वन संरक्षण के 15 बेहतरीन तरीके Best ways to Forest conservation in Hindi

वन संरक्षण के 15 बेहतरीन तरीके Best ways to Forest conservation in Hindi

दोस्तों आज इंसान अपने फायदे के लिए प्रकृति से लगातार छेड़ छाड़ कर रहा है, नतीजा यह है कि इंसान को अपनी ग़लतियों का ख़ामियाज़ा प्राकृतिक आपदा के रूप में मिल रहा है। आज हम अपने फायदे के लिए लगातार वृक्षों को काट रहे है, और काटने से शुद्ध वायु की कमी हो रही है।

साथ साथ जल-स्तर में भारी गिरावट आ रही हैं। क्योंकि वृक्षों की जड़ों से ही पृथ्वी के भूतल में पानी पहुँचता है, वाटर लेवल सामान्य रहता है। आप अभी देख रहे होंगे कि लगातार रूप से कहीं न कहीं बाढ़ आ रही है

बाढ़ का सीधा सा कारण यही है कि जहाँ-जहाँ वृक्षों की कमी होगी वहां बाढ़ के चांसेस ज्यादा होंगे। लेकिन मनुष्य अपने फायदे के लिए लगातार रूप से वृक्षों को काट रहा है अगर ऐसा चलता रहा तो बहुत जल्द भूगर्भ का पानी खत्म हो जाएगा और हर जगह हमको बाढ़ के दृश्य दिखाई देंगे।  

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वन संरक्षण कैसे करें – कुछ ज़बरदस्त तरीके Best ways to Forest conservation in Hindi

आज हम उन समाधान पर बात करेंगे की कैसे हम सब मिलकर अपने वनों की रक्षा कर सकते है, जिससे हम प्रकृति में संतुलन को बनाये रखे, दोस्तों शुरू करते है 15 इसे तरीकों की जिससे हम वनों का संरक्षण कर सके –

1. पुनवनरोपण एवं वनरोपण द्वारा

इस तरीके को अपना कर हम वन संरक्षण कर सकते है-    

पुनवनरोपण द्वारा

पुनवनरोपण(वनीकरण) का मतलब दोबारा से जंगल में कटे हुये वृक्षों की जगह नए वृक्षों को लगाना। जब हम सेलेक्टिंग कटाई के द्वारा, या आग लग जाने के कारण जले हुए वृक्षों की जगह कोई नया पेड़ लगाते है तो उसे ही पुनवनरोपण कहते है, जिससे प्रकृति में संतुलन बना रहता है।

वनरोपण द्वारा

वनरोपण का मतलब पृथ्वी पर वृक्षों को लगाना है। इन सब के अलावा वनरोपण किया जाना चाहिए, इसके माध्यम से जलवायु के हिसाब से कुछ सिलेक्टेड वृक्षों का रोपण किया जा सकता है। इस तरकीब के लिए हमारी भारत सरकार भी मुहिम चला रही है “एक बच्चा एक पेड़” इसके तहत जागरूकता बढ़ाने के लिए 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस के अवसर) पर कई स्कूलों में पेड़ भी बाटे गये।

पेड़ लगाने से ग्लोबल वार्मिंग नियंत्रण में आएगी, एवं जो मौसम में असामनता नज़र आ रही है उसमे भी कमी आयेगी।   

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2. वृक्षों की नियमन एवं नियोजित कटाई करके

हमे कुछ तरीके अपना कर वनों की कटाई तो सीमित कर देना होगा-

Clear cutting

इन तरीकों का उपयोग वहां किया जाता है, जहाँ बहुत बड़े एरिया में एक तरह के कई वृक्ष होते है, वहां एक जैसे दिखने वाले वृक्षों को काट कर अपनी आवश्यकता की पूर्ति की जाती है, ऐसा करने से लोगो की आवश्यकता भी पूरी हो जाती है, और वृक्ष की प्रजाति भी बची रहती है । 

Selective cutting

इस तरीके में वृद्ध बृक्षों का चुनाव करके उनको काट कर उनकी जगह नए वृक्षों का रोपण किया जाता है, इससे लोगो की आवश्यकता भी पूरी हो जाती है, और ऐसा हमे  लगातार रूप से करना चाहिए। 

Shelter wood cutting

इस तरीके में उनुपयोग वृक्षों का चुनाव करके उनकी कटाई करनी चाहिए, और कटाई इस अनुपात में होना चाहिए जिससे लोगो की जरुरत भी पूरी हो सके और वृक्षों की कटाई की अधिकता में लगाम लग सके।

इस तरह की कटाई के लिए पूरे वन का मात्र 10 प्रतिशत हिस्सा ही चुना जाना चाहिए और ऐसी कोशिश  की जानी चाहिए जिससे इन वनों की सुरक्षा हो सके, वन की कटाई में समय अंतराल होने से वृक्षों की रिग्रोथ उपयोगी साबित होगी।

3. जंगल की आग को नियंत्रित करके

वनों को अधिक नुकसान जब होता है, जब दावानल अपना विकराल रूप लेती है, दावानल का तात्पर्य जंगल की आग से है, क्योंकि जंगल की आग इतनी तेज़ी से फैलती है, कि उस पर कंट्रोल पाना लगभग असंभव होता है यह न केवल वन संपदा के लिए बल्कि संपूर्ण प्रशासन व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर देती है।

दावानाल अधिकतर मौसमी होता है जो अधिकतर ड्राई सीजन में स्टार्ट होता है, जिसको कुछ सावधानी बारत के रोका जा सकता है, ब्रिटिश काल में जंगल की आग को रोकने के लिए एक्स्ट्रा फैले सूखे पत्तों को हटा दिया जाता था और उसे अलाव के लिए इस्तेमाल किया जाता था, क्योंकि जंगल की आग बढ़ने का मुख्य कारण सुखी पत्तिया और कुछ मानवीय लापरवाही होती है।

कुछ सावधानी बरत कर जंगल की आग को कंट्रोल किया जा सकता है, जैसे  –

  • अति ज्वलनशील पदार्थों को वनों की पहुँच से दूर रखा जाना चाहिए
  • आग के स्त्रोत को निगरानी और कंट्रोल में रखा जाये
  • आग को रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए
  • ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग ना होने पर उसका स्टॉक नही रखा जाये   
  • ड्राई सीजन आने पर वनों की साफ़ सफाई पर विशेष ध्यान रखा जाये
  • जलती सिगरेट को खुले में फेंके
  • इलेक्ट्रिसिटी wire को मेन्टेन करे
  • फायर इक्विपमेंट के साथ प्रशिक्षित स्टाफ रखे

इन तरीकों का इस्तेमाल करके सालाना लगभग 21.5 मिलियन एकड़ लकड़ी को सुरक्षित कर सकते है. USA में वन कटाई का मुख्य कारण जंगल की आग ही है।     

4. वृक्षों के संरक्षण द्वारा

हमे बचे हुए वनों की रक्षा करना चाहिए, जिससे जो भी वन हमारे पास उपलब्ध है, उसकी हम रक्षा कर सके क्योंकि वृक्षों में कई प्रकार के रोग होने के कारण भी वृक्षों को नुक्सान पहुँचता है इसके लिए रासायनिक स्प्रे, कीटाणु नाशक दवाइयों का उपयोग किया जाना चाहिए, कमर्शियल कटाई के अलावा ग्रेज़िंग भी वनों के हनन का मुख्य कारण है।

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5. लकड़ी से बनी वस्तुओं का कम मात्र में उपयोग करके

वनों की रक्षा के लिए हमे लकड़ी पर dependency को कम करना होना जिससे की वनों की कटाई में कमी आ सके। जैसे आज हम सभी लकड़ी के फर्नीचर का यूज़ करते है, इसकी जगह हम आज बाज़ार में आ रहे प्लास्टिक के फर्नीचर का उपयोग कर सकते है, आज प्लास्टिक के फर्नीचर बाज़ार में तेज़ी से आ रहे है और कई लोगो की पसंद बनते जा रहे है चाहे वो दरवाज़ा हो, पार्टीशन, अलमारी, फर्नीचर आदि क्यों ना हो ।

6. अन्त्येष्टि क्रिया में उपयोग न करके

दोस्तों हिन्दू धर्म में लोग अपने मरे लोगो को लकड़ी की बनी चिता में जलाते है, अगर हम चाहे तो मरे हुए लोगो को गोवर की बनी लकड़ियों का उपयोग करके ये क्रिया कर सकते है, आज कई शहर इस पद्धति को अपना रहे है। इससे वनों की कटाई में भी कमी आयेगी।

7. पर्यटन के माध्यम से जागरूकता फैलाकर

वन एक पर्यटन के हिसाब से घूमने का डेस्टिनेशन हो सकता है, इससे वनों को अधिक महत्व मिलेगा साथ में सुरक्षा भी, इसके माध्यम से पर्यटकों को वनों के महत्व के बारे में बताया जायेगा, और वन वित्तीय संग्रह का साधन भी साबित हो सकते है । महत्व जानने के बाद लोग वनों के संरक्षण में मदद करेंगे।

8. सरकार द्वारा एक्शन लेकर

कुछ फैक्टर्स ऐसे है जिनमे सरकार कुछ एक्शन लेकर वनों का संरक्षण कर सकती है जैसे-

  • वन संरक्षण नियम को पारित करके
  • लकड़ी से बने संसाधन का अत्यधिक उपयोग रोक कर
  • पुनवनरोपण स्थान को जान कर और वृक्षारोपण करा कर    
  • नेशनल पार्क को डेवेलप करके
  • वन संरक्षण में गवर्नमेंट के रोल द्वारा
  • जन साधारण को वनों का महत्व बताकर
  • जन साधारण को वनरोपण के लिए उत्साहित करके 

9. वन प्रवंधन द्वारा

वन प्रबंधन भी वन कटाई को रोकने में एक मुख्य भूमिका निभाता है, जिसमे निम्न बिंदु आते है-

  • वन प्रबंधन द्वारा समय-समय पर वनों का सर्वे करके
  • वनों के वर्गीकरण करके उनको अलग अलग केटेगरी में बाँट कर
  • पर्यटन को बढ़ावा देकर उनसे आयी रेवेनु का वन रोपण कार्य करके
  • वन संरक्षण का प्रशिक्षण देकर
  • नयी तकनीक का उपयोग कर के  

10. बम्बू ट्री पेपर का उपयोग करके

हम वनों के संरक्षण के लिए लकड़ी से बने पेपर का उपयोग ना करके बम्बू से बने पेपर का उपयोग कर सकते है क्योंकि एक पेड़ की अपेक्षा बम्बू ट्री महज 5 साल में बड़ा हो जाता है। बम्बू ट्री रिन्यूअल सोर्स होता है इसीलिए कई जगह इसका यूज़ किया जा रहा है, यह सो-एल एरोसन में भी मदद करता है।    

11. अवैध रूप से होने वाली कटाई को रोक कर

वनों की कटाई का मुख्य कारण व्यापारिक रूप से काटे जाने वाले बृक्ष है, सर्वे के अनुसार 1600 मिलियन क्यूबिक मीटर लकड़ी विश्व में विभिन्न उपयोग के लिए इस्तेमाल की जाती है। वैसे तो वृक्षों को बारामासी संसाधन के रूप में माना जाता है, लेकिन जब हाई स्केल पर वृक्षों की कटाई की जाएगी तो उनका लम्बे समय तक रहना मुमकिन नहीं है। पहाड़ी इलाकों में हरे भरे पेड़ो की अवैध रूप से कटाई होने के कारण पर्यावरण संकट बढ़ता जा रहा है।

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लोगो द्वारा अपने फायदे के लिए कीमती लकड़ी की कटाई कर जंगलों को खत्म करने का कार्य बड़ी तेज़ी से किया जा रहा है। भविष्य में प्रदूषण बढ़ने की सम्भावना दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पहाड़ों पर कई ऐसे पेड़ व पौधे होते हैं, जो कई बीमारियों के लिए संजीवनी का कार्य करते हैं, लेकिन पेड़ो की कटाई करने वाले इन औषधियों को भी नहीं छोड़ते। शासन द्वारा इन पेड़ो की कटाई करने वाले लोगों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई कर रही है।

12. वन एवम वन प्रोडक्ट्स का प्रॉपर उपयोग द्वारा

अधिकतर पेड़ो को लकड़ी के गत्ठो के लिए काटा जाता है और बाकी बची हुई स्क्रैप को बेकार मलबे के रूप में छोड़ दिया जाता है। इसी प्रकार बड़ी बड़ी फ़ैक्टरी में और अधिक मात्र में स्क्रैप बचता है जिसका आगे उपयोग नही किया जाता।

हमे इस प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ का उपयोग करने की आवश्यकता है। ऐसा करने से वनों का अधिकतम उपयोग होगा और अपशिष्ट पदार्थ का सदुपयोग हो सकेगा। आज, कई उपयोग विकसित किए गए हैं और उत्पाद जैसे कि वाटर प्रूफ glues, आदि प्राप्त किए जा सकते हैं।

13. वनों को बेचने से रोक कर

आज कई किसान अपनी अग्रीकल्चर भूमि को बेच रहे है और उस पर आज फ़ैक्टरी या मकान का निर्माण कराया जा रहा है, इसका सीधा सा कारण है की किसानों को उनकी मेहनत की सही कीमत नही मिल पा रही है, जिसके कारण उनको अपने खेत बेचने पड़ रहे है ऐसे में सरकार को चाहिए की किसानों की मदद की जाये जिससे किसान को अपने खेत ना बेचने पड़े और वनों को संरक्षण के तहत उनके वृक्षों का संरक्षण हो सके।          

14. खाना बनाने में लकड़ी का उपयोग कम करके

वैसे तो सरकार आज ईंधन के रूप में उपयोग होने वाली लकड़ी के लिए पर्याप्त कोशिश कर रही है और आम जनता को फ्री रसोई गैस उपलब्ध करा रही है, लेकिन फिर भी कई जगह आज भी लड़की के ईंधन के उपयोग रसोई कार्य के लिए किया जा रहा है। इसे में उनको रसोई गैस का उपयोग करना चाहिए यदि किसी कारण वश उपलब्ध ना हो तो गोबर के बने कंडे का उपयोग कर के वनों का संरक्षण किया जा सकता है।

15. पेपर प्रिंट का उपयोग कम करके

आज के समय में हम जितना डिजिटल हो रहे है उतना ही हम आज प्रिंटिंग पेपर की और बढ़ रहे है। क्योंकि पेपर के निर्माण लकड़ी के द्वारा ही किया जाता है और हम लगातार रूप से हम पेपर प्रिंटिंग कर रहे है जैसे-

  • बिल प्रिंटिंग
  • बुक प्रिंटिंग
  • मैगज़ीन
  • पेपर टॉवल
  • पेपर कटलरी  
  • न्यूज़ पेपर
  • चाय कप आदि

इन सब को अवॉयड कर के हमे जरुरत है डिजिटल रूप से चीजों को संजोने की ना की पेपर रूप में, हमे डिजिटल बुक, ऑनलाइन मैगज़ीन, यूज़ कटलरी (प्लास्टिक) आदि का उपयोग करके वन संरक्षण में मदद करना चाहिए।

दोस्तों यह थे कुछ ऐसे वन संरक्षण के तरीके जिनको हम आप अपना कर वन संरक्षण में मदद कर सकते है, क्योंकि सभी के द्वारा लिया गया एक एक कदम ही हमे आगे उन्नति की ओर अग्रसर करेगा ।

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