पड़ेगा। उसके एक कप पानी ले और उसे उबाले। फिर उसमे चार चम्मच अलसी के बीज को डाल दें। और 15 मिनट तक उबाले। उबलने के पश्चात उसे ठंडा करके छान लें और इसके मिश्रण को अपने बालों में लगायें। आप इसका इस्तेमाल प्रतिदिन या हर दूसरे दिन भी कर सकते है। (source)

9. स्ट्रेच मार्क्स के लिए फ़ायदेमंद

स्ट्रेच मार्क्स की समस्या गर्भावस्था में ही नही बल्कि वजन बढ़ने और कई अन्य कारणों से भी हो सकता है। आमतौर पर स्ट्रेच मार्क्स कमर, पेट, स्तन व जांघों पर होता है। अगर एक बार ये स्ट्रेच मार्क्स शरीर पर आ जाते है, तो फिर इनका जाना मुश्किल हो जाता है।

बहुत से लोग स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे का उपयोग करते है। बहुत से लोगो का मानना है कि अलसी को स्ट्रेच मार्क्स पर लगाने से कुछ हद तक स्ट्रेच मार्क्स मिट जाते है लेकिन इसका कोई प्रमाण नही है।

10. एंटी-एजिंग के लिए

धूल-मिट्टी, प्रदूषण, सूरज की हानिकारक किरणें और तरह-तरह की चीजों के इस्तेमाल से त्वचा रूखी, बेजान और वक्त से पहले ही हमारे चेहरे झुर्रियां आने लगती है। ढलते उम्र के झुर्रियां आना सामान्य बात है, लेकिन यदि कम उम्र में आपके चेहरे पर झुर्रियां आ रही है, तो ये आपके लिए चिंता का विषय है। 

ऐसे में आपको अलसी का सेवन करना चाहिए। यदि आप चाहें तो अलसी का तेल लगा सकते हैं। अलसी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई अन्य तत्व जो एंटी-एजिंग का काम करते हैं और झुर्रियों को कम कर सकते हैं। अलसी हमारे त्वचा को जवां रखने हमारे लिए मददगार साबित हो सकता है यदि हम इसका इस्तेमाल करें। (source)

11. कान में दर्द के लिए

कान में दर्द की कई वजह हो सकते है जैसे – धूल-मिट्टी के वजह से, नहाते वक्त कान में पानी चले जाने से या अन्य कई कारणों से कान में संक्रमण का हो जाना। ऐसे में आपको अलसी के तेल का उपयोग करना चाहिए।

12. फंगल इंफेक्शन में फ़ायदेमंद

हम सभी जानते है कि बदलते मौसम, धूल-मिट्टी या प्रदूषण की वजह से त्वचा संबंधी परेशानियां होने लगती है। कई बार त्वचा के ऊपरी सतह में फंगल इंफेक्शन हो जाता है। जिससे खुजली, जलन, रैशेज, पपड़ी व लाल निशान उबर आते है।

ऐसे में आपको अलसी का सेवन करना चाहिए। आप चाहें तो इसके पेस्ट को आप अपने त्वचा पर भी लगा सकते है। ये शरीर के फंगल इंफेक्शन को खत्म कर देता है क्योंकि इसमें एंटीफंगल गुण मौजूद होता है।

13. प्रतिरक्षा तंत्र के लिए

अगर आपको स्वास्थ्य रहना है तो आपका प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होना चाहिए। इसके लिये आपको अपने रोज़ाना आहार में अलसी को शामिल करना चाहिए। अलसी में उपस्थित ओमेगा-3 फैटी एसिड और अल्फा लिनोलेनिक एसिड (Alpha Linolenic Acid – ALA) हमारे शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र को बढाती है जो हमारे शरीर को बिमारियों से लड़ने में मदद करता है।

14. कोलेस्ट्रॉल को करता है कम

हमारे शरीर के कोलेस्ट्रॉल को कम करने में अलसी बहुत ही सहायक है। कोलेस्ट्रॉल की खून में अधिकता से दिल की बिमारियों का खतरा बना रहता है। इसलिए हमें अपने रोजाना के आहार में अलसी का इस्तेमाल करना चाहिए। जिससे हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल कम रहे और हम हार्ट अटैक जैसे समस्या से बचे रहें।

15. वजन कम करने के लिए

जब हम शरीरिक काम ज्यादा नही करते है, तो हमारा वजन बढ़ने लगता है। बाहर का तला-भुना खाना, या बाहर के फ़ास्ट फ़ूड या ज्यादा मीठा खाने से भी वजन बढ़ने लगता है। यदि आप चाहते है कि आपका वजन न बढे। इसके लिए आप अपने भोजन में अलसी को भी शामिल करना चाहिए। क्योंकि अलसी के बीज में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो वजन को संतुलित रखने में मदद करता है। (source)

16. मधुमेह में सहायक

आज के समय में डायबिटीज़ से ग्रसित लोगो की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। अगर आप भी मधुमेह से परेशान है तो अपने भोजन में अलसी का उपयोग करें। इसमें उपस्थित म्यूसिलेज खून में शूगर को नियंत्रित करता है।

अलसी को खाने का सही तरीका (Best Way use of  Flax Seeds in Hindi)

हम सभी जानते है कि अलसी के बहुत से फायदे है। लेकिन इसको उपयोग करने का तरीका भी सही होना चाहिए। हम आपको इसे सेवन करने का तरीका बताने वाले है जो इस प्रकार है :

  1. अलसी को सुबह के समय नाश्ते में लेना चाहिए। सुबह के समय अलसी का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है।
  2. यदि आप चाहे तो अलसी के पाउडर का इस्तेमाल कर सकते है। इसका पाउडर उपयोग करने पर इसमें उपस्थित सभी पोषक तत्व मिल जाते है।
  3. आप अलसी के बीज का सेवन भी कर सकते है। इसके सेवन के लिए अलसी के बीज को 10 मिनट के लिए गर्म पानी में भिगो दें, और फिर उसका सेवन करें। यदि आप इसे ठंडे पानी में भिगोते है तो इसे 2-3 घंटे के लिए भिगोयें।
  4. आप चाहें तो अलसी के लड्डू का सेवन अपने खाने में कर सकते है।
  5. अलसी को बहुत से लोग अपने नाश्ते में स्मूदी या सलाद के रूप में सेवन करते है।

अलसी के नुकसान (Side Effects of Flax Seeds in Hindi)

हम सभी जानते है कि जो चीज फायदा करता है वो नुकसान भी करती है।  अलसी से होने वाले नुकसान इस प्रकार है –

  1. उन लोगो को अलसी का बीज या उसका तेल उपयोग करने से बचना चाहिए, जो गर्भवती है या जो अपने बच्चों को स्तनपान कराती है। अगर आपको इसका उपयोग करना है, तो उससे पहले डॉक्टर से सलाह जरुर लें।
  2. अलसी के बीज का उपयोग जरुरत से ज्यादा करने पर पेट ख़राब होने का डर होता है।
  3. जिन लोगो को अलसी से एलर्जी हो वो इसका इस्तेमाल न करें। एलर्जी होने पर आपको रैशेज, जलन या खुजली की परेशानी हो सकती है।
  4. अलसी का सेवन आप का खून पतला करता है। जिन लोगो को हेमोफेलिया की दिक्कत हो वो इसका उपयोग न करें।
  5. अलसी के बीज का ज्यादा सेवन से आपके आंतों में रुकावट हो सकती है।
  6. जिन्हें मधुमेह की समस्या है वो अलसी के सेवन के साथ अपना ब्लड शूगर की जाँच करवाते रहे।

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