इस लेख में हिन्दी में भारतीय सेना पर निबंध बेहतरीन ढंग से लिखा गया है। इसमें भारतीय सेना के विषय में जानकारी, उसका महत्व, सेना के कार्य, भारतीय सेना के कमान और पद इत्यादि सभी जानकारियों को बेहद आसान शब्दों में बताया गया है।
भारतीय सेना पर निबंध
किसी भी देश की सबसे प्राथमिक आवश्यकता उसकी सुरक्षा होती है। अगर देश की अस्मिता और अखंडता सुरक्षित है, तभी वह देश अपने अस्तित्व को लंबे समय तक बनाए रख सकता है।&;
‘जय जवान, जय किसान’ इस श्लोक से तो हर एक भारतीय अच्छी तरह से परिचित होगा। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी द्वारा दिए गए इस नारे में भारतीय सेना की भी जय घोष की जा रही है।
भारतीय सेना को दुनिया के दूसरे बड़े देशों से भी ज्यादा सबसे कठिन और बड़े युद्धों पर जीत हासिल करने के लिए जाना जाता है। भारत में हमारे इन जवानों को राष्ट्रवादी प्रजातंत्र किसी भगवान से कम नहीं समझती।&;
ईश्वर का कार्य भी प्राणों की रक्षा करना होता है, जो वह धरती पर आकर भारतीय सेना के रूप में कर रहा है। आपको बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी और मजबूत सेनाओं की सूची में भारत भी आता है।
पहले के मुकाबले अब हमारे देश ने सुरक्षा विभाग में बड़े निवेश करना प्रारंभ किए हैं, जिसके कारण भारतीय सेना की शक्ति भी कई गुना बढ़ चुकी है। कहते हैं कि जब परेड के समय भारतीय सेना एक साथ कदम से कदम मिलाकर चलती हैं, तो एक दुरुस्त पुल भी हिलने लगता है।&;
हमारे जवान पूरी तरह से देश को समर्पित होकर रात दिन देश की रक्षा करते हैं। भारतीय सेना को को धरती, जल और आकाश इन तीनों ही मार्ग से देश की लगने वाली सीमाओं की रक्षा करने के लिए थल सेना, वायु सेना और नौसेना इन तीन अलग-अलग भागों में बांटा गया है।
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भारतीय सेना का महत्व
एक समय हुआ करता था जब विश्व की बड़ी महासत्ताएं भारत को सुरक्षा मामलों में आंख दिखाया करती थी। वैसे ही हमारे नापाक पड़ोसी देशों की वजह से भारत को ऐसे स्थिति में युद्ध का सामना करना पड़ा था, जब भारतीय सैनिकों के पास इतने सशक्त हथियार नहीं हुआ करते थे। आज संयुक्त राष्ट्र से लेकर दुनिया के हर बड़े देश भारतीय सेना की गाथा के डंका बजाय करते हैं।
भारतीय सेना पर सच्चे राष्ट्रवादी देशवासियों को गर्व नहीं बल्कि अभिमान है, जो कभी भी नहीं टूटेगा। हम अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान का उदाहरण ले सकते हैं, जहां पाकिस्तान की सेना ही सरकार का तख्ता पलट कर के खुद सत्ता में आकर लोगों पर अत्याचार करते हैं।&;
दुनिया में ऐसे कई देश हैं, जो इसी पद्धति को लेकर आगे बढ़ते हैं। लेकिन भारत दुनिया में इकलौता ऐसा देश है जहां के लोग अपनी सेनाओं को भगवान का दर्जा देते हैं और उनसे एक मजबूत भावनात्मक कड़ी जोड़ते हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ में कुल 120 से अधिक देशों की सेनाएं और मजबूत पुलिस बल को शामिल किया गया है, जिसमें भारत की भी उपस्थिति है।&;
आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित किए गए ‘पीसकीपिंग फोर्स’ में भारतीय सेनाएं सबसे अधिक बलशाली और अपने टारगेट को प्राप्त करने वाली सफल सेनाएं मानी जाती हैं। इस प्रकार भारत से बाहर जाकर भारतीय सेनाएं देश का गौरव बढ़ाकर विश्व में शांति कायम करने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे हैं।
भारतीय सेनाओं में थल सेना सबसे अधिक सक्रिय शाखा मानी जाती है। देश की सीमा पर दुश्मनों के घुसपैठ से लेकर नक्सलवाद और आतंकवादियों की सफाई, आंतरिक गृह युद्ध जैसे माहौल से निपटना इत्यादि कुछ प्रमुख कार्य होते हैं। भारतीय सेना का जीवन वाकई बहुत संघर्ष पूर्ण होता है।
भारतीय सेना के कार्य
भारतीय थल सेना के प्रमुख कार्यों में शामिल है, देश की अखंडता और सुरक्षा को संरक्षित रखना। भारतीय सेना हर समय देश की सीमा पर पहरा देती हैं। एक आम नागरिक अपने घर में बहुत आराम से अपना जीवन जी रहा है, क्योंकि उसकी रक्षा करने के लिए भारतीय सेना लगातार देश की सीमा पर खड़ी है।
सीमा की रक्षा के अलावा भारतीय सेना नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाकर नक्सलवादियों का सफ़ाया करती है।&;
आतंकवादियों के देश में होने वाले खुफिया घुसपैठ पर भारतीय सेना कड़ा रुख जताकर सीधे उन्हें सरेंडर करवाती है, या उनके कार्यों के लिए जहन्नुम भेजती है। इसके अलावा भारतीय सेना का संबंध खुफिया एजेंसियों के साथ भी होता है, जिससे उन्हें देश के आंतरिक राज्यों में छुपे आतंकवादियों से जुड़े लोगों का खात्मा करने में बहुत सहायता मिलती है।
आंतरिक समस्याओं के अलावा प्राकृतिक आपदाओं में भी भारतीय सेना ईश्वर का दूत बनकर लोगों की मदद करती है। बाढ़, भूकंप, सुनामी, भुखमरी इत्यादि जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए हमारी सेनाएं हमेशा आगे रहती है और बचाव अभियान की सहायता से आपदा पीड़ितों के जानमाल की रक्षा कर उन्हें सुरक्षित जगह पर पहुंचाती है
इसके अलावा हमारी सेना हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी और पश्चिम की तरफ पड़ने वाले समुद्रों में भी अपने अड्डे पर तैनात होकर दूरदराज से आती दुश्मन जहाजों को देश में घुसपैठ करने से रोकती है।&;
आज हमारा भारत एक नया भारत है, जहां भारतीय सेनाओं को सबसे प्राथमिकता पर रखा जाता है और हाई क्वालिटी डिफेंस इक्विपमेंट प्रदान किया जाता है। वायु सेना के विषय में कहा जाता है कि उनकी अनुमति के बिना दूसरे देशों से हमारे सीमा पर कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता।
भारतीय सशस्त्र बलों की प्रमुख कमान व्यवस्था
1. भारतीय थल सेना के कमान
- पश्चिमी कमान – चंडीमंदिर
- पूर्वी कमान – कोलकाता
- उत्तरी कमान – उधमपुर
- दक्षिणी कमान – पुणे
- मध्य कमान – लखनऊ
- सेना प्रशिक्षण कमान – शिमला
- दक्षिण-पश्चिमी कमान – जयपुर
2. भारतीय नौसेना के कमान
- पश्चिमी नौसेना कमान – मुंबई
- पूर्वी नौसेना कमान – विशाखापत्तनम
- दक्षिणी नौसेना कमान – कोचीन
3. भारतीय वायु सेना के कमान
- पश्चिमी वायु कमान – दिल्ली
- दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान – गांधीनगर
- मध्य वायु कमान – इलाहाबाद
- पूर्वी वायु कमान – शिलांग
- दक्षिणी वायु कमान – तिरुवनंतपुरम
- प्रशिक्षण कमान – बेंगलुरु
- रखरखाव कमान – नागपुर
4. भारतीय तटरक्षक कमान
- पश्चिमी क्षेत्र (डब्ल्यू) – मुंबई
- पूर्वी क्षेत्र (ई) – चेन्नई
- उत्तर पूर्व क्षेत्र (एनई) – कोलकाता
- अंडमान और निकोबार क्षेत्र (ए एंड एन – पोर्ट ब्लेयर
- उत्तर पश्चिम क्षेत्र – गांधीनगर
भारतीय सेना के पद
भारतीय सशस्त्र सैन्य कर्मियों को विभिन्न पदों के आधार पर बांटा गया है। विभिन्न शाखाओं में जवानों के कार्य और वर्दी पर लगे सितारों के आधार पर ही उनकी आय भी निश्चित की जाती है। भारतीय सेना के विभिन्न पदों और रैंक के विषय में निम्नलिखित जानकारी दी गई है।
1. थल सेना
थल सेना की शक्ती और देशप्रेम उनके ध्येय वाक्य में झलकता है। ‘सर्विस बिफोर सेल्फ’ थल सेना का ध्येय है, जिसका अर्थ होता है- स्वयं से पहले सेवा। भारतीय थल सेना अथवा इंडियन आर्मी को तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है, जिसके आधार पर ही उनके पद सुनिश्चित किए जाते हैं।&;
इन श्रेणियों में पहले नंबर पर कमिश्नर ऑफिसर, दूसरी श्रेणी में जूनियर कमिश्नर तथा अंतिम श्रेणी में नॉन कमिश्नर ऑफिसर का समावेश होता है। थल सेना में सबसे बड़ा पद ‘फील्ड मार्शल’ का है।&;
यह नियमित रूप से नहीं प्रदान किया जाता है। इसके अलावा जनरल को थल सेना का प्रमुख भी कहा जाता है, जिसे कमांडर इन चीफ के नाम से भी जाना जाता है। यह भारतीय सेना का सबसे बड़ा पद होता है।&;
इसके अलावा क्रमानुसार भारतीय थल सेना के पद को दर्शाया गया है:
भारतीय सेना के पद तथा रैंक:
- फील्ड मार्शल
- जनरल
- लेफ्टिनेंट जनरल&;
- मेजर जनरल&;
- ब्रिगेडियर
- कर्नल&;
- लेफ्टिनेंट कर्नल&;
- मेजर&;
- कैप्टन&;
- लेफ्टिनेंट&;
- सूबेदार मेजर&;
- सूबेदार&;
- नायब सूबेदार&;
- हवलदार&;
- नायक&;
- लांस नायक&;
- सिपाही
2. वायु सेना
‘नभ: स्&#;पृशं दीप्&#;तम, अर्थात् गर्व के साथ आकाश को छूना। यह भारतीय वायुसेना का स्लोगन है। इंडियन एयरफोर्स ने जिस तरह पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में अपनी विजय पताका लहराई थी, उसे पूरे विश्व में देखा है।&;
आत्म निर्भर भारत की नीति पर चलकर अब हमारे देश ने स्वनिर्मित शस्त्रों का निर्माण करना प्रारंभ कर दिया है।&;
वायु सेना के प्रमुख पद अथवा रैंक को निम्नलिखित रुप से दिया गया है:
जनरल/फ़्लैग ऑफिसर्स
- मार्शल ऑफ द एयरफोर्स
- एयर चीफ मार्शल
- एयर मार्शल
- एयर वाइस मार्शल
- एयर कॉमडोर
फ़ील्ड/ सीनियर्स ऑफिसर्स
- ग्रुप कैप्टन
- विंग कमांडर
- स्क्वॉड्रन लीडर
जूनियर ऑफिसर
- फ्लाइट लेफ्टिनेंट
- फ्लाइंग ऑफिसर
जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर
- मास्टर वारंट ऑफिसर
- वारंट ऑफिसर
- जूनियर वारंट ऑफिसर
- सार्जेंट
- कॉर्परल
- लीडिंग एयरक्राफ्टमैन
- एयरक्राफ्ट मैन
3. नौसेना
‘शन्नो वरुणः’ भारतीय नौसेना का ध्येय वाक्य है, जिसका अर्थ है- समुद्र के देवता हम पर धन्य हों। भारतीय तटों की सुरक्षा की जिम्मेदारी नौसेना की होती है। हमारे नौसेना के जवानों का इतिहास शौर्य गाथा से परिपूर्ण है।&;
वर्ष 1971 में बांग्लादेश को लेकर हुए भारत और पाकिस्तान सहित विश्व स्तर के युद्ध में भारतीय नौसेना ने अद्वितीय पराक्रम का प्रदर्शन किया था।&;
नौसेना की रैंक अथवा पद निम्नलिखित दिए गए हैं:
कमीशन अधिकारी पद (रैंक)
- बेड़े का एडमिरल
- एडमिरल (नौसेना अध्यक्ष)
- उप एडमिरल
- रियर एडमिरल
- कमोडोर
- कप्तान
- कमांडर
- लेफ्टिनेंट कमांडर
- लेफ्टिनेंट
- उप लेफ्टिनेंट
जूनियर कमीशन अधिकारी पद
- मास्टर चीफ पैटी आफिसर (प्रथम श्रेणी)
- मास्टर चीफ पैटी आफिसर (द्वितीय श्रेणी)
- चीफ पैटी ऑफिसर
गैर-कमीशन अधिकारी पद
- पैटी ऑफिसर
- मुख्य सीमैन
- सीमैन 1 और 2
भारतीय सेना पर 10 वाक्य
- भारत के पास दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी और शक्तिशाली सेनाएं है।
- बर्फ के दुर्गम क्षेत्रों से लेकर रेगिस्तान, पहाड़ी क्षेत्रों तथा मैदानी इलाकों में लड़ने के लिए भारतीय सेना विश्व में सबसे सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।
- भारतीय सेना के कैंपों में विश्व के दूसरे बड़े और छोटे देश यहां आकर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
- दुनिया का सबसे दुर्गम और ऊंचाई पर स्थित युद्ध क्षेत्र ‘सियाचिन ग्लेशियर’ पर केवल भारतीय सेना ही अब तक टिक सकती हैं।
- भारतीय सेनाओं के पराक्रम के कारण 1971 में पश्चिमी पाकिस्तान को पूरे पाकिस्तान से आजादी मिली, जिसके बाद वह बांग्लादेश बना।
- भारत की सेना का इतिहास रहा है कि कभी भी युद्ध में हमने किसी दूसरे देश पर पहले आक्रमण नहीं किया है।
- भारतीय सेना को तीन भागों में बांटा गया है- थल सेना, वायुसेना और नौसेना।
- तीन विभिन्न सेनाओं के कमानो को संभालने के लिए विभिन्न पदों अथवा रैंक को निर्धारित किया जाता है।
- भारत के तीनों सेनाओं के अध्यक्ष का प्रमुख चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होता है।
- भारतीय सेना देश के लिए एक रक्षा कवच की तरह निरंतर कार्य करती है।
भारतीय सेना के बारे में कुछ रोचक तथ्य भारतीय सेना
इंडियन आर्मी के विषय में कुछ ज़बरदस्त तथ्य:
- जंगलों में लड़ने के लिए भारत की सेना को विश्व की सेनाओं में श्रेष्ठ माना जाता है। भारत की सेना की विशेषता जानने के लिए ब्रिटेन, रूस, अमेरिका जैसे देश की सेनाये भारत में आकर प्रशिक्षण और जानकारी लेती है।
- भारत के राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए भारत की सेना की एक टुकड़ी राष्ट्रपति भवन में ही रहती है जो 24 घंटे राष्ट्रपति की सुरक्षा करती है।
- लद्दाख में द्रास और सुरु नदी के बीच स्थित “बेली ब्रिज” (जो दुनिया का सबसे ऊंचा ब्रिज है) का निर्माण भारतीय सेना ने 1982 में किया था।
- भारतीय सेना में घुड़सवारों की एक टुकड़ी है। वर्तमान में सिर्फ 3 देशों में घुड़सवार की सेना होती है। भारत उनमें से एक है।
- भारतीय सेना सियाचिन ग्लेशियर (जो विश्व का सबसे ऊंचा युद्ध का मैदान है) पर अभ्यास करती है। यह युद्ध का मैदान समुद्र तल से 5000 मीटर ऊपर है। बेहद विषम परिस्थितियों में भारतीय सेना यहां पर युद्ध अभ्यास करती है।
- पूरे देश में भारतीय सेना के 53 कैंटोनमेंट और 9 आर्मी बेस हैं।
- भारत की सेना दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना है।
- भारतीय मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज भारत की सबसे बड़ी हथियार निर्माता कंपनी है।
- असम राइफल भारतीय सेना की सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स है। इसकी स्थापना 1835 में की गई थी।
- संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति अभियान के अनुसार भारत की सेनाओं को विश्व के दूसरे देश में युद्ध करने के लिए भेजा जाता है।
भारतीय सेना के प्रमुख युद्ध और अभियान
1. प्रथम कश्मीर युद्ध 1947
भारत-पाकिस्तान के विभाजन के बाद तुरंत ही जम्मू कश्मीर के मुद्दे को लेकर भारत और पाकिस्तान में युद्ध शुरू हो गया था। पाकिस्तान की सेनाओं ने 22 अक्टूबर 1947 को जम्मू कश्मीर पर आक्रमण कर दिया था।
2. भारत पाकिस्तान युद्ध 1965
भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच दूसरा युद्ध 1965 में हुआ था। इस युद्ध में भारत विजयी हुआ था। पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने ऑपरेशन जिब्राल्टर अगस्त 1965 को लांच किया था जिसमें पाकिस्तान की पैरामिलिट्री ट्रूप्स भारत के अधिकार वाले जम्मू कश्मीर में प्रवेश कर गये और उन्होंने भारत के खिलाफ भावनाओं को भड़काने का काम किया था।
3. भारत चीन युद्ध 1967
इस युद्ध में चीन की सेनाओं ने भारत के सिक्किम राज्य में 1 अक्टूबर 1967 को घुसने का प्रयास किया था। 10 अक्टूबर 1967 को दोनों तरफ की सेनाओं के बीच झड़प हुई थी।
इस युद्ध में भारत के 88 जवान मारे गए थे और 163 जवान घायल हुए थे, जबकि चीन के 300 जवान मारे गए थे और 450 जवान घायल हुए थे। हारने के पश्चात चीन की सेना सिक्किम से वापस चली गई थी।
4. बांग्लादेश लिबरेशन वॉर 1971
इसमें भारत के 3500 सिपाही मारे गए थे और पाकिस्तान के 11000 सिपाही मारे गए थे। पाकिस्तान के 220 टैंक इस युद्ध में नष्ट हो गए थे।
5. सियाचिन संघर्ष 1984
इस युद्ध में भारत ने अप्रैल 1984 को ऑपरेशन में मेघदूत चलाया था।
6. कारगिल युद्ध 1999
इस युद्ध में पाकिस्तान को हराने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया गया था। इस युद्ध की शुरुआत 3 मई 1999 को हुई थी। पाकिस्तान ने अपने 5000 सैनिकों को लेकर कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर घुसपैठ कर ली थी।
उन सैनिकों को भगाने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया गया। यह युद्ध 17 दिनों तक चला। इसमें हजारों बम मोर्टार रॉकेट तोप गोलीबारी का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही पाकिस्तान के खिलाफ मिग-27 और मिग- 29 का भी इस्तेमाल किया गया था।
भारतीय सेना के वीरता पुरस्कार और पदक
युद्ध के दौरान वीरता का प्रदर्शन करने वाले भारतीय सैनिकों को परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, अशोक चक्र जैसे पुरस्कारों से नवाजा जाता है। इस प्रकार के पुरस्कारों में प्रशस्ति पत्र और मेडल के अलावा नगद धनराशि दी जाती है।
भारतीय सेना के प्रमुख सैन्य उपकरण
भारतीय सेना के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अधिकतर हथियार देश में ही स्वदेशी तकनीक से बनाए गए हैं। डीआरडीओ ( (डीआरडीओ) भारतीय सेना के लिए हथियार बनाने का काम करता है।&;&;
यह संस्थान भारत की सेना के लिए राडार, हथियार, अर्जुन टैंक बनाता है। भारतीय सेना में इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल, एंटी टैंक मिसाइल, क्रूज मिसाइल, बंदूकें, रॉकेट, मोर्टार, चेतक, हेलीकॉप्टर, एके-47 एसॉल्ट राइफल, इंसास राइफल, स्नाइपर राइफल, नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल, पृथ्वी मिसाइल, प्रहार मिसाइल, शौर्य मिसाइल, ब्रह्मोस मिसाइल, निर्भय मिसाइल, अग्नि-5, अग्नि 6 मिसाइल जैसे हथियारों की एक विस्तृत श्रृंखला मौजूद है।
भारतीय सेना का खर्च
वित्त वर्ष 2021-22 के लिए रक्षा मंत्रालय को 4,78,196 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसमें सैन्य और नागरिक वेतन, पेंशन, सैन्य आधुनिकीकरण, उत्पादन सुविधाओं, रखरखाव, और अनुसंधान और विकास संगठनों पर खर्च शामिल है।
निष्कर्ष
इस लेख में आपने हिन्दी में भारतीय सेना पर निबंध पढ़ा। आशा है यह लेख आपको जानकारी से भरपूर लगा होगा। अगर यह लेख आपको अच्छा लगा हो तो इसे ज़रूर शेयर करें।
2026 में भारतीय सेना
15 जनवरी 2026 को भारतीय सेना ने 78वाँ सेना दिवस जयपुर में मनाया। यह दिन 1949 में भारतीय अधिकारी जनरल के. एम. करियप्पा द्वारा सेना की कमान संभालने की ऐतिहासिक स्मृति से जुड़ा है। 2026 का आयोजन पहली बार शहर के सार्वजनिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किया गया।
आधुनिक भारतीय सेना पारंपरिक सीमा सुरक्षा के साथ ड्रोन, नेटवर्क आधारित युद्ध, निगरानी, साइबर क्षमता और स्वदेशी हथियार प्रणालियों पर अधिक जोर दे रही है। भविष्य के युद्ध में सूचना और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
युद्ध के अतिरिक्त सेना प्राकृतिक आपदा, बचाव, पुल निर्माण, चिकित्सा सहायता और दुर्गम क्षेत्रों में नागरिक प्रशासन की सहायता भी करती है। इसलिए उसकी भूमिका केवल युद्धकालीन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया में भी महत्वपूर्ण है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय सेना दिवस कब मनाया जाता है?
हर वर्ष 15 जनवरी को।
15 जनवरी का महत्व क्या है?
1949 में जनरल के. एम. करियप्पा ने भारतीय सेना की कमान संभाली थी।
भारतीय सेना का मुख्य कार्य क्या है?
देश की स्थलीय सीमाओं, संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करना।
क्या सेना आपदा राहत करती है?
हाँ। बाढ़, भूकंप और अन्य आपदाओं में सेना बचाव और सहायता करती है।
2026 का सेना दिवस कहाँ मनाया गया?
मुख्य 78वाँ सेना दिवस समारोह जयपुर में आयोजित हुआ।
भारतीय सेना में तकनीक का महत्व क्यों बढ़ रहा है?
ड्रोन, निगरानी, संचार और सटीक हथियार आधुनिक युद्ध का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।

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