शिक्षा के महत्व पर भाषण Speech on Importance of Education in Hindi

शिक्षा के महत्व पर भाषण Speech on Importance of Education in Hindi

इस आर्टिकल में हमने शिक्षा की ज़रूरत पर सुन्दर सा प्रेरणादायक भाषण प्रस्तुत किया है। आशा करते हैं आपको यह स्पीच पसंद आएगा।

शिक्षा के महत्व पर भाषण Speech on Importance of Education in Hindi

आदरणीय प्रिंसिपल सर, सभी शिक्षकगण, सहपाठियों और अभिभावकों को मेरा नमस्कार। मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ।

मेरा नाम…..है. मैं कक्षा… में अध्ययन करता हूं। आज मैं “शिक्षा के महत्व” पर  भाषण प्रस्तुत कर रहा हूँ। हमारे जीवन में शिक्षा बहुत आवश्यक है। बड़े बुजुर्गों का कहना है की अनपढ़ व्यक्ति पशु समान होता है। हमारे जीवन में पढ़ाई का कितना महत्व है ये मैं आपको आज बताऊंगा। पढ़कर ही हम सही और गलत का फैसला कर सकते हैं। हमे ज्ञान का बोध तभी होता है जब हम पढ़े लिखे होंगे।

आजकल बैंक, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट कही भी जाओ सब जगह पढ़ाई की जरूरत पडती है। अब तो टिकट भी अंग्रेजी भाषा में निकलता है। बैंक में पैसा जमा करने और निकालने के लिए फॉर्म भी हिंदी या अंग्रेजी में भरना पड़ता है।

अगर कोई व्यक्ति पढ़ा लिखा नही होगा तो वह बैंकिंग सुविधा का लाभ भी नही ले पायेगा। इस तरह पढ़ाई के बिना सब बेकार है। शिक्षित होने पर ही व्यक्ति सही जीवन बीमा पालिसी, अन्य बचत योजना, टैक्स बचत की जानकारी लेकर सही योजना का लाभ उठा सकता है।

अनपढ़ व्यक्ति समझ ही नही पायेगा की कौन सी योजना अच्छी है और कौन सी बुरी? जीवन के हर क्षेत्र में पढ़ाई लिखाई की जरूरत होती है। उदाहरण के तौर पर अब मोबाईल फोन बहुत जरूरी हो गया है।

फोन, स्मार्ट फोन, टेबलेट में लोगो के नाम हिंदी या अंग्रेजी में सुरक्षित रखे जाते है। मेसेज भी हिंदी या अंग्रेजी में आता है। इसलिए अब देश में अगर कोई व्यक्ति फोन या स्मार्ट फोन इस्तेमाल करना चाहता है तो उसका पढ़ा लिखा होना बेहद जरूरी है।

अब दुकानों, ऑफिस, रेल टिकट काउन्टर, सभी जगह कम्प्यूटर पर काम होता है। कम्प्यूटर अब जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। इस पर काम करने के लिए हिंदी और अंग्रेजी भाषा की अच्छी जानकारी होनी चाहिये। इसलिए सभी माता- पिता अपने बच्चो को शुरू से ही कम्प्यूटर सिखा रहे है।

शिक्षा का महत्व हर जगह है। आजकल नेता, राजनीतिज्ञ लोगो को लुभावने वादे करके वोट मांगने है। जीत जाने पर वो दिखाई नही देते है, ना ही कोई विकास का काम करवाते है। सिर्फ चुनाव में वो वोट मांगने आते है। ऐसे स्वार्थी नेताओ, राजनीतिज्ञों को हम उनके खिलाफ वोट देकर उनको बाहर का रास्ता दिखा सकते है, पर उसके लिए जनता का शिक्षित होना बहुत जरूरी है।

आजकल हर चुनावी साल में चुनाव के दौरान धांधली का आरोप भी लग रहा है। भ्रष्ट नेता बेईमानी और धांधली करके चुनाव जीत जाते है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का सॉफ्टवेर हैक करके किसी ख़ास पार्टी को जीता दिया जाता है।

2017 में उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव के दौरान अन्य पार्टियों ने भारतीय जनता पार्टी पर चुनाव में गड़बड़ी करना का आरोप लगाया। ऐसी व्यवस्था लोकतंत्र के लिए खतरा है। ऐसी गड़बड़ी और धांधली को खत्म करने के लिए हर वोटर को शिक्षित होकर ऐसी पार्टी के खिलाफ वोट करना चाहिये। आजकल हर वोटर को बहुत सावधान रहने की जरूरत है।

आज के समय में जो व्यक्ति शिक्षित नही है, समझ लो की उसने बड़ा अपराध किया है क्यूंकि पढ़ाई न करके उसने अपने साथ साथ समाज और देश के साथ भी अन्याय किया है। इसलिए कहता हूँ दोस्तों कि बच्चे से लेकर बड़ो, महिलाओं और बूढों को भी पढ़ना चाहिये। शिक्षा पाने के बाद ही हमारे अंदर आत्मविश्वास पैदा होता है।

हम कुछ नया आविष्कार कर सकते है, कोई नही व्यवस्था और योजना बना सकते है और दूसरे के भले के लिए किसी नई तकनीक का अविष्कार कर सकते है। इसलिए सभी को पढ़ना चाहिये। पढ़- लिखकर हम सभी अपने नौनिहालों (बच्चो) को अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्कार दे सकते है। अब तो कदम कदम पर शिक्षा की जरूरत होती है।

यदि ATM से पैसा निकालना है तो भी व्यक्ति को हिंदी, अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना चाहिये। आये दिन अखबारों में ठग और बदमाशो के बारे में खबरे छपती रहती है जो भोले भाले ग्रामीणों/ अनपढ़ लोगो का कार्ड बदलकर उनका पैसा निकाल लेते है। इसलिए कहता हूँ की शिक्षा बहुत आवश्यक है।

जो छात्र अच्छी पढाई करते है उनको सरकारी पदों पर अच्छी नौकरी मिल जाती है। उनका जीवन स्तर उच्च हो जाता है। समाज में उनका सम्मान होता है। इसके विपरीत जो छात्र पढने में मन नही लगाते है उनको कही पर नौकरी नही मिलती है।

अनपढ़ लोगो को कोई भी सरकारी/ प्राइवेट संस्था नौकरी नही देना चाहती है। अगर नौकरी देती है तो कम वेतन पर अधिक से अधिक काम लिया जाता है। उनका शोषण किया जाता है। इसलिए कहता हूँ सहपाठियों को सभी को पढ़ना चाहिये।

देश की बेटियों के लिए शिक्षा का महत्व तो और अधिक है। कई बार बुरी ससुराल मिलने पर हमारी बहू, बेटियों को ससुराल वालो का बुरा व्यवहार झेलना होता है।  ऐसे लालची लोग आये दिन दहेज़ की मांग करते है। पूरा न होने पर बेटी पर तरह तरह का जुल्म किया जाता है।

ऐसी भयानक स्तिथि में हमारी बेटियां पुलिस के पास जाकर लिखित शिकायत करके ऐसे ससुराल वालो को ठीक कर सकती है। उनके खिलाफ दहेज़ प्रथा, उत्पीड़न और दूसरे आरोप लगाकर ऐसे लोगो को जेल में बंद करवा सकती है।

सभी बेटियों को अपने अधिकारों की सही जानकारी होनी चाहिये। भारत की सरकार ने दहेज निषेध अधिनियम 1961, महिला संरक्षण अधिनियम 2005 जैसे अनेक कानून बनाये है जिसकी मदद लेने पर पति या ससुराल जनों को 3 साल की जेल हो सकती है। इसलिए सभी बेटियों को जरुर पढ़ना चाहिये जिससे कभी पति या ससुराल पक्ष उनका शोषण न कर सके। ऐसा तभी हो जाएगा जब आप पढ़ी लिखी होगी।

बेटियों के लिए पढ़ाई के और भी लाभ है। कई बार आपका पति आपको कोई जेब खर्च नही देता है ऐसे में आप नौकरी करके खुद अपने पैरो पर खड़ी हो सकती है या चाहे तो अपना एक छोटा सा व्यापार शुरू कर सकती है। आपको किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नही होगी।

जिन बेटियों के माता-पिता गरीब है। घर की हालत अच्छी नही है। वो बेटियों पढ़ लिखकर नौकरी करके घर की स्तिथि अच्छी बना सकती है। अपने माता-पिता का सहारा बन सकती है। मैंने अपने भाषण में आपको शिक्षा के सभी लाभ और महत्व के बारे में बताया है। आशा है आपको मेरा भाषण पसंद आया होगा।

अंत में कहना चाहूँगा कि “शिक्षा है अनमोल रत्न, पढने का सब करो जतन”

इन्ही शब्दों के साथ मैं अपना भाषण समाप्त करता हूँ।

धन्यवाद!

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