पर्यावरण और इसके तत्व Article on Environment and its Components in Hindi

इस लेख में हम आपको पर्यावरण और इसके तत्व Article on Environment and its Components के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

पर्यावरण और इसके तत्व Article on Environment and its Components

पर्यावरण को चार प्रमुख भागों में बांटा गया है- वायुमंडल, जलमंडल, स्थलमंडल और जैव मंडल। जैव मंडल सभी मंडलों में संयुक्त रूप से पाया जाता है जिसमें मनुष्य और जीव जंतुओं का विकास होता है। जीव जंतुओं के विकसित होने के लिए वायुमंडल जलमंडल और स्थलमंडल तीनों का महत्वपूर्ण योगदान है।

वायुमंडल Atmosphere

यह पर्यावरण का एक प्रमुख घटक है। वायुमंडल में सभी जीवो के जीवित रहने के लिए वायु प्राप्त होती है। वायुमंडल में अनेक प्रकार की भौतिक और रासायनिक क्रियाएं होती रहती हैं जैसे बिजली चमकना, गरजना, इंद्रधनुष, बादल बनना, प्रभामंडल, क्रीट मरीचिका इत्यादि।

सूर्य की विकिरण ऊर्जा से पृथ्वी गर्म होती है। वायुमंडल उसे अवशोषित कर लेता है। वायुमंडल का तापमान 68 से 55 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। वायुमंडल एक गैसीय आवरण है जो कई किलोमीटर मोटा है और संपूर्ण पृथ्वी को विभिन्न गैसों में लपेटे हुए हैं। इसे ही वायुमंडल कहते हैं।

वायुमंडल के अंदर कई मंडल हैं जैसे क्षोभमंडल जो पृथ्वी से 12 किलोमीटर की दूरी तक होता है और पूरी पृथ्वी को धेरे रहता है। समताप मंडल 50 किलोमीटर घना होता है। वायुमंडल में नाइट्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सीजन, आर्गन हाइड्रोजन हीलियम ओजोन मेथेन क्रिप्टन और जलवाष्प जैसी कई गैसे पाई जाती हैं।

यह सभी गैसे मिलाकर वायुमंडल का निर्माण करती हैं। जलवाष्प के कारण ही वायुमंडल में बादल कोहरा पाला वर्षा हिमपात जैसी घटनाएं होती हैं। वायुमंडल में ओजोन परत भी पाई जाती है जो पृथ्वी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ओजोन परत सूर्य से आने वाली उच्च आवृत्ति की पराबैंगनी प्रकाश की 93 से 99% मात्रा को अवशोषित कर लेती है जो पृथ्वी पर जीवन के लिए हानिकारक होती है।

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जलमंडल Hydrosphere

पृथ्वी के 71 % भाग पर जल मंडल पाया जाता है। महासागरों में विशाल मात्रा में जल पाया जाता है परंतु पीने लायक मीठा जल सिर्फ 2.5% ही है। जल मंडल के अंतर्गत सभी प्रकार के जल संसाधन पाए जाते हैं जैसे नदियां झीलें तालाब समुद्र महासागर ध्रुवीय आवरण हिमनद भूजल और जलवाष्प। पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में स्थल भाग अधिक पाया जाता है जबकि दक्षिण गोलार्ध में जल की अधिकता है।

पृथ्वी पर जल पाया जाता है इसलिए इसे नीला ग्रह (Blue Planet) भी कहते हैं। पृथ्वी पर पाए जाने वाले जल का 96।5% हिस्सा महासागरीय जल है। महासागरों को पांच महासागरों में विभक्त किया गया है- प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, दक्षिणी अंटार्कटिका और आर्कटिक महासागर। प्रशांत महासागर विश्व का सबसे बड़ा महासागर है जिसमें जलमंडल का 48.3% भाग पाया जाता है।

सभी जीवों के लिए जल आवश्यक होता है। सभी जीव जंतु प्यास लगने पर जल पीते हैं। मनुष्य के लिए भी जल का महत्व बहुत अधिक है। इसके बिना जीवन संभव नहीं है। जलमंडल पर्यावरण का एक प्रमुख तत्व है। जल तीन रूपों में पाया जाता है ठोस तरल और जलवाष्प के रूप में।

जल का इस्तेमाल घर, फैक्ट्रियों और कृषि के लिए किया जाता है। भूमिगत जल का प्रयोग पीने के लिए किया जाता है क्योंकि वह शुद्ध होता है। उसमें किसी प्रकार के हानिकारक तत्व नहीं होते हैं जबकि नदियों का जल व्यावसायिक कार्यों, फैक्ट्रियों कारखानों में किया जाता है। विश्वभर में पीने लायक जल तेजी से कम हो रहा है। यह एक चिंता का विषय है।  

स्थलमण्डल Lithosphere

पृथ्वी के स्थल भाग को स्थलमंडल कहा जाता है। संपूर्ण पृथ्वी के 29 % भाग पर स्थल मंडल पाया जाता है। यह ठोस पदार्थों जैसे शैल, चट्टानों पत्थरों से बना हुआ है। धरातल का 1/3 भाग स्थल मंडल के अंतर्गत आता है।

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समुद्र तल से ऊपर उठे हुए भू भाग को महाद्वीप कहते हैं। पृथ्वी पर सात महाद्वीप हैं- एशिया, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप। एशिया पृथ्वी का सबसे बड़ा महाद्वीप है।

पृथ्वी की सबसे ऊपरी सतह को भूपर्पटी (क्रस्ट) कहते हैं। इसकी मोटाई 30 से 100 किलोमीटर तक होती है। महाद्वीपों में इसकी मोटाई अधिक होती है। क्रस्ट का निर्माण लोहा ऑक्सीजन सिलिकॉन मैग्निशियम निकिल सल्फर कैल्शियम एलुमिनियम से होता है। क्रस्ट में अल्मुनियम और सिलिका की मात्रा अधिक होती है।

जैवमण्डल Biosphere

जैव मंडल के अंतर्गत वायुमंडल जलमंडल और स्थलमंडल आते हैं। जैव मंडल में ही जीवन का विकास होता है। मनुष्य के साथ साथ दूसरे जीव जंतु का विकास होता है। जैव मंडल की कुल मोटाई 28 किलोमीटर है।

महासागरों और समुद्र में यह 11 किलो मीटर गहरा है जहां विभिन्न जलीय जीव पाए जाते हैं। पृथ्वी पर यह 17 किलोमीटर की ऊंचाई तक है जहां पर विभिन्न प्रकार के पक्षी और नभचर पाए जाते हैं। सभी ग्रहों में पृथ्वी एक ऐसा ग्रह है जहां पर जैवमंडल पाया जाता है। इसके 3 प्रमुख भाग हैं

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