हरिता हरम योजना पर निबंध Haritha Haram Essay in Hindi

इस लेख में हमने हरिता हरम योजना पर निबंध (Haritha Haram Essay in Hindi) लिखा है। इसमे आप इस योजना के विषय में पूरी जानकारी ले सकते हैं। हरिता हरम क्या है? हरिता हरम का क्या महत्व है? इसका क्या स्लोगन है आदि के बारे में। इस Telangana Ku Haritha Haram भी कहते हैं।

हरिता हरम योजना पर निबंध Haritha Haram Essay in Hindi

प्रकृति अपनी सुंदरता को चारो और फैलाये हुए है। बड़े-बड़े ऊँचे पहाड़, नदियां, समुद्र, पेड़ पौधे, जानवर, पशु पक्षी, मानव, हमें देखने को मिलते है यह सभी उस ईश्वर द्वारा मनुष्य को प्रदान किये गये वरदान को दर्शाती है। 

मनुष्य के लिए अतिआवश्यक ऑक्सीजन के लिए उसने उसे पेड़-पौधे दिए जो उसे भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन दे सके परन्तु मनुष्य ने अपने स्वार्थ के लिए पेड़ो को लगातार रूप से काटना शुरू कर दिया जिसके कारण पेड़ो की संख्या कम हो गयी और ऑक्सीजन की मात्रा भी कम हो रही। 

पेड़ हमें ऑक्सीजन के अलावा भी काफी कुछ देते है जो अनमोल है। सरकार द्वारा समय-समय पर देश का विकास करने के लिए भिन्न योजनाओं का आयोजन किया जाता रहा है। सरकार सभी की सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए नए नए कार्यक्रम चलाती रहती है उन्ही में से एक है हरिता हरम योजना। 

आज हम इसके बारे में जानेंगे। हरिता हरम असल में हरिता हरम राज्य में वृक्षों की संख्या को बढ़ाने के लिए तेलंगाना सरकार द्वारा शुरू किया गया एक वृक्षारोपण कार्यक्रम है। जिसे तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने हाल ही में हरिता हरम कार्यक्रम के छठे चरण का शुभारंभ किया है। 

इसके साथ ही उनके द्वारा नरसापुर शहरी वन उद्यान का भी उद्घाटन किया गया है। इस कार्यक्रम के छठे चरण में पुरे राज्य में करीब 30 करोड़ पौधे लगवाने का निर्णय लिया गया है। इस कार्यक्रम से राज्य में बड़े पैमाने पर रोज़गार भी पैदा किया है। 

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करीब 50 साल पहले तेलंगाना पूर्ण रूप से हरियाली से घिरा हुआ था। बल्कि साउथ कोरिया, साउथ अफ्रीका, अमेरिका आदि ऐसे ही देश है जो हरियाली से घिरे रहते है क्योंकि यहाँ का कानून पेड़ो के सुरक्षा के लिए बड़े ही सख्त है। 

तेलंगाना में जो लोग जंगलों के पास रहते है वो सभी बहुत ही स्वस्थ थे क्योंकि उन्हें भरपूर मात्र में फल, पानी स्वच्छ हवा आदि प्राप्त होती है।     

हरिता हरम योजना का महत्व Importance of Haritha Haram in Hindi

इस योजना का मुख्य उद्देश्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाने के साथ ही पेड़ों की अवैध तस्करी पर भी रोक लगाना रहा है। हरिता हरम योजना के तहत वनों में लगने वाली आग को कम करने का प्रयास किया गया और मिट्टी के कटाव को कम करने पर भी बल दिया गया है। 

हरिथा हरम योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग सड़कों, राज्य राजमार्ग सड़कों और गाँवों और कस्बों की सड़कों पर अत्यधिक मात्रा में पेड़ लगाए गये। हरिता हरम योजना को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए स्कूल, सरकारी संस्थान, अस्पताल, कब्रिस्तान और निजी संस्थानों और उद्योगों में भी पौधों का रोपण किया जाएगा और किया जा रहा है। जिससे चारों तरफ हरियाली ही हरियाली छा जाएगी।

मुख्य मंत्री अपने सभी कैबिनेट मंत्रियों के साथ मुख्य रूप से फारेस्ट मिनिस्टर जोग्गु रमन्ना, सभी एमपी, MLA, आईएएस इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रयासरत है। पारिस्थितिक संतुलन के लिए हरिता हरम योजना का योगदान एक आंख खोलने वाला हो सकता है। 

यह पर्यावरण को इग्नोर करने वाले और ग्लोबल वार्मिंग, एसिड रेन जैसी पर्यावरणीय समस्याएं पैदा करने वालों के लिए एक रोल मॉडल हो सकता है। जो जंगल अभी 24% घिरा है उसे 33% पर लाना ही एक लक्ष्य है। हरियाली को बढ़ावा देने के लिए इस योजना का आरंभ किया गया जिसका नाम हरिता हरम योजना रखा गया। 

हरिता हरम योजना का मुख्य उद्देश्य तेलगाना राज्य में हरियाली को बढ़ावा देना है। इस योजना का कुल बजट 5500 करोड रुपए है। यह पूरे विश्व में एक अनोखी पहल है इससे पहले इतनी अधिक मात्रा में कहीं पर भी पेड़ नहीं लगाए गए है। 

इस योजना को सफल बनाने के लिए 11 जुलाई 2015 को ही 25 लाख पौधे लगा दिए गए थे। तेलगाना के मुख्यमंत्री ने लोगों से निवेदन किया कि वह सभी हरिता हरम योजना में अपना सहयोग दें।  

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हरिता हरम के अंतर्गत किये गये कार्य Works Done Under Haritha Haram Program in Hindi

तेलंगाना सरकार द्वारा हरिता हरम कार्यक्रम का शुभारम्भ 5 जुलाई 2015 को किया गया। इस कार्यक्रम में 4 वर्षों में 230 करोड़ पौधे लगाने और पोषण करने का लक्ष्य रखा गया। जिससे तेलंगाना राज्य पूर्ण रूप से हरियाली से ढक सके जिससे चारो ओर हरियाली ही हरियली हो। 

आंकड़ो के अनुसार आज तक करीब 80 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। वन, नगरपालिका प्रशासन, पंचायती राज और ग्रामीण विकास आदि जैसे विभागों की सहायता से यह कार्य किया जाता है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत न केवल वृक्ष लगाये जा रहे है बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए प्रबंध भी किये जा रहे है। 

जैसा हम जानते है किसी कार्यक्रम को हासिल करने के लिए न केवल धन की आवश्यकता होती है बल्कि लोगो की भी, उसी प्रकार हरिता हरम कार्यक्रम में था। यहाँ के लोगो द्वारा भरपूर मात्रा में सहयोग प्रदान किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव द्वारा वन संरक्षण, नष्ट हुए जंगलों की मरम्मत जैसे कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए योजना बनाई गयी। 

लेकिन 230 करोड़ पौधे लगाने लगाना अकेले संभव नही था अत: तेलंगाना सरकार द्वारा मीडिया और अन्य जरियों से लोगों को हरिता हरम योजना के महत्व के बारे में जानकारी दी गयी और आम आदमी से समर्थन और मदद मांगी गयी जो बाद में प्राप्त भी हुई। क्योकि सरकार भी इस कार्य में आम जनता को ज्यादा से ज्यादा शामिल करना चाहती थी।

पहले वर्ष 2015-2016 में 38.63 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था परन्तु प्रतिकूल वातावरण और कम वर्षा के कारण 15.86 करोड़ पौधे ही लगाए गए है। दूसरे चरण में 8 जुलाई 2016 को हैदराबाद से विजयवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दिन में 180 किलोमीटर के क्षेत्र में पौधे लगाए गए है जो कि एक विश्व रिकॉर्ड है। 

वर्ष 2016 में कुल 31.67 पौधे लगाए गए है। हरिता हरम योजना के अगले चरण की शुरुआत 12 जुलाई 2017 को की गई जिसके पहले दिन ही करीमनगर शहर में 1 लाख पौधे लगाए गए है इसके अगले वर्ष 2018 में हमारे देश के खिलाड़ियों को “ग्रीन चैलेंज” दिया गया जिसमें सभी को पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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खिलाड़ियों ने भी इस चैलेंज को स्वीकार किया और पौधे लगाए है। हरिथा हरम योजना के अंतर्गत अब तक 80 करोड़ पौधे लगाए जा चुके है।

योजना और कार्यान्वयन Planning and Implementation of Haritha Haram Yojana

योजना का कार्यान्वयन करने के लिए इन जिम्मेदारियों को अलग-अलग समितियों को सौंपा जाता है और यह समितियाँ नियमित रूप से क्षेत्रो का निरीक्षण कर रही हैं साथ ही चल रहे वृक्षारोपण और कार्यों की देखभाल कर रही है। 

ग्राम स्तर पर, ग्राम सरपंच की अध्यक्षता में कार्यक्रम की निगरानी के लिए हरिता रक्षा समितियों का गठन किया गया था। जियो-टैगिंग के माध्यम से रोपाई की निगरानी की जाती है। वन विभाग की वेबसाइट पर उत्तरजीविता प्रतिशत विवरण पोस्ट करता है।

हरिता हरम योजना पर 10 नारे Slogans for Haritha Haram Event in Hindi

  1. पेड़ हमारे जीवन का आधार इनको मत काटो यार।
  2. पेड़ पोधे लगाना इस धरती को सुरक्षित बनाना।
  3. हरिता हरम आगे बढाओ पेड़ पोधे तुम लगाओ।
  4. पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ इस दुनिया को सुन्दर बनाओ जब होगा पेड़ सुरक्षित तभी होगा कल सुरक्षित।
  5. पेड़ पोधे है जीवन का आधार यह है हमारे लिए वरदान।
  6. जितने पेड़ लगाओगे उतने पुन्य कमाओगे।
  7. पेड़ पोधे नही लगाओगे तो साँस कहाँ से लोगे।
  8. हर जगह पेड़ लगाओ जीवन पाओ।
  9. चलो पेड़ लगायें धरती को खुशहाल बनायें।
  10. पेड़ हमारे हितेषी है फ्री में सब कुछ देते है।

निष्कर्ष Conclusion

मनुष्य ने प्राकृतिक संसाधनों का दुरुपयोग किया और जिससे प्रकृति ने भी ग्लोबल वार्मिंग, बाढ़, सूखा एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओ द्वारा मनुष्य को इसका अहसास कराया। 

यदि पेड़ो को लगाना लगातार सुचारु रूप से चालू रहता है तो इसमें कोई शक नही है कि पेड़ों के काटने से हुए नुकसान की भरपाई में कई समय लगेगा लेकिन बाद में हम इसका आनंद ले सकेंगे। 

हरीथा हरम एक अच्छी पहल है, हमें इसमें भाग लेना चाहिए और इसे बढ़ावा देना चाहिए ताकि इससे प्रकृति का भला हो। आशा करते हैं आपको हरिता हरम योजना पर निबंध Haritha Haram Essay in Hindi अच्छा लगा होगा।

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