नमामि गंगे योजना की पूरी जानकारी Namami Gange Project details in hindi

नमामि गंगे योजना की पूरी जानकारी Namami Gange Project details in hindi : यह योजना किस प्रकार पर्यावरण और हमारे देश के उन्नति के लिए शुरू किया गया है, आईये जानते हैं।

नमामि गंगे योजना की पूरी जानकारी Namami Gange Project details in hindi

गंगा नदी की जानकारी

1.  गंगा नदी की कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है।

2.  इसका बेसिन 1.6 मिलीयन वर्ग किलोमीटर का है।

3.  गंगा के बेसिन में 43 करोड़ की आबादी रहती है। इसलिए यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

4.  ये 5 राज्यों से होकर गुजरती है।

5.  इसमें 468.7 बिलियन मीट्रिक पानी एक साल में प्रवाहित होता है।

6.  यह देश की राष्ट्रीय नदी है।

7.  गंगा नदी हिमालय के ग्लेशियर से निकलती है। सबसे पहले यह हरिद्वार के मैदान में पहुंचती है।

8.  कुल 120 शहर गंगा नदी के तट पर बसे हुए हैं। वर्तमान में यह नदी बहुत अधिक प्रदूषित हो गई है।

9.  यह नदी हमारे लिए सिर्फ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का केंद्र भी है। देश की 40% आबादी गंगा नदी के किनारे बस्ती है।

नमामि गंगे योजना क्या है? What is Namami Gange Project?

यह परियोजना हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख परियोजना है। इसे 2014 में शुरू किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूयॉर्क के मेडिसिन स्क्वायर गार्डन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा था कि “अगर हम गंगा नदी को साफ करने में सक्षम हो गए तो यह देश की 40% आबादी के लिए एक बड़ी मदद साबित होगी। गंगा की सफाई करना एक आर्थिक एजेंडा भी है”

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यह केंद्र सरकार की योजना है। इस योजना में 2019-2020 के लिए 20000 करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे। केंद्र सरकार की तरफ से इसकी मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि 2020 तक गंगा की सफाई 70 से 80% तक पूरी हो जाएगी। पर मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार इस परियोजना पर काम धीमी गति से हो रहा है।  

नमामि गंगे योजना के लिए प्रमुख चुनौतियाँ (बाधाये)  

1.  आसपास के लोग शौच करने के लिए गंगा नदी के किनारे आते हैं। उन्हें रोकना होगा। उसके लिए शौचालय बनवाने होंगे।

2.  गंगा नदी के किनारे अनेक श्मशान स्तिथ हैं, जिनमें कई बार शवो को बिना जलाए ही नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है। इससे प्रदूषण फैलता है। इस पर सरकार को रोक लगानी चाहिये।

3.  गंगा नदी को सबसे अधिक प्रदूषित करने का काम फैक्ट्रीयों द्वारा छोड़े गए कचड़े और रासायनिक अवशेषों ने किया है। इस पर रोक लगनी चाहिये।  

नमामि गंगे योजना कब शुरू हुई? When was Namami Gange Project started?

यह योजना जून 2014 में शुरू की गयी है।

नमामि गंगे योजना का उद्देश्य Aim of Namami Gange Project

1.  इस योजना का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी को साफ करना है। उसे प्रदूषण मुक्त करना है।

2.  इसके साथ ही गंगा नदी के भीतर जैव विविधता को संरक्षण देना है। गंगा नदी के भीतर विभिन्न जलीय जंतु जैसे मछलियां, डॉल्फिन आदि को संरक्षण दिया जायेगा।

3.  इस योजना के अंतर्गत देहरादून, नरोरा, इलाहाबाद, वाराणसी और बैरकपुर को जैव विविधता धरोहर संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

नमामि गंगे योजना की ख़ास बाते Special features of Namami Gange Project

1.  इस परियोजना की कुल लागत 2037 करोड़ रुपए है।

2.  इस योजना को पूरा करने की जिम्मेदारी केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय, नदी विकास और गंगा कायाकल्प की है।

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3.  इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी की सफाई करना है। उसे प्रदूषण से मुक्त बनाना है

4.  यह परियोजना जुलाई 2014 को शुरू की गई है।

5.  इसकी कुल अवधि 18 साल है।  

6.  नमामि गंगे परियोजना में 2019-2020 में गंगा नदी की सफाई पर 20000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। केंद्र सरकार की तरफ से इसकी मंजूरी दे दी गई है। केंद्र सरकार की इसमें हिस्सेदारी 100% है। यह पूरी तरह एक केंद्रीय योजना है।

7.  नमामि गंगे योजना को सफल बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर 2017 को बनारस में 50 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज परिशोधन संयंत्र की आधारशिला रखी है। यह संयत्र गंगा के दूषित पानी को साफ करेगा। इसकी लागत 153 करोड़ रूपये है। केंद्र सरकार इसका पूरा खर्चा उठाएगी।

8.  इस परियोजना को सफल बनाने के लिए गंगा नदी के किनारे सभी गांव को खुले में शौच से मुक्त किया गया है। गांव में शौचालय बनवाया गया है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के 4460 से अधिक गांव को खुले में शौच से मुक्त किया गया है। यह काम नमामि गंगे योजना के अंतर्गत किया गया है। इसके लिए 578 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।

9.  इस परियोजना को सफल बनाने के उद्देश्य से पांच राज्यों- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 63 सीवेज परिशोधन संयंत्र बनाए जा रहे हैं।

10.  गंगा नदी को साफ करने के लिए इससे किनारे के क्षेत्रों में 2300 करोड़ रुपए की लागत से वनारोपण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह कार्यक्रम 5 सालों तक के लिए चलाया जाएगा।

11. गंगा नदी को साफ करने के लिए सरकार ने जन जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया है। रेडियो, टीवी, अखबार, इंटरनेट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जैसे साधनों के द्वारा सरकार जनता को जागरूक कर रही है कि गंगा नदी को प्रदूषित ना करें। इसके लिए वर्क शॉप, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस इवेंट, जन जागरूकता अभियान के कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।

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12.  नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत 118 शमशान स्थलों की मरम्मत, 151  घाटों का निर्माण और 28 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

13.  इस योजना के अंतर्गत चमोली, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग में नए नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है।

14.  उत्तरकाशी, मुनी की रेती, कीर्ति नगर, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, बद्रीनाथ, जोशीमठ, चमोली, नंदप्रयाग और कर्ण प्रयाग में सीवेज शोधन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है।

15.  इस योजना को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश के सभी शहरों का पानी शोधन के बाद ही गंगा नदी में छोड़ा जाएगा।  

नमामि गंगे योजना का कवर क्षेत्र Cover area of Namami Gange Project details in hindi

इन पांच राज्यों में इस योजना को लागू किया गया है-

1.  उत्तराखंड

2.  झारखंड

3.  बिहार

4.  पश्चिम बंगाल

5.  उत्तर प्रदेश

नमामि गंगे योजना की वेबसाइट Official website of Namami Gange Project

https://nmcg.nic.in/NamamiGanga.aspx

नमामि गंगे योजना का पता Address of Namami Gange Project

National Mission for Clean Ganga

(Ministry of Water Resources,River Development & Ganga Rejuvenation)

Government of India

1st Floor, Major Dhyan Chand National Stadium

India Gate, New Delhi – 110002

Email: admin.nmcg@nic.in

Phone no: +91-011-23072900-901

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