अंतर्राष्ट्रीय ख़ुशी दिवस पर भाषण Speech on International Day of Happiness in Hindi

आज के इस लेख में हमने अंतर्राष्ट्रीय ख़ुशी दिवस पर भाषण (Speech on International Day of Happiness in Hindi) प्रकाशित किया है। यह भाषण हमें जीवन में हमेशा खुश रहने की प्रेरणा देता है और जीवन के दुःख को भुलाने की शक्ति देता है।

अंतर्राष्ट्रीय ख़ुशी दिवस पर प्रेरणादायक भाषण

आदरणीय प्रधानाचार्य, साथी शिक्षकगण और मेरे प्रिय छात्रों, 

सुप्रभात दोस्तों, आज हम यहाँ 20 मार्च को “अंतर्राष्ट्रीय ख़ुशी दिवस” का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए है। मैं आशा करता हूँ कि आप सब अच्छे होंगे। मैं एक बहुत अच्छा वक्ता हूँ इसलिए मुझे अक्सर स्कूलों और कॉलेजों में भाषण देने के लिए कहा जाता है। और मैं वहां आप जैसे नव युवकों को प्रेरित करता हूँ जो हमारे प्यारे भारत का भविष्य है। दोस्तों आज मैं – अंतर्राष्ट्रीय ख़ुशी दिवस के अवसर पर ख़ुशी के महत्व पर भाषण (Speech on happiness) प्रस्तुत करने जा रहा हूँ। 

जैसा कि हमें पता है ख़ुशी हमारे जीवन में अति आवश्यक है और इसके बिना हमारी जिंदगी बिलकुल बेरंग और बोरिंग हो जाती है। ख़ुशी का हम शब्दों में वर्णन नही कर सकते है क्योंकि ये केवल एक एहसास है और इसे केवल महसूस किया जा सकता है। जीवन जीने के लिए ख़ुशी बेहद ज़रुरी है।

लेकिन आज बहुत से ऐसे लोग भी है जिनके जीवन में ख़ुशी है ही नही। ख़ुशी को हर व्यक्ति अपने नज़रिये से देखता है। कुछ लोगो को पैसे कमाने से खुशी का अनुभव होता है और कुछ लोगो को प्यार में रहने पर ख़ुशी का अनुभव होता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने अनुसार ख़ुशी का अनुभव करता है। 

हर व्यक्ति अपने जीवन में सफल  होना चाहता है और सफल होने के लिए आप को खुश रहना बहुत ही आवश्यक है। मैं ये नही कहता जो हमेशा खुश नही रहता वो सफल नही होता। लेकिन जब खुश होते है तो हम अपने काम में पूरा मन लगा पाते है। जिससे सफलता जल्दी मिल सकती है। अगर मैं आप से पूछता हूँ कि आपको ख़ुशी चाहिए या सफलता, आप में से ज्यादातर लोग कहेंगे कि उनको सफलता चाहिए।

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सफलता और असफलता दोनों सिक्के के दो पहलू है जो आते जाते रहते है। लेकिन हमें हमेशा ख़ुशी रहने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि जब खुश होते है तो हमारे अंदर सकारात्मक सोच होती है जो हमारे सफल होने के संभावना को बढ़ा देती है। लेकिन जब हम दुखी होते है तो हमारे अंदर की नकारात्मक सोच हमारे असफल होने की बहुत बड़ा कारण है। इसीलिए शायद हम सभी को हमेशा खुश रहना चाहिए। 

खुश रहना हर किसी का अधिकार है और हर किसी के लिए ख़ुशी के अपने अपने मायने है। हमारे जीवन में बहुत सी कठिनाइयाँ और जटिलता आती है, लेकिन हम उस सामना करते है और जीतते भी है। लेकिन कुछ लोग हार मान लेते है और हमेशा दुखी रहते है। जोकि सही नही है। क्योंकि एक हार से जीवन खत्म नही हो जाता। विफलता तो हमारे जीवन में कई बार आते है और हम उनका सामना करते है। 

इस दुनिया में बहुत से ऐसे लोग भी हैं जिनके पास भोजन, आश्रय जैसी साधारण ज़रूरतें भी उचित रूप से नही है लेकिन फिर भी वो अपनी मौजूदा चीजों से खुश रहते है क्योंकि वो अपनी तुलना किसी और से नही कर रहे होते है। बहुत से ऐसे लोग भी जिनके पास सब कुछ होने के बाद भी दुखी रहते है क्योंकि वो संतुष्ट नही होते है, और वो अपनी तुलना अपने से बड़े लोगो से करते है। हमे ये समझने की जरुरत है कि हमें अपनी तुलना अपने से बड़े लोगो से ही क्यों करना है, हम छोटे लोगो से भी कर सकते हैं जिनके पास कुछ भी नही है, और इससे शायद हम खुश भी रह सके। 

आप सभी को अपने आप को बहुत ही भाग्यशाली समझना चाहिए क्योंकि आप सभी को घर, परिवार और शिक्षा के लिए स्कूल मिला है। बहुत से ऐसे बच्चे भी है जिनके पास सब कुछ है लेकिन फिर भी खुद को अशुभ मानते है और हमेशा दुखी रहते है। उनका ऐसा सोचना गलत है क्योंकि हमें अपने जीवन में जो कुछ भी मिला है, हमें उसमे खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए। और हमें अपने आपको दुनिया का सबसे भाग्यशाली समझना चाहिए। 

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वैसे तो हम बहुत ही आसानी से किसी चीज में ख़ुशी ढ़ूँढ़ लेते है, लेकिन खुशी पाने के दो तरीके है, पहला जब हम कोई काम खुद के लिए करे और उससे हमें ख़ुशी मिल जाये। या फिर दूसरा किसी दूसरे व्यक्ति जो मजबूर है उसकी मदद करके हमको ख़ुशी मिल सकती है। हमें अपने जीवन में उनके लिए कुछ करना चाहिए जो उनकी मुस्कराहट का कारण बन सके।

क्योंकि ख़ुशी और भी बढ़ जाती है जब अपनी ख़ुशी को दूसरों  के साथ बाँटने की कोशिश करते हैं। अगर हम सक्षम है कि हम लोगो की मदद कर सके तो हमें उन लोगो की ज़रुर मदद करनी चाहिए। जिनके पास रहने के लिए घर नही है, खाने के लिए खाना नही है। यदि आप ऐसे लोगो की मदद करते है तो मैं इसकी गारंटी लेता हूँ उनकी ख़ुशी को देख कर  आप के चेहरे पर मुस्कराहट ज़रूर आयेगी।   

भौतिक या कृत्रिम ख़ुशी अस्थाई होती है, जो कुछ क्षण के लिए ही होती है। इसीलिए हमें अपने जीवन में वास्तविक सुख को प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए। हमें दूसरो से कभी भी प्रतिस्पर्धा नही करना चाहिए क्योकि ये हमारे ह्रदय के दुःख का कारण बनते है। 

दोस्तों जब हम लम्बे समय से खुश नही होते है तो हमारा मिजाज़ नाखुश और चिडचिडा होने लगता हैं। इसलिए हमें खुश रहना चाहिए और खुश रहने के हमें अपने जीवन को संतुलित रखना होगा। अपने आप को संतुलित रखने के लिए हमें स्वस्थ भोजन खाना चाहिए, नियमित व्यायाम करना चाहिए,  उचित आराम करना चाहिए और समय पर सोना चाहिए। इससे आप तो हमेशा फिट रहेंगे और साथ में खुश भी रहेंगे। और जब आप खुश रहंगे तो दूसरों में भी ख़ुशी बाँट सकते है।

दोस्तों मैं उम्मीद करता हूँ , आप सभी को मेरा ये भाषण अच्छा लगा होगा। मैं आप से यही कहना चाहता हूँ कि खुद खुश रहे और दूसरो को भी खुश रहने की सलाह दे। क्योकि जब हम खुश रहंगे तभी दूसरो को भी खुश रखेंगे। 

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मैं आप सही ये भी कहना चाहता हूँ अगर आप किसी भी तरीके से सक्षम है कि उन लोगो की मदद कर सके जिनके पास कुछ नही। तो आप उनकी मदद जरुर करे क्योकि इससे उन लोगो के जीवन में ख़ुशी आयेगी। और इससे आप को भी ख़ुशी मिलेगी। 

इसी के साथ मैं अपना अंतर्राष्ट्रीय ख़ुशी दिवस पर यह भाषण यहीं समापन कर रहा हूँ। आप सभी बहुत बहुत धन्यवाद और आशा करता हूँ की आपका दिन शुभ हो।

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