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अनुलोम विलोम प्राणायाम विधि व लाभ Anulom Vilom Pranayam Steps Benefits in Hindi

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अनुलोम विलोम प्राणायाम विधि व लाभ Anulom Vilom Pranayam Steps Benefits in Hindi

अनुलोम विलोम प्राणायाम विधि व लाभ Anulom Vilom Pranayam Steps Benefits in Hindi

[Anulom Vilom -Alternate Nostril Breathing] अनुलोम विलोम प्राणायाम एक बहुत ही महत्वपूर्ण योगासन है जो शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी है। इस योगासन को आप जितना करेंगे उतना यह शरीर के लिए अच्छा है। आप चाहें तो दिन में 3-4 बार भी अनुलोम विलोम कर सकते हैं।

अनुलोम विलोम प्राणायाम बहुत ही आसान योगासन है और यह सभी उम्र के लोग कर सकते हैं। इससे साँस लेने की क्रिया में सुधार आता है। इस प्राणायाम को शांत जगहों जैसे नदी किनारे, बागीचे या खुले मैदान में करना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन मिल सके।

अनुलोम विलोम को दिन में प्रति 4-5 घंटे में आप एक बार खाना-खाने के बाद कर सकते हैं। अनुलोम विलोम प्राणायाम मनुष्य के शरीर के त्रिदोष (बात, पित, कफ) को संतुलित रखता है। इन्हीं त्रिदोषों के बल पर मनुष्य शरीर स्वस्थ रहता है।

नोट : अनुलोम विलोम प्राणायाम गर्भावस्था और मासिक धर्म के समय किसी भी महिला को नहीं करना चाहिए। साथ ही ह्रदय रोग से जुड़े हुए रोगी इस अनुलोम विलोम प्राणायाम को करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना ना भूलें और इस प्राणायाम को जोर-जोर से ना करें।

कपालभाती प्राणायाम के साथ करने से और भी अच्छा है।

अनुलोम विलोम प्राणायाम विधि व लाभ Anulom Vilom Pranayam Steps Benefits in Hindi

विषय सूचि

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अनुलोम विलोम प्राणायाम की विधि Steps for Anulom Vilom Pranayam in Hindi

  1. सबसे पहले दोनों पैरों को मोड़ कर बैठ जायें जैसे चित्र में दिया गया है। यानि की पहले सुखासन की मुद्रा धारण करें।
  2. उसके बाद शांति से कुछ मिनटों के लिए उस मुद्रा में रहें।
  3. उसके बाद अपने दायें नथुने (Nostril) को अपने दायें हाथ के अंगूठे से आराम से बंद काके अपने बाएं नथुने से धीरे-शीरे जितना साँस ले सकते हैं उतना लें।
  4. साँस पूरी तरीके से अपने छाती में भरने के बाद धीरे से अपने बाएं नथुने को अंगूठे से बंद करके धीरे-धीरे दायें नथुने से साँस को छोड़ें।
  5. उसके बाद उसी बाएं नथुने से धीरे-धीरे लम्बी साँस लें और बाएं नथुने को बंद करके दायें नथुने से धीरे-धीरे साँस को छोड़ें।
  6. इस प्रक्रिया को 7-10 बार दोहोरायें। और प्रतिदिन 2-3 बार करें।

अनुलोम विलोम प्राणायाम के फायदे Benefits of Anulom Vilom Pranayam in Hindi

  • इससे पाचन तंत्र भी मजबूत होता है।
  • अनुलोम विलोम प्राणायाम मन की चिंता और तनाव को दूर करने के लिए बहुत लाभकारी है।
  • अनुलोम विलोम प्राणायाम से उच्च रक्तचाप / हाई ब्लड प्रेशर / हाइपरटेंशन भी दूर होता है।
  • अनुलोम विलोम योग में किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं है और आप इसकी मदद से अपना वज़न कम कर सकते हैं।
  • इस आसन से दिल में ब्लॉकेज दूर होता है।
  • अधकपाली / माइग्रेन दर्द की शिकायत भी दूर होता है।
  • कब्ज़ या एसिडिटी को दूर करने में यह प्राणायाम लाभकारी है।
  • अस्थमा के रोगीयों के लिए भी अनुलोम विलोम प्राणायाम बहुत लाभकारी साबित हुआ है।
  • इस आसन से कई प्रकार की एलर्जी भी दूर होती है।
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