अगरबत्ती बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें? How to Start Agarbatti Manufacturing Business in Hindi?

अगर आप अगरबत्ती बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें? How to Start Agarbatti Manufacturing Business in Hindi? इसके विषय में सोच रहें हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद ही लाभदायक साबित होने वाला है। 

इस लेख में आप अगरबत्ती के व्यापार के बारे में विस्तार से पढेंगे तथा अगरबत्ती से जुड़े व्यवसाय के लिए मशीन तथा साथ ही व्यापार की मार्केटिंग से जुड़ी ज़रुरी जानकारियाँ व सुझाव प्राप्त करेंगे।

अगरबत्ती उत्पादन व्यापार कैसे शुरू करें? How to Start Agarbatti Manufacturing Business in Hindi?

लोग अपने जीविकोपार्जन के लिए तरह-तरह के कार्य करते हैं, जिनमें नौकरी तथा व्यवसाय को करना मुख्य होता है। अगर आप एक साफ-सुथरा तथा कम लागत-ज्यादा मुनाफ़ा व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं, तो आपके लिए अगरबत्ती के व्यवसाय का विकल्प अच्छा साबित हो सकता है।

अगरबत्ती के व्यवसाय की एक खास बात यह है, कि इस व्यवसाय को आप लघु और दीर्घ दोनों स्तरों पर कर सकते है। अगरबत्ती भारत में सभी समुदाय के व्यक्तियों द्वारा सभी प्रकार के अनुष्ठानों और धार्मिक कार्यक्रमों में उपयोग में लाई जाने वाली सामग्री है। भारत के अलावा श्रीलंका, भूटान, बांग्लादेश आदि देशों में भी अगरबत्ती का उपयोग भारतीयों तथा स्थानीय लोगों के द्वारा भी किया जाता है।

आज अगरबत्ती की माँग लगातार बढ़ रही है जैसा की आप जानते है, कि भारत त्योहारों का देश है और जब दीपावली, नवरात्रि आदि त्योहारों का समय होता है तब इसकी माँग में अधिक वृद्धि आ जाती है। इसलिए अगरबत्ती का व्यापार सबसे आसान और सरल व्यापार है, जिसे हम बड़े पैमाने पर या छोटे पैमाने पर भी स्थापित कर सकते हैं।

अगरबत्ती एक छड़ी के समान होती है जिसे कुछ रासायनिक पदार्थ और कुछ कच्चा माल लपेट कर उन पर सुगंधित पदार्थ छिड़ककर कर बनाया जाता है। अगरबत्ती सुगन्धित वातावरण बनाने के साथ-साथ एंटीसेप्टिक का भी काम करती है।

अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण Incense Stick Making Training

अगरबत्ती का व्यवसाय एक साफ-सुथरा सरल व्यवसाय हैं। इसके साथ ही यह एक ऐसा व्यवसाय है, जिसे लघु पैमाने पर हम घर पर ही शुरु कर सकते है, शुरुवात में आप इसे स्वयं ही कर सकते हैं और एक बार मार्केट में स्थापित हो जाने के बाद अन्य लोगों को रोज़गार भी दे सकते हैं।

वर्तमान सरकार भी महिलाओं के लिए तरह-तरह के कौशल निःशुल्क विकसित करने के अवसर प्रदान कर रही है और अगरबत्ती बनाने के व्यवसाय के लिए प्रोत्साहन भी दे रही है। सरकार द्वारा महिला उद्यमियों को स्वरोजगार प्रदान करके आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगरबत्ती बनाने का नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ- साथ उन्हें बैंक से लोन दिलाकर उनका व्यवसाय स्थापित किया जा रहा है।

अगरबत्ती प्रशिक्षण प्रोग्राम ग्रामीण स्वरोजगार और शहरी स्वरोजगार के अंतर्गत जिला उद्योग प्रशिक्षण केंद्रों पर समय-समय पर नि:शुल्क आयोजित किया जाता है। अतः कोई भी पुरुष या महिला जिला उद्योग प्रशिक्षण केंद्र से अगरबत्ती प्रशिक्षण के कार्यक्रम में भाग लेकर तथा प्रशिक्षित होकर, घर पर छोटे पैमाने पर अगरबत्ती का व्यवसाय स्थापित कर सकतीं हैं।

अगरबत्ती बनाने की प्रक्रिया Process of Making Incense Sticks in Hindi

अगरबत्ती जो लकड़ी के छड़ी के समान की होती है तथा जिसका उपयोग प्रत्येक घर, दुकान, मंदिरों में होता है, को बनाने की प्रक्रिया बहुत ही सरल और आसान हैं। जिसमें कुछ प्राकृतिक पदार्थ और कुछ रासायनिक पदार्थों के मिश्रण के द्वारा हम अगरबत्ती का निर्माण करते हैं।

इसके निर्माण की प्रक्रिया इतनी सरल और सीधी है, कि इसके निर्माण में किसी प्रकार की डिग्री, डिप्लोमा तथा कुशल कारीगरी की जरूरत नहीं होती। यहाँ तक कि घर के लोग भी इस काम में हाथ बंटा सकते हैं और यह व्यवसाय शिक्षित बेरोज़गार युवाओं और युवतियों के लिए एक रोज़गार का साधन भी बन सकता है।

अगरबत्ती और धूप बनाने का कार्य भारत के शहरों जैसे- बैंगलोर, कन्नौज और मैसूर के घर-घर में होता है जिसके निर्माण में कच्चे माल के रूप में लकड़ी, चंदन, कोयला, चारकोल, गूगर आदि प्राकृतिक पदार्थों का प्रयोग किया जाता है।

अगरबत्ती निर्माण प्रक्रिया में सर्वप्रथम उत्पादक चंदन और लकड़ी के कोयले को पीस लेते हैं तथा गूगर मिलाकर इसकी लेई बना लेते हैं, जो मसाले जैसा दिखता है अब इस मसाले को हम बाँस की लकड़ियों पर लगाते हैं। लकड़ियों पर लगाने की प्रक्रिया हाथ के द्वारा और मशीन दोनों से हो सकती है।

हाथ से बनाने के लिए सर्वप्रथम हाथ पर मसाला लेते हैं और उस पर लकड़ी चलाते हैं, जिससे मसाला लकड़ी पर चढ़ जाता है। दूसरे तरीके में मसाले की गोली बनाते हैं और उसे बेलते हुये आसानी से लकड़ी पर चढ़ा लेते है। इस प्रकार से अगरबत्ती पर मसाला तो चढ़ जाता है, किंतु सुगंध नहीं होती।

अब अगर आप अच्छी गुणवत्ता वाली अगरबत्ती बनाना चाहते हैं, तो इसमें चंदन का बारीक बुरादा चिपका कर प्राकृतिक और रासायनिक पदार्थों से बने घोल में डुबो कर सुखाएं।

अगरबत्ती के बन्डल

आप सुगंधित रासायनिक घोल निम्न प्रकार से बना सकते है-

सुगंधित तेल या घोल तैयार करने के लिए निम्न पदार्थों की आवश्यकता होती है।

  1. बेंजाइल एल्कोहल      =  10 ग्राम
  2. चंदन का तेल           =  60 ग्राम
  3. लिनासूस                 =  20 ग्राम
  4. लिनालिल एसिटेट     =  10 ग्राम
  5. बेंजील एसीटेट = 50 ग्राम
  6. इडोल 10 फ़ीसदी विलयन  = 10 ग्राम
  7. अल्का एमाइल एल्डिहाइड 4 ग्राम एल्कोहल में 10 फीसदी विलयन

उपर्युक्त रासायनिक पदार्थो का एक घोल बना कर उसे अच्छे से मिक्स कर लेते है। तैयार किया हुआ घोल कम से कम 2500 अगरबत्तियों लिए पर्याप्त होता है। इनमें अगरबत्तियों को डुबाया जाता है और सुखाने के बाद पैकेटों में पैक कर दिया जाता है।

अगरबत्ती बनाने की मशीन Agarbatti Making Machine Price Details in Hindi

अगर आप बड़े पैमाने पर अगरबत्ती बनाकर व्यवसाय करना चाहते हैं, तो आपके पास अगरबत्ती निर्माण करने की मशीन अवश्य होनी चाहिए। इसके निर्माण की मशीन भी अगरबत्ती की गुणवत्ता तथा क्वालिटी के हिसाब से कई प्रकार की होती हैं। जिनकी साइज उनकी अगरबत्ती निर्माण करने की क्षमता तथा उनके संचालन पर आधारित होती है तथा उनकी कीमत भी भिन्न-भिन्न होती है।

भारत में अगरबत्ती निर्माण करने की मशीनों की कीमत कम से कम 35,000 से 1,50,000 रुपए तक है, जिससे आप 1 मिनट में लगभग 200 अगरबत्तियाँ आराम से बना सकते हैं। लेकिन इन मशीनों कि क्षमता और उसके साथ उपयोग में लिए जाने वाले अन्य मशीनों पर निर्भर करता है। जैसे की एक अच्छे प्रोडक्ट को बनाने के लिए आपको मिक्सर मशीन, ड्रायर मशीन, प्रोडक्शन मशीन तथा पैकेजिंग मशीन की प्रमुख रूप से आवश्यकता होती है।

मिक्सर मशीन के द्वारा कच्चे पदार्थों को आपस में मिलाकर उसकी (लेई) मसाला तैयार किया जाता है। प्रोडक्शन मशीन का कार्य लकड़ी पर उस मसाले को लपेटना होता है। ड्रायर मशीन के द्वारा अगरबत्तियों को सुखाया जाता है तथा पैकिंग मशीन से पन्नियों में अगरबत्ती रखकर पैक की जाती है। सामन्यतः मशीनों को उनकी क्षमता के आधार पर तीन श्रेणियों में बाँटा गया है।

मैनुअल मशीन (Manual machine) – यह मशीन सबसे सरल सस्ती होती है जिसे ऑपरेट करना बहुत आसान है जो पैडलयुक्त होती है। किंतु इसकी उत्पादक क्षमता एक मिनट में लगभग 100 अगरबत्ती है। अगर आपका बजट बिलकुल ही कम है, तो आप इस मशीन को चुन सकते हैं।

स्वचालित मशीन (Automatic machine) – यह मशीन सामान्य से थोड़े बड़े व्यवसाय के लिए होती है, जिससे बेहतर डिज़ाइन तथा गुणवत्ता वाली एक मिनट में 150 से 200 अगरबत्तियाँ आसानी से बना सकते है। अगर आप अपने अगरबत्ती के व्यवसाय को किन्ही मार्केट में स्थापित करना चाहते हैं तो इस मशीन को चुन सकते हैं।

हाई स्पीड मशीन (High Speed machine) – यह मशीन मुख्यतः फ़ैक्टरियों में उपयोग में लायी जाती है। जहाँ पर एक मिनट में 400 के आसपास अगरबत्तियाँ आसानी से बना सकते है। अगर आप बहुत बड़े पैमाने पर अगरबत्ती का व्यवसाय शुरू करने की सोच रहें हैं तो इन मशीनों को भी चुन सकते हैं।

अगरबत्ती के व्यवसाय के लिए निवेश Investment for Agarbatti Business

अगर आप अगरबत्ती बनाने का व्यवसाय घरेलू तौर पर सेट करना चाहते हैं तो आप इसमें ₹15000 के आसपास लगा कर आराम से से स्थापित कर सकते हैं, जिसमें आपको केवल कच्चा माल और पैकेजिंग मशीन की आवश्यकता होगी। अपने माल को दुकानदारों तथा लोगों को बेच सकते हैं।

किंतु अगर आप बड़े पैमाने पर व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं, तो आपको अगरबत्ती बनाने की सभी मशीनों की आवश्यकता पड़ेगी। जिसमें आपको आराम से 4 लाख से 8 लाख रु तक का निवेश करना पड़ सकता है।

जिसमें आपका ड्रायर मशीन, प्रोडक्शन मशीन और मिक्सर मशीन के साथ-साथ कच्ची सामग्री तथा अगरबत्ती निर्माण में उपयोग आने वाले रासायनिक पदार्थों पर निवेश भी सम्मिलित है।

किन्तु फैक्ट्री स्थापित करने के लिए तथा अधिक उत्पादन करने के लिए आपको high speed machine या automatic machine अवश्य खरीदनी चाहिए। जिसमें आपको 25 से 50 लाख तक का निवेश करना पड़ सकता है। 

अगरबत्ती के व्यवसाय की मार्केटिंग Marketing Incense Sticks Business in Hindi

गुणवत्ता और पैकेजिंग के द्वारा- किसी भी उत्पाद की मार्केटिंग उसकी गुणवत्ता और उसके पैकेजिंग पर बहुत निर्भर करता है। अगर आपके उत्पाद गुणवत्ता में श्रेष्ठ है, तो आपका उत्पाद कुछ ही समय में मार्केट में पकड़ बना लेता है। लेकिन शुरुवात में  डिज़ाइन, किसी डिज़ाइनर से करवानी चाहिए और उसके पैकेजिंग को बहुत ही आकर्षक बनानी चाहिए।

इमोशनल और धार्मिक टच देकर- सबसे आसान और सरल बात कि जो पैकेजिंग डिज़ाइन हम करें या करवाए वह धार्मिकता को छू रही हो इसका ख़ास ख्याल रखना चाहिए।

डोर टू डोर सेलिंग- अगर आप अगरबत्ती के प्रचार करने में पैसा इनवेस्ट नहीं करना चाहते है और आपका व्यापार छोटे स्तर पर है, तो आप ऐसे में स्वयं विक्रेता के पास डोर टू डोर जाकर उन्हें उन्हें अगरबत्ती की क्वालिटी बताकर सेल कर सकते है।

आप मंदिरों या धार्मिक स्थलों पर अगरबत्ती की आपूर्ति थोक में करवा सकते हैं बशर्ते आपके प्रोडक्ट की कीमत औरों से कम हो तथा गुणवत्ता में औरो से बेहतर हो।

प्रिंट एडवर्टाइज के द्वारा- कहावत है जो दीखता है, वही बिकता है। आप शुरुवात में अपने कीमत को औरों से कम रखकर तथा पेम्पलेट तथा बैनर व अखबारों में इश्तिहार देकर अपनी अगरबत्ती का प्रचार आराम से कर सकते हैं।

निष्कर्ष Conclusion

इस लेख में आपने अगरबत्ती के व्यवसाय तथा स्थापना व मार्केटिंग के बारे में जानकारी प्राप्त की। आशा है आपके मन अगरबत्ती उत्पादन का व्यापार कैसे शुरू करें इसकी दुविधा समाप्त हो गई होगी? अगर यह लेख आपको सरल और लाभदायक लगा हो तो इसे शेयर जरुर करें।

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