वर्मीकम्पोस्ट या केंचुआ खाद का बिजनेस Vermicompost Business in Hindi

केंचुआ खाद का बिजनेस या वर्मीकम्पोस्ट बनाने का व्यापार (Vermicompost Business in Hindi)। इसमें आप वर्मीकम्पोस्ट क्या है, बनाने का स्थान, मौसम, सामग्री, विधि जैसी पुरी जानकारी दी गई है।

वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद का बिजनेस) Vermicompost Business in Hindi

केंचुआ खाद (vermicompost) एक प्रकार का जैविक खाद या उर्वारक है। जोकि केंचुए और अन्य प्रकार के कीड़ो के द्वारा जैविक अवशिष्ट पदार्थो को विघटित करके बनाया जाता है।

ये एक प्रकार की गंधहीन, स्वच्छ और कार्बनिक पदार्थ (Organic material) से बना खाद है। इसमें कई प्रकार की सूक्ष्म पोषक तत्व( Micro Nutrient Element) जैसे –  नाइट्रोजन, कैल्शियम, पोटाश जैसे आवश्यक तत्व इसमें पाये जाते है।

केंचुआ खाद (Vermicompost) प्राकृतिक विधि से बने जाती है, इसीलिए इससे न ही खेतो को नुक्सान होता है और ना ही रासायनिक खाद का उपयोग जिससे खेतो की उर्वरक क्षमता बनी रहती है और खेत बंजर नही होते है। रासायनिक खाद का उपयोग ना करने से पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।

केंचुआ खाद क्या है? What is Vermicompost in Hindi?

केंचुआ के द्वारा निगला गया घास, कचरा, गोबर, मिट्टी आदि को पचा कर ये मल के रूप में बाहर निकालता है। ये कार्बनिक पदार्थ पिसी हुई अवस्था में होती है उसे ही केंचुआ खाद कहते है।

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वर्मीकम्पोस्ट या केंचुआ खाद बनाने के लिए उचित स्थान Best Place For Vermicompost

केंचुआ खाद (Vermicompost)  को बनाने के लिए ऐसे जगह का चुनाव करना चाहिए जहाँ का वातावरण नम और छायादार हो क्योकि केंचुआ खाद बनाने के लिए छायादार और नम वातावरण वाले स्थान की जरुरत होती है। केंचुआ खाद का स्थान का चुअनाव करते समय पानी के स्त्रोत और जल निकास का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

वर्मीकम्पोस्ट की केंचुआ खाद के सही मौसम Best Climate For Vermicompost Production

केंचुआ खाद वैसे तो सभी लोग पुरे वर्ष बनाया करते है लेकिन सबसे उचित समय जब होता है जब मुसहर का तापमान लगभग 15 से 25 डिग्री हो। इस तापमान पर केंचुए बहुत ही क्रियाशील होते है और खाद जल्दी बन जाती है।

केंचुओं के प्रजाति का चुनाव Selection of Best Earthworm

जैसा कि हम सभी को पता है केचुओं की कई प्रजाति होती है और हम किसी भी प्रजाति से केंचुआ खाद का निमार्ण कर सकते है। लेकिन किसानो के लिए सबसे अच्छी प्रजाति आइसीनिया फोटिडा है। इस जाति के केचुओं की आसानी से देख रेख हो जाता है।

केंचुआ खाद बनाने के लिए आवश्यक सामग्री Raw Materials For Vermicompost Business in Hindi

केंचुआ खाद बनाने के लिए कई प्रकार के सामग्री की आवश्यकता पड़ती है जैसे –

  • केंचुआ खड्ड बने के लिए अपने सुविधा अनुसार या 2 से 3 मीटर का गड्ढा
  • 1 सेंटीमीटर आकर के छोटे छोटे कंकड़ और पत्थर गड्ढे को 3 इंच भरने के लिए।
  • बालू मिट्टी गड्ढे को 3 इंच भरने के लिए
  • गोबर की खाद – 50 से 80 किलो
  • सूखे कार्बनिक – 40 से 60 किलोग्राम
  • खेती से निकला हुआ खास और कचरा – 120 से 140 किलोग्राम
  • 2000 केंचुए
  • पानी सुविधा के अनुसार

वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद) बनाने की विधि? How to Make Vermicompost at Home in Hindi?

केंचुआ खाद को बनाने के लिए 6X3X3 फीट बने गड्ढे या लकड़ी के बक्से या प्लास्टिक के बने कैरेट का भी प्रयोग कर सकते है लेकिन पानी निकास का आवश्यक ध्यान रखना होगा-

  • सबसे पहले 2 से 3 इंच मोटी एक परत ईट या पत्थर के छोटे छोटे टुकड़ों को बिछाएं।
  • इसके बाद पत्थर के ऊपर बालू की 3 इंच मोटी एक परत और बिछाएं।
  • अब इसके बाद दोमट मिट्टी की 5 इंच की परत को बिछाते है।
  • मिट्टी की इस परत को पानी से नम करते है, और लगभग 50 से 60 % नम करते है।
  •  पानी से नम मिट्टी में प्रति वर्ग मीटर की डर से 1000 केचुओं को मिट्टी में डाल देते है।
  • इसके बाद मिट्टी के ऊपर ही गोबर के खाद को थोडा थोडा करके कई जगहों पर डाल देते है। इसके बाद गोबर के ऊपर घास, सूखे पत्ते डाल देते है।
  • अब इसको बोर या टाट से ढँक देते है और रोज उसमे पानी डालते रहते है। ये क्रिया लगभग एक महीने तक चलता रहता है
  • एक महीने के बाद ढंके टाट या बोर को  हटा कर इससमे वानस्पतिक कचरा 6:4 के अनुपात में मिलाते है इसको  2 से 3 इंच मोटे परत के रूप में फैला देते है।
  • कचरे को डालते समय इसमें से प्लास्टिक, धातु और शीशे के टुकड़ों को निकाल देना चाहिये।  इसके बाद पुनः ढक देना चाहिये तथा मिट्टी को नम रखने के लिये पानी डालते रहना चाहिय।
  • कचरे को हर सप्ताह में डालते रहना चाहिए और पानी को प्रतिदिन नमी के अनुसार डालते रहना चाहिए ।
  • गड्ढा भर जाने के 45 दिन बाद केंचुआ खाद तैयार हो जाती है।  इन 45 दिनों में कूड़े कचरे को सप्ताह में एक बार पलटते रहें तथा पानी देते रहें, 45वें दिन पानी देना बन्द कर दें, दो-तीन दिन बाद केंचुए वर्मीबेड में चले जायेंगे। ऐसा करने से बचे हुए केंचुआ निचले पथरीले भाग में चले जायेंगे और आप खाद को निकाल सकते है।
  • केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट) का उपयोग जरुरत के अनुसार करे। पहले उसे खुली हवा में सुखाकर 20 से 25 प्रतिशत नमी के साथ प्लास्टिक के थैले में भर लेते हैं।
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केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट) के फायदे Benefits of Vermicompost Business in Hindi

केंचुए के खाद को उपयोग करने के बहुत से फायदे है जो इस प्रकार है-  

  1. इसमें सभी प्रकार के पोषक तत्व, हार्मोन्स व जैम भी पाये जाते है। जबकि उर्वरकों में केवल नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा पोटाश ही मिलते है।
  2. केंचुए के खाद का प्रभाव खेत में ज्यादा दिन तक बना रहता है और पौधों को पोषक तत्व मिला करता है जबकि उर्वरक का प्रभाव शीघ्र ही ख़त्म हो जाता है।
  3. इसके प्रयोग से भूमि का विन्यास तथा संरचना सुधरती है, जबकि उर्वरक इसको बिगाड़ते हैं|
  4. इससे भूमि जल्दी बंजर नही होगी जबकि उर्वर से जल्दी बंजर हो जाती है।
  5. फसलों के लिये पूर्णतया नैसर्गिक खाद है, इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।
  6. भूमि अपरदन को कम करता है और पर्यावरण को सुरक्षित करता है।
  7. फसलों के आकार, रंग, चमक तथा स्वाद में सुधार होता है, जमीन की उत्पादन क्षमता बढ़ती है, फल स्वरूप उत्पाद गुणवत्ता में भी वृद्धि होती है।
  8. जमीन के अन्दर हवा का संचार बढाती है।

केंचुआ खाद बनाते समय सावधानियां Some Precautions Needed in Vermicompost Business

  1. गड्ढा छायादार और थोडा ऊँचे स्थान पर होना चाहिये।
  2. लकड़ी के बक्से या प्लास्टिक कैरेट में छेद आवश्य करे ताकि पानी न रुके।
  3. गड्ढे में हमेशा नमी बनाये रखे।
  4. केंचुआ खाद में किसी भी तरह के रासायन का इस्तेमाल न करे।
  5. खाद को हाथ से अलग करे तंत्र का प्रयोग न करे। जिससे केंचुए मरे ना।

7 thoughts on “वर्मीकम्पोस्ट या केंचुआ खाद का बिजनेस Vermicompost Business in Hindi”

  1. सर जी – क्या मुर्गी फार्म से निकले बिछावन और गोबर को मिक्स करके केचुओ के द्वारा वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार किया जा सकता है ?

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    • जी हाँ किया जा सकता है, बहुत जल्द हम Vermicompost के बारे में भी सारी जानकारी प्रदान करेंगे

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  2. सर जी पोल्ट्री मेडिसीन मे Nefrocare , न्युरोबियान टेबलेट और पैरासीटामाल टेबलेट का प्रयोग क्यो किया जाता है

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  3. सर जी पोल्ट्री मेडिसीन मे Nefrocare , न्युरोबियान टेबलेट और पैरासीटामाल टेबलेट का प्रयोग क्यो किया जाता है

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  4. मै वरमी खाद बना रहा हूँ और इसे कहा बेचे।
    मै फतेहपुर का रहने वाला हू।

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  5. सर मै उ प्र के रायबरेली जिला तहसील लालगंज बिकास खंड सरेनी के ग्राम कस्बा बदलू पोस्ट नीबी का रहने वाला हू मय वर्तमान समय मे तीन बेड से अच्छी खाद तैयार किया है श्री मान जी वर्मी कम्पोस्ट खाद का वर्तमान समय मे क्या रेट है /और यदि मै इसको अपना मुख्य बयापार के रूप मे करना चाहता हू क्या बैंक का सहयोग वा सरकार द्वारा सब्सिडी मिलेगी यदि मिल सकती है तो मै कहा और किस अधिकारी से मिलने पर मुझे सहायता मिलेगी कृपया मेरी उचित मदद करने की कृपा करे

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