देशभक्ति पर भाषण Speech on Patriotism in Hindi

देशभक्ति पर भाषण Speech on Patriotism in Hindi

देशभक्ति क्या है ?? क्या हमें इस शब्द की सही परिभाषा पता भी है ! हम जानते भी हैं कि असल देश भक्ति किसे कहते  ? क्या मायने हैं देश भक्ति के ?

देशभक्ति पर भाषण Speech on Patriotism in Hindi

देशभक्ति क्या है?

दरअसल देश भक्ति का अर्थ होता है ऐसी स्थिति या ऐसा एहसास जिसमें एक व्यक्ति अपने देश को तन मन धन से प्रेम करता है ।वह प्रेम किसी बंधन से नहीं बंधा होना चाहिए। उस प्रेम की कोई सीमा नहीं होती है, वह पूर्ण रूप से पवित्र होता है बिना किसी मिलावट के ।

अब प्रश्न यह आता है कि देश भक्ति का एहसास क्यों होना चाहिए, होना भी चाहिए या नहीं ! इसके क्या फायदे, क्या नुकसान है ?? तो हां बिल्कुल देशभक्ति का एहसास होना चाहिए, बिल्कुल होना चाहिए, इसमें तो कोई दो राय ही नहीं है । बात आती है फायदों पर तो क्या असल में हमें देश भक्ति के भाव में फायदे ढूंढने चाहिए !!

अगर सच में कोई व्यक्ति देश भक्ति के भाव में फायदे ढूंढता है तो सच में धिक्कार है उसकी आत्मा पर, क्योंकि देश भक्ति तो वास्तव में प्रेम है और प्रेम में फायदा नुकसान नहीं देखा जाता है । आपके माता-पिता ने आपको पाल पोस कर इतना बड़ा किया है, क्या आप उनसे प्रेम करने में फायदा या नुकसान ढूंढ सकते हैं ? नहीं ना, यह तो बिल्कुल अमानवीय बात होगी।

मां बाप से तो प्रेम का कोई मोल ही नहीं है, हम तो उनके द्वारा किए हुए इतने उपकार उतार ही नहीं सकते हैं, उतारने की सोच भी नहीं सकते हैं; ठीक उसी प्रकार हमारा रिश्ता अपने देश, अपनी मिट्टी से होता है और होना भी चाहिए, तभी तो कहते हैं की धरती हमारी मां है और मां से तो अटूट बेमतलब का प्रेम होता ही है ।

फिर भी अगर पूछते हैं तो अपने देश से प्रेम क्यों, क्या वजह है, किन वजहों से किसी व्यक्ति को अपने देश से प्रेम होता है, तो उसका उत्तर यह होगा -: हम यहां पैदा होते हैं, इस देश की बहती हुई नदियों का पानी पीते हैं, देश की मिट्टी से उत्पन्न फल सब्जियां अनाज खाते हैं

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इस भोजन के भरण पोषण द्वारा ही हमारा शारीरिक मानसिक विकास होता है, हम परिपक्व होते हैं और मजबूत बनते हैं; संक्षेप में कहें तो इस मिट्टी से ही हम बने हैं और हमारे शरीर का कण-कण इस देश की मिट्टी, हवा, पानी द्वारा ही बना है; तब तो हमें कोटि-कोटि धन्यवाद का भाव रखना चाहिए अर्थात प्रेम भावना भी होनी चाहिए।

इसके अलावा हम देश की संस्कृति में जो वरीयता है उसका आनंद लेते हैं, देश के विभिन्न भागों में आप जाए तो भिन्न-भिन्न प्रकार के लोग पाएंगे, अलग-अलग बोली तरह तरह के व्यंजन हर जगह हर क्षेत्र हर प्रांत में अलग आबोहवा, हर जगह के अलग संस्कार, इतिहास – यही सब तो अमूल्य है, कहने का मतलब है कि आप इन चीजों का मोल नहीं लगा सकते हो, और यही सब तो हमारे चरित्र के सामाजिक विकास के लिए लाभदायक है, इन्हीं सब का तो हम आनंद लेते हैं, यही सब तो आंखों की ठंडक है और दिल का सुकून है।

फिर इन सबके उपरांत देश हमें अलग-अलग भिन्न-भिन्न प्रकार के प्रबंध देता है, ताकि हम अपने हित में कार्य कर सकें, हमें रोजगार के अवसर देता है, हमें आजादी देता है, जो स्वतंत्रता आप अपने देश में महसूस कर सकते हैं वैसे आप कहीं और विदेश में महसूस नहीं कर सकते हैं

इस भाव का मूल्यांकन ही नहीं है, आप इस एहसास को किसी तराज़ू में तोल ही नहीं सकते हैं, यह मुमकिन ही नहीं। हमें अलग अलग सेवा नीतियों में छूट मिलती है, सरकार हमारे लिए अलग-अलग प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराती है, ताकि देश के नागरिक को जीवन व्यापन में कठिनाई न हो ।

सरकार द्वारा अलग-अलग कानून तथा नीतियां बनाई गई होती है ताकि देश के सभी नागरिक, चाहे वह ऊंचे तबके का हो या अल्पसंख्यक हो, सभी को आसानी रहे, यही कोशिश रहती है कि किसी भी विशेष वर्ग को बहुत कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े। देश की सरकार द्वारा ही शिक्षा के नियम कानून भी बनाए हैं, यह कानून नियम उपयोगकर्ता तथा उपभोगकरर्ता के हित में कार्य करने के लिए बनाए जाते हैं।

देश में शिक्षा का प्रबंध होने के कारण ही हम सुविधाजनक तरीके से शिक्षा ग्रहण करते हैं, शिक्षित होते हैं और फिर उसी शिक्षा के ज्ञान द्वारा हम नौकरी करने लायक होते हैं, अपनी आजीविका का प्रबंध करने हेतु, हम सक्षम हो पाते हैं, शिक्षा से ही हम काबिल बनते हैं और इसी से हमारी रोजी-रोटी चलती है, तो इन सब बातों का यही तात्पर्य है कि देश प्रेम अटूट होना चाहिए और बेमतलब होना चाहिए।

अगर एक देश के नागरिक हैं और वहां पले बढ़े हैं और वह देश हमें तमाम सुविधाएं सुविधाओं से लैस करता है तो हमें देश का प्रेम होने के लिए वजह ढूंढने की आवश्यकता नहीं है। मुल्क से मोहब्बत करने के लिए वजह ढूंढना जरूरी नहीं है, यह तो प्रेम है बिना किसी कारण ही होगा

हम चाहे जिस भी देश के नागरिक हो, हमे हमेशा उस देश का नागरिक होने में गर्व महसूस करना चाहिए, चाहे जैसा भी हो, जिस भी स्थिति में हो, पूर्ण रूप से विकसित हो या विकासशील हो, हमें अपने देश से बिना बंधन का प्यार होना ही चाहिए, देश के प्रति स्नेह रखना बहुत मूल्यवान है ।

हमें देश का नागरिक होने में प्रफुल्लित होना चाहिए हमें कभी भी अपने देश की कमियों को लेकर मन में हीन भावना या घृणा नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि हमेशा यह बात ध्यान में रखें कि हर देश में थोड़ी बहुत त्रुटियां तो होती ही है, मायने यह रखता है कि देश में विकास हो और विकास पूर्ण रूप से नागरिकों के कार्यकलाप पर निर्भर होता है, किस देश के नागरिक कितनी ऊर्जावान है कितना कार्य करने की क्षमता रखते हैं, कितने खुश मिजाज हैं, कितने सक्रिय हैं, देश का विकास इन्हीं सब बिंदुओं पर निर्भर करता है।

देश का अच्छा नागरिक बनने के लिए करें?

देश के नागरिकों से ही देश बनता है, हम अपने देश का अच्छा नागरिक बनने के लिए क्या कर सकते हैं ??

  • हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम देश के बनाए हुए सभी नियम कानून का सही से पालन करें।
  • हमें नियमित रूप से सही समय पर टैक्स भरते रहना चाहिए।
  • हमें ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए जिसके द्वारा हमारे देश के गौरव और मान में कमी आए या सम्मान में कोई दाग लगे।
  • हमें अपनी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, अक्सर होता क्या है कि लोग अपने घरों को तो चमकता हुआ रखते हैं, परंतु बाहर गंदगी फैलाते हैं। हमें इस प्रकार सोचना चाहिए कि यह देश भी हमारा घर ही है और किसी का भी घर गंदा अच्छा नहीं लगता है, हमें हमारे घर के बाहरी क्षेत्रों में भी साफ सुथरा रखना चाहिए, कचरा नहीं फैलाना चाहिए।
  • हमें यातायात के सभी नियमों का पालन करना चाहिए क्योंकि यातायात की आवाजाही द्वारा ही देश के दूरदराज के क्षेत्र आपस में जुड़े होते हैं अथवा खरीदारी और बिक्री के संचालन भी यातायात से ही होते है ।
  • हमें देश की सार्वजनिक संपत्ति को ध्यानपूर्वक उपयोग करना चाहिए, जैसे रेल सेवा, बस सेवा, दार्शनिक इमारतें, स्थल सरकारी अस्पताल आदि। हमें किसी भी संपत्ति को बर्बाद नहीं करना चाहिए ।
  • हमें पानी का उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए क्योंकि हम सभी जानते हैं कि दिन-ब-दिन पानी के स्रोत तथा स्तर कम होते जा रहे हैं ।
  • हमें देश के लिए किए गए भलाई के वाले कामों में अपना हाथ बटाना चाहिए।
  • हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाने चाहिए क्योंकि जितना देश में हरियाली होगी उतना ही देश के पर्यावरण एवं आबोहवा में सुधार होगा, वे अच्छे होंगे अथवा नागरिक भी स्वस्थ होंगे।

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