2019 महावीर जयंती पर निबंध Essay on Mahavir Jayanti in Hindi

2019 महावीर जयंती पर निबंध Essay on Mahavir Jayanti in Hindi

2019 महावीर जयंती पर निबंध Essay on Mahavir Jayanti in Hindi

महावीर जयंती Mahavir Jayanti 2019 का महोत्सव 17 अप्रैल, 2019 के दिन मनाया जायेगा। अज हम इस पोस्ट में आपको बताएँगे महावीर जयंती का इतिहास और इसके विषय में पूरी जानकारी निबंध के रूप में। तो चलिए शुरू करते हैं।

महावीर जयंती का इतिहास History of Mahavir Jayanti in Hindi

महावीर जयंती का उत्सव खासकर भारत में जैन धर्म के लोगों द्वारा मनाया जाता है। अन्य सभी धर्मों के लोग भी इस दिन को भारत में मनाते हैं। यह मुख्य तौर पर भगवान महावीर या वर्धमान के जन्म अवसर पर मनाया जाता है।

महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। वो जैन धर्म के प्रवर्तक थे और जैन धर्म के मूल सिधान्तों की स्थापना में उनका अहम योगदान है। उनका जन्म शुक्लपक्ष, चैत्र महीने के 13वें दिन 540 ईसीबी में कुंडलगामा, वैशाली जिला, बिहार में हुआ था। इसलिए प्रतिवर्ष महावीर जयंती के उत्सव को अप्रैल के महीने में बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।

यह दिन जैन धर्म के लिए बहुत ही मायने रखता है। यह दिन  राजपत्रित अवकाश के रूप में पूरे भारत में माना जाता है और लगभग सभी सरकारी दफ्तरों तथा शैक्षिक संसथानों में छुट्टी होता है।

महावीर जयंती का उत्सव Celebration of Mahavir Jayanti

इस दिन को बहुत ही धूम धाम से जैन धर्म के लोग मनाते हैं और अन्य धर्म के लोग भी इस दिन को मनाते हैं। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह उत्सव मार्च या अप्रैल के महीने में पड़ता है।

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इस दिन को सभी भगवान महावीर से जुड़े मंदिर और पवित्र स्थानों को फूलों, ध्वजों से सजाया जाता है। इस दिन भगवान महावीर के भक्त गण पावन स्नान करते हैं और बहुत ही उत्साह और उमंग के साथ पूजा में भाग लेते हैं।

इस दिन की एक परंपरा है कि लोग इस दिन दीन-दुखी लोगों को जर्रोरत की सामग्री जैसे कपड़े, खाना और पैसे भी दान करते हैं। यह सभी प्रकार की सुविधाएँ भारत में कई जगह जैन धर्म के संगठन द्वारा आयोजन किया जाता है।

जगह जगह बड़े जैन मंदिरों जैसे गिरनार और पलिताना, गुजरात – श्री महावीर जी, राजस्तान – पारसनाथ मंदिर, कोल्कता, और बिहार  में महावीर जी की मूर्तियों का अभिषेक किया जाता है और प्रार्थना भी की जाती है।

इन जगहों में कुछ महान व्यक्ति अपने कुछ उच्च सुविचारों को सभी लोगों के समक्ष रखते हैं जिसमें वे जैन समाज के सिद्धांतों को बताते हैं।

भगवान महावीर पर संक्षिप्त जीवनी Short Biography on God Mahavir

  • महावीर भगवान जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उनका जन्म 540 ईसीबी में बिहार के एक शाही परिवार में हुआ था।
  • उनका जन्म राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के घर में हुआ था।
  • यह माना जाता है की उनके जन्म के होने से सभी तरफ खुशियों की लहर ही आगयी थी और सुख शांति हुआ इसलिए उनको वर्धमान यानि वृद्धि भी कहाँ जाता है।
  • आध्यात्मिकता की खोज में उन्होंने 30 वर्ष की आयु में स्वयं का घर छोड़ दिया और साढ़े बारह सालों तक तपस्या किया। कठोर तपस्या के बाद उनको ज्ञान शक्ति की प्राप्ति हुई।
  • वो पुरे भारत में 30 साल तक लोगों को शिक्षा बांटते रहे। उन्होंने सत्य-असत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह के विषय में लोगों को शिक्षा दिया।
  • उन्होंने इन महान सुविचारों को लोगों तक पहुँचाने और शिक्षा देने के लिए जैन धर्म में अपना अहम् योगदान दिया।
  •  72 वर्ष में मृत्यु के बाद, उन्होंने निर्वाण प्राप्त किया और वे जैन धर्म के महान तीर्थंकर में से एक माने गए।

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