जीवन में त्योहारों का महत्त्व Essay on Importance of Festivals in Life – Hindi

जीवन में त्योहारों का महत्त्व Essay on Importance of Festivals in Life – Hindi

भारत देश त्योहारों का देश है। जहाँ पूरे साल भर त्योहार बड़े ही हर्ष और उल्लास से मनाये जाते हैं। हमारे भारत देश में कई धर्मों के लोग साथ मिल जुल कर त्योहारों को मनाते हैं।

इतनी सारी विभिन्नताएं होने के बावजूद भी सभी धर्मों और जातियों के लोग त्योहारों का लुत्फ़ लेते हैं। चाहे वह हिन्दुओं की दीवाली और होली ही क्यों न हो, मुस्लिम्स की ईद ही क्यों न हो, सिक्खों की लोहड़ी ही क्यों न हो और ईसाइयों का क्रिशमस ही क्यों न हो।

त्योहार शब्द सुनते ही मन में हर्ष और उल्लास जाग जाता है, मन अपने आप ही प्रफुल्लित हो उठता है। भारतीय अपने त्योहारों को विशेष महत्त्व देते हैं। त्योहारों को मनाने के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं।

किसी भी धर्म सम्प्रदाय के लोग हो, गांव हो या शहर हर तरफ त्योहारों की होड़ लगी रहती है। भारत देश का हर एक त्योहार लोगों के प्रति प्रेम, एकता, हर्ष और उल्लास का सन्देश देता है।

हर किसी त्योहारों से जुडी हुई कोई न कोई कहानी है जो हमारी परम्पराओं के अनुसार लम्बे समय से चली आ रही है। अपनी इस संस्कृति और परम्परों को यथावत रखने के लिए हमें त्योहारों को मनाते रहना चाहिए।

त्योहार मनाने से हमारे घर – परिवार, आस – पड़ोस और मित्रों के बीच एक अच्छा माहौल बनता है। जो हमारे रिश्तों को और भी मजबूत रखता है।

जीवन में त्योहारों का महत्त्व Essay on Importance of Festivals in Life – Hindi

कुछ त्योहरों की जानकारी हम यहाँ आपको दे रहे हैं –

दीवाली – यह त्योहार मुख्य रूप से हिन्दुओं का है। दीवाली के दिन माता लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन किया जाता है जो समृद्धि को दर्शाता है। रात्रि में घर और हर स्थान को दीयों से प्रकाशित किया जाता है। इसे प्रकाश पर्व भी कहा जाता है।

इसे भी पढ़ें -  पंजाब के लोहड़ी त्यौहार पर निबंध Lohri Festival Essay in Hindi

पढ़ें : दिवाली पर निबंध

होली – होली यानि की रंगों का पर्व। होली के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है और दूसरे दिन सभी को रंग – गुलाल लगा कर इस त्योहार को मनाते हैं। यह त्योहार सभी धर्मों के लोग बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं।

विभिन्न तरह के पकवान इत्यादि बनाये जाते हैं। ‘गुजिया’ एक विशेष प्रकार का पकवान है जो ख़ास तौर पर होली के दौरान बनाई जाती है और सबको वितरित की जाती है।

पढ़ें : होली पर निबंध

रक्षा-बंधन – यह त्योहार भाई-बहनों के प्रेम को समर्पित है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। ऐसा माना जाता है कि वह राखी सदा भाई की रखा करेगी और भाई प्रण लेता है कि वह अपनी बहन की सदा रक्षा करेगा।

यह त्योहार सावन के महीने में आता है। सावन का पूरा महीना भगवान शिव जी को समर्पित है। इस पूरे महीने लोग व्रत भी रखते हैं और शिव भगवान का ध्यान करते हैं। इसीलिए ये पूरा महीना एक त्योहार के रूप में मनाया जाता है।

पढ़ें : रक्षाबंधन पर निबंध

गणेश उत्सव – यह त्योहार महारष्ट्र में बड़े ही धूम – धाम के साथ मनाया जाता है। भगवान गणेश जी की मूर्ती को लोग अपने घरों, आस – पड़ोस में स्थापित  करते हैं व सात दिनों के उपरान्त जल में विसर्जित करते हैं।

महारष्ट्र के अलावा भारत के अन्य क्षेत्रों में भी भगवान गणेश जी की मूर्ती को स्थापित किया जाता है। जिसे लोग बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं।

पढ़ें : गणेश चतुर्थी पर निबंध

दुर्गा पूजा – यह त्योहार पश्चिम बंगाल में मनाया जाता है। इसमें माँ दुर्गा, माँ काली की मूर्तियों को स्थापित किया जाता है। बड़े ही श्रद्धा भाव से माँ की पूजा अर्चना की जाती है।

भारत के अन्य क्षेत्रो में भी माँ दुर्गा का उसी भक्ति – भावना से नवरात्रि के दौरान पूजन किया जाता है। लोग 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। कई स्थानों पर तो भव्य मेला भी लगता है।

इसे भी पढ़ें -  कारगिल विजय दिवस पर निबंध Kargil Vijay Diwas Essay in Hindi

पढ़ें : दुर्गा पूजा पर निबंध

दशहरा – नवरात्रि के 9 दिन पूरे होने के बाद दशहरा मनाया जाता है। जो बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता है। पुरानी मान्यताओं के आधार पर रावण के पुतले को जलाया जाता है।

पढ़ें : दशहरा पर निबंध

महाशिवरात्रि – महाशिवरात्रि भगवान शिव जी को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन सृष्टि का आरम्भ हुआ था और शिव भगवान और माता पार्वती का विवाह भी इसी दिन हुआ था।

पढ़े : महाशिवरात्रि पर निबंध

मकर संक्रांति – पूरा भारत इस पर्व को बड़े ही उत्साह के साथ मनाता है। ऐसा कहा जाता है कि जब सूर्य पौष महीने में मकर राशि पर आता है तब इस पर्व को मनाया जाता है। इस दिन गंगा में स्नान करने का विशेष महत्त्व है। इस त्योहार को काइट फेस्टिवल के रूप में भी मनाते हैं। गुजरात व अन्य क्षेत्रों में इस दिन पतंग उड़ाई जाती है।

पढ़ें : मकर संक्रांति पर निबंध

ईद – यह त्योहार मुस्लिम्स का मुख्य त्योहार है। पूरा भारतवर्ष इस त्योहार को हर्ष और उल्लास के साथ मनाता है। पूरे एक महीने तक रोजा रखने के बाद जब नया चाँद  उदय होता है उसके अगले दिन ईद मनाई जाती है।

इसे ईद-उल-फितर भी कहा जाता है। यह त्योहार भाई – चारे की भावना को दर्शाता है। अच्छे – अच्छे पकवान बनाये जाते हैं। ख़ास तौर पर ‘सेवईं’ बनाई जाती है। सभी एक – दूसरे के घर जाकर ईद की मुबारकवाद देते हैं।

पढ़ें : ईद पर निबंध

क्रिश्मस – यह त्योहार ईसाइयों का मुख्य त्योहार है। जो न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन ईशा मसीह का जन्म हुआ था। इसीलिए ईशाई इस त्योहार को प्रसन्नता पूर्वक मनाते हैं।

पढ़ें : क्रिश्मस पर निबंध

गुरुपर्व – यह सिक्खों का त्योहार है। सिक्खों के पहले गुरु ‘गुरु नानक जी’ के जन्म दिन पर यह त्योहार मनाया जाता है।

इसे भी पढ़ें -  2020 मकर संक्रांति पर निबंध Essay on Makar Sankranti Festival in Hindi

हमारे देश के कुछ राष्ट्रीय त्योहार भी हैं जैसे – 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस)– 15 अगस्त, 1947 को हमारा देश अंग्रेजो की गुलामी से आज़ाद हुआ था, इसीलिए इस त्योहार को पूरा भारता मनाता है। 2 अक्टूबर (गाँधी जयंती) – गाँधी जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में यह त्योहार मनाया जाता है क्योंकि वे हमारे राष्टपिता हैं। 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) – इस दिन हमारे देश का संविधान लागू हुआ था। इसीलिए 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।

भारत में कई राज्य हैं जो अपनी – अपनी परंपरा व संस्कृति को संजोय रखे हुए हैं। कुछ ऐसे भी त्योहार हैं जो अलग – अलग राज्यों में मनाये जाते हैं जैसे – केरल में ओणम मनाया जाता है, पोंगल त्योहार जो तमिल मनाते हैं, फसल की कटाई होने पर इस त्योहार को मनाते हैं।

नवरोज़ त्योहार नव वर्ष के रूप में पारसी समुदाय के लोग मनाते हैं। जैन लोगों के त्योहार उनके गुरुओं को समर्पित हैं। जैसे – तीर्थंकर, जिनवाणी और महावीर जयंती आदि, जिसे वे प्रेम पूर्वक मनाते हैं।

इतनी सारी विभिन्नताएं होने के बादवजूद भी हमारे देश के लोग हर तरह के त्योहारों को सभी के साथ मिल – जुल कर मनाते हैं। ये त्योहार ही हैं जो हमें अनेकता से एकता की तरफ ले जाते हैं  व भाई – चारे की भावना को जाग्रत करते हैं। इस प्रकार इन त्योहारों का हमारे जीवन में बड़ा ही महत्त्व है।

3 thoughts on “जीवन में त्योहारों का महत्त्व Essay on Importance of Festivals in Life – Hindi”

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.